दल-बदल विरोधी कानून: दसवीं अनुसूची — अभ्यास क्विज़
52वाँ संशोधन व दसवीं अनुसूची — पृष्ठभूमि, अयोग्यता के 3 आधार, विलय अपवाद, 91वाँ संशोधन, अध्यक्ष की भूमिका, किहोतो होलोहन से सुभाष देसाई तक निर्णय, सुधार-सुझाव, ट्रिक्स व 10 MCQ। 20 प्रश्न, व्
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दल-बदल विरोधी कानून: दसवीं अनुसूची — अभ्यास क्विज़: क्विज़ परिचय
इस क्विज़ में भारतीय राजव्यवस्था विषय के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रमुख टॉपिक: 52वाँ संशोधन, 91वाँ संशोधन, विलय अपवाद, निर्णायक प्राधिकारी।
नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।
नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित
प्रश्न 1. दल-बदल विरोधी कानून (दसवीं अनुसूची) किस संविधान संशोधन द्वारा जोड़ा गया?
सही उत्तर: (A) 52वाँ संशोधन
व्याख्या: 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा दसवीं अनुसूची जोड़ी गई।
प्रश्न 2. 91वें संविधान संशोधन (2003) ने दसवीं अनुसूची से कौन-सा अपवाद हटा दिया?
सही उत्तर: (B) विधायक दल के एक-तिहाई सदस्यों के 'विभाजन' का अपवाद
व्याख्या: 91वें संशोधन ने पैरा 3 (एक-तिहाई विभाजन) का लोप किया; अब केवल दो-तिहाई विलय का अपवाद शेष है।
प्रश्न 3. दसवीं अनुसूची के अंतर्गत विलय (merger) का अपवाद तभी लागू होता है जब विधायक दल के कम से कम कितने सदस्य विलय से सहमत हों?
सही उत्तर: (C) दो-तिहाई
व्याख्या: पैरा 4 के अनुसार विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों की सहमति होने पर ही विलय माना जाता है।
प्रश्न 4. दसवीं अनुसूची के अंतर्गत दल-बदल पर अयोग्यता का प्रश्न कौन तय करता है?
सही उत्तर: (D) संबंधित सदन का अध्यक्ष या सभापति
व्याख्या: पैरा 6 के अनुसार यह प्रश्न सदन का अध्यक्ष/सभापति तय करता है; उसका निर्णय न्यायिक पुनरावलोकन के अधीन है।
प्रश्न 5. किस निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने दसवीं अनुसूची को वैध माना पर अध्यक्ष के निर्णय को न्यायिक पुनरावलोकन के अधीन घोषित किया?
सही उत्तर: (A) किहोतो होलोहन बनाम ज़ाचिल्हू
व्याख्या: किहोतो होलोहन (1992) में पैरा 7 (न्यायालयों के क्षेत्राधिकार का वर्जन) अमान्य घोषित हुआ और अध्यक्ष को न्यायाधिकरण माना गया।
प्रश्न 6. किहोतो होलोहन निर्णय में दसवीं अनुसूची का पैरा 7 अमान्य क्यों घोषित किया गया?
सही उत्तर: (B) क्योंकि यह अनुच्छेद 368(2) के अंतर्गत आवश्यक राज्यों के अनुसमर्थन के बिना पारित हुआ था
व्याख्या: पैरा 7 उच्च न्यायालयों व सर्वोच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार को प्रभावित करता था, इसलिए इसके लिए आधे राज्यों का अनुसमर्थन आवश्यक था, जो नहीं लिया गया।
प्रश्न 7. मनोनीत सदस्य किस स्थिति में दसवीं अनुसूची के अंतर्गत अयोग्य हो जाता है?
सही उत्तर: (C) सदन में स्थान ग्रहण करने के 6 माह बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होने पर
व्याख्या: मनोनीत सदस्य स्थान ग्रहण के 6 माह के भीतर दल चुन सकता है; उसके बाद शामिल होने पर अयोग्य हो जाता है।
प्रश्न 8. निर्दलीय निर्वाचित सदस्य निर्वाचन के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल हो जाए तो क्या परिणाम होगा?
सही उत्तर: (D) वह सदन की सदस्यता से अयोग्य हो जाता है
व्याख्या: पैरा 2(2) के अनुसार निर्दलीय सदस्य निर्वाचन के बाद किसी दल में शामिल हो तो अयोग्य हो जाता है; 6 माह की छूट केवल मनोनीत सदस्यों के लिए है।
प्रश्न 9. दल के निर्देश (व्हिप) के विरुद्ध बिना पूर्व अनुमति मतदान करने वाले सदस्य को दल कितने दिनों के भीतर क्षमा (condone) कर सकता है, जिससे अयोग्यता न हो?
सही उत्तर: (A) 15 दिन
व्याख्या: पैरा 2(1)(b) के अनुसार दल 15 दिन के भीतर क्षमा कर दे तो अयोग्यता नहीं होती।
प्रश्न 10. कथन 1: दल-बदल पर अयोग्यता का प्रश्न अध्यक्ष स्वतः संज्ञान लेकर उठा सकता है। कथन 2: दसवीं अनुसूची संसद और राज्य विधानमंडलों दोनों पर लागू होती है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
सही उत्तर: (B) केवल कथन 2
व्याख्या: अध्यक्ष स्वतः संज्ञान नहीं लेता, किसी सदस्य की लिखित याचिका पर कार्यवाही करता है; दसवीं अनुसूची संसद व विधानमंडल दोनों पर लागू है।
शेष 10 प्रश्न लॉगिन के बाद क्विज़ में उपलब्ध हैं।
आगे की तैयारी
- इसका नोट: दल-बदल विरोधी कानून: दसवीं अनुसूची, अयोग्यता एवं अध्यक्ष की भूमिका
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