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राजस्थान में संभागीय आयुक्त: नियुक्ति, शक्तियाँ एवं कार्य

Sudhir SirSudhir Sir (इतिहास विशेषज्ञ)
7 अक्टूबर 2026
अंतिम समीक्षा: 7 अक्टूबर 2026
10 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: RPSC RAS / RSMSSB CET पाठ्यक्रम — राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था इकाई। भारत का संविधान एवं संबंधित राज्य अधिनियम।

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राजस्थान में संभागीय आयुक्त: नियुक्ति, शक्तियाँ एवं कार्य

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नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

⚡ Quick Answer: संभागीय आयुक्त राजस्थान के किसी संभाग का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है। वह वरिष्ठ IAS अधिकारी होता है, जिसे राज्य सरकार नियुक्त करती है। वह संभाग के जिला कलेक्टरों का पर्यवेक्षण, विभागीय समन्वय, राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम 1956 के अंतर्गत राजस्व अपील/पुनरीक्षण, योजनाओं की समीक्षा और जनसुनवाई करता है। राज्य में 7 संभाग हैं (जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भरतपुर)। परीक्षा-पुस्तकों के अनुसार यह पद अप्रैल 1962 में समाप्त और जनवरी 1987 में पुनः स्थापित हुआ। भरतपुर 2005 में सातवाँ संभाग बना।

🕒 करेंट अपडेट (अक्टूबर 2026 तक): राज्य में 7 संभाग हैं — जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भरतपुर। 5 अगस्त 2023 को बने बाँसवाड़ा, पाली व सीकर संभाग 30 दिसंबर 2024 को निरस्त किए गए (Bharatnotes; राजस्व विभाग अधिसूचना)। 2026 में संभागीय आयुक्त बजट घोषणाओं व जनसुनवाई की संभाग-स्तरीय समीक्षा कर रहे हैं। पदधारी व संख्याएँ बदलती रहती हैं — परीक्षा से पहले करेंट अफेयर्स से अवश्य मिलाएँ।

📌 संभागीय आयुक्त — एक नज़र में — एक नज़र में

  1. पद: संभाग का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी
  2. सेवा: वरिष्ठ IAS
  3. नियुक्ति: राज्य सरकार
  4. संभाग: 7 — 41 जिले
  5. इतिहास: 1949 में 5 संभाग; 1962 पद समाप्त; 1987 पुनः स्थापित
  6. आधार: राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956
  7. कार्य: पर्यवेक्षण, समन्वय, राजस्व अपील, निरीक्षण
  8. सहायक: अतिरिक्त संभागीय आयुक्त

1. संभागीय आयुक्त — राज्य और जिले के बीच की कड़ी

राजस्थान क्षेत्रफल में देश का सबसे बड़ा राज्य है; जयपुर स्थित सचिवालय से 41 जिलों की सीधी निगरानी कठिन है। इसलिए कई जिलों को मिलाकर संभाग बनाए गए हैं, और हर संभाग का प्रमुख संभागीय आयुक्त (Divisional Commissioner) होता है। वह वरिष्ठ IAS अधिकारी होता है, जो संभाग के सभी जिला कलेक्टरों के काम का पर्यवेक्षण करता है, विभागों के बीच समन्वय करता है, राजस्व मामलों में अपीलें सुनता है और राज्य सरकार को संभाग की स्थिति से अवगत कराता है। सरल शब्दों में — मुख्य सचिव राज्य की “आँख” हैं तो संभागीय आयुक्त संभाग की।

2. संभागीय व्यवस्था का इतिहास

वर्षघटना
1949राजस्थान गठन के साथ 5 संभाग — जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा
अप्रैल 1962मोहनलाल सुखाड़िया सरकार ने संभागीय आयुक्त का पद समाप्त किया (परीक्षा-पुस्तकों के अनुसार)
जनवरी 1987हरिदेव जोशी सरकार ने पद पुनः स्थापित किया; अजमेर छठा संभाग
4 जून 2005भरतपुर सातवाँ संभाग
5 अगस्त 2023बाँसवाड़ा, पाली, सीकर — तीन नए संभाग (कुल 10)
30 दिसंबर 2024तीनों नए संभाग निरस्त — पुनः 7 संभाग

विस्तार से: राजस्थान के संभाग — गठन व पुनर्गठन।

3. सात संभाग — जिले व संख्या

संभागजिलेसंख्या
जयपुरजयपुर, दौसा, अलवर, सीकर, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा7
जोधपुरजोधपुर, फलोदी, बाड़मेर, बालोतरा, जैसलमेर, जालौर, सिरोही, पाली8
अजमेरअजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, नागौर, डीडवाना-कुचामन, टोंक6
उदयपुरउदयपुर, सलूंबर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर7
कोटाकोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़4
बीकानेरबीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़4
भरतपुरभरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर5

🎯 प्रशासन — अभ्यास

संभागीय आयुक्त का इतिहास (1962/1987) और संभाग-जिला मिलान RAS, पटवारी व CET में बार-बार पूछे जाते हैं:

सभी परीक्षाओं की टेस्ट सीरीज़: सुयोग अकादमी टेस्ट सीरीज़ | रोज़ाना अपडेट: डेली करेंट अफेयर्स

4. संभागीय आयुक्त के कार्य व शक्तियाँ

क्षेत्रकार्य
पर्यवेक्षणसंभाग के कलेक्टरों, उपखंड व तहसील कार्यालयों का निरीक्षण व मूल्यांकन
राजस्वभू-राजस्व अधिनियम 1956 के अंतर्गत राजस्व अधिकारी; निर्धारित मामलों में अपील/पुनरीक्षण; राजस्व वसूली की समीक्षा
समन्वयसंभाग-स्तरीय विभागीय अधिकारियों की बैठकें; अंतर-जिला विवाद
विकासफ्लैगशिप योजनाओं व बजट घोषणाओं की प्रगति-समीक्षा
कानून-व्यवस्थाIG रेंज व कलेक्टरों के साथ गंभीर स्थितियों में समन्वय
आपदा व चुनावआपदा राहत व चुनाव तैयारियों की संभाग-स्तरीय निगरानी
जनसुनवाईजनशिकायतों की सुनवाई; राजस्थान संपर्क मामलों की समीक्षा
राज्य को रिपोर्टसंभाग की प्रशासनिक स्थिति से सरकार को अवगत कराना

5. संभागीय आयुक्त बनाम जिला कलेक्टर

बिंदुसंभागीय आयुक्तजिला कलेक्टर
क्षेत्रसंभाग (4–8 जिले)एक जिला
भूमिकापर्यवेक्षक व समन्वयकक्रियान्वयनकर्ता व जिला प्रमुख
मजिस्ट्रेटी शक्तिसीमित/पर्यवेक्षीजिला मजिस्ट्रेट — व्यापक
जनता से संपर्कअपेक्षाकृत कमप्रत्यक्ष व दैनिक
पद की निरंतरता1962–1987 के बीच समाप्त रहानिरंतर

6. महत्व और आलोचना

पक्षबिंदु
महत्वबड़े राज्य में प्रभावी निगरानी; कलेक्टरों का मार्गदर्शन; क्षेत्रीय समस्याओं की समझ
महत्वसचिवालय पर कार्यभार कम; त्वरित समन्वय
आलोचनाएक अतिरिक्त स्तर से फाइलों में देरी; शक्तियों का अस्पष्ट होना
आलोचनाडिजिटल निगरानी (वीडियो कॉन्फ्रेंस) के युग में भूमिका पर प्रश्न

RAS मुख्य परीक्षा — संभावित प्रश्न

  1. राजस्थान में संभागीय आयुक्त के पद के इतिहास व वर्तमान प्रासंगिकता पर टिप्पणी कीजिए। (100 शब्द)
  2. संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर के संबंध बताइए। (50 शब्द)
  3. 2023 में बने संभागों के निरस्तीकरण के कारण लिखिए। (50 शब्द)
  4. राजस्थान का सातवाँ संभाग कौन-सा है? (15 शब्द)

उत्तर-संकेत: परिचय (परिभाषा/स्थिति) → 3–4 मुख्य बिंदु (कानून, तथ्य, उदाहरण) → राजस्थान-विशिष्ट संदर्भ → संतुलित निष्कर्ष। शब्द-सीमा का पालन करें।

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📊 प्रश्न-पैटर्न विश्लेषण — किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?

प्रश्न का प्रकारउदाहरणहल करने की कुंजी
इतिहास1962/1987खंड 2
संभाग7 — नामखंड 3
क्रमअजमेर 6वाँ, भरतपुर 7वाँखंड 2
जिलेजोधपुर 8, कोटा-बीकानेर 4खंड 3
कार्यपर्यवेक्षण, राजस्वखंड 4

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संभागीय आयुक्त कौन होता है?

संभाग का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी — वरिष्ठ IAS, जो संभाग के जिलों का पर्यवेक्षण व समन्वय करता है।

राजस्थान में संभागीय आयुक्त का पद कब समाप्त और कब बहाल हुआ?

परीक्षा-पुस्तकों के अनुसार अप्रैल 1962 में समाप्त और जनवरी 1987 में पुनः स्थापित।

राजस्थान में कितने संभाग हैं?

7 — जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भरतपुर।

राजस्थान का सबसे नया संभाग कौन-सा है?

वर्तमान 7 में भरतपुर (4 जून 2005); 2023 के बाँसवाड़ा, पाली, सीकर संभाग 2024 में निरस्त हो गए।

सबसे अधिक जिलों वाला संभाग कौन-सा है?

जोधपुर संभाग — 8 जिले।

📝 अभ्यास MCQ (10 प्रश्न, उत्तर-व्याख्या सहित)

  1. परीक्षा-पुस्तकों के अनुसार संभागीय आयुक्त का पद समाप्त किया गया —

    (A) अप्रैल 1962 (B) जनवरी 1987 (C) 1949 (D) 2005

    ✅ उत्तर: (A) अप्रैल 1962 — मोहनलाल सुखाड़िया सरकार।

  2. संभागीय आयुक्त का पद पुनः स्थापित —

    (A) जून 2005 (B) अगस्त 2023 (C) जनवरी 1987 (D) अप्रैल 1962

    ✅ उत्तर: (C) जनवरी 1987 — हरिदेव जोशी सरकार।

  3. राजस्थान का सातवाँ संभाग —

    (A) कोटा (B) सीकर (C) भरतपुर (2005) (D) अजमेर (1987)

    ✅ उत्तर: (C) भरतपुर (2005) — 4 जून 2005।

  4. 1987 में संभागीय व्यवस्था की बहाली के साथ जुड़ा नया संभाग —

    (A) अजमेर (B) भरतपुर (C) पाली (D) बाँसवाड़ा

    ✅ उत्तर: (A) अजमेर — छठा संभाग।

  5. 2023 में बने संभाग जो 2024 में निरस्त हुए —

    (A) नागौर, चूरू, अलवर (B) जालौर, टोंक, दौसा (C) बाँसवाड़ा, पाली, सीकर (D) अजमेर, कोटा, भरतपुर

    ✅ उत्तर: (C) बाँसवाड़ा, पाली, सीकर — 5 अगस्त 2023 → 30 दिसंबर 2024।

  6. संभागीय आयुक्त किस सेवा से?

    (A) IPS (B) RTS (C) IAS (D) RAS

    ✅ उत्तर: (C) IAS — वरिष्ठ IAS।

  7. संभाग गठन का वैधानिक आधार —

    (A) पंचायती राज अधिनियम 1994 (B) पुलिस अधिनियम 2007 (C) नगरपालिका अधिनियम 2009 (D) राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956

    ✅ उत्तर: (D) राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 — धाराएँ 15–16 (अधिसूचना)।

  8. सबसे कम जिलों वाले संभाग —

    (A) उदयपुर (B) कोटा व बीकानेर (4-4) (C) जोधपुर (D) जयपुर

    ✅ उत्तर: (B) कोटा व बीकानेर (4-4) — जोधपुर में सर्वाधिक 8।

  9. संभागीय आयुक्त का प्रमुख कार्य —

    (A) विधायन (B) न्यायिक दंड (C) पुलिस भर्ती (D) संभाग के जिलों के प्रशासन का पर्यवेक्षण व समन्वय

    ✅ उत्तर: (D) संभाग के जिलों के प्रशासन का पर्यवेक्षण व समन्वय — साथ में राजस्व अपील।

  10. मूल रूप से 1949 में संभागों की संख्या —

    (A) 7 (B) 6 (C) 10 (D) 5

    ✅ उत्तर: (D) 5 — जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा।

⚡ One-Liner Revision (Key Facts)

  1. संभाग — 7
  2. पद समाप्त — अप्रैल 1962
  3. पुनः स्थापित — जनवरी 1987
  4. छठा संभाग — अजमेर (1987)
  5. सातवाँ — भरतपुर (2005)
  6. 2023 के संभाग — बाँसवाड़ा, पाली, सीकर
  7. निरस्त — 30 दिसंबर 2024
  8. सर्वाधिक जिले — जोधपुर (8)

✅ मुख्य बिंदु (Key Points)

  • संभाग — राज्य व जिले के बीच कड़ी।
  • पद 25 वर्ष तक समाप्त रहा।
  • वैधानिक आधार भू-राजस्व अधिनियम।
  • जिला-मिलान परीक्षा में महत्वपूर्ण।

🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें

  • 1962 समाप्त, 1987 बहाल — क्रम न उलटें।
  • भरतपुर 7वाँ, अजमेर 6वाँ।
  • पाली वर्तमान में जोधपुर संभाग में।

🧠 याद रखने की ट्रिक

“49 में पाँच, 62 में ताला, 87 में खुला, 05 में सात”।

👨‍🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी

संभाग-जिला मिलान तालिका को नक्शे पर अंकित करके याद करें — नए जिले अपने मूल जिले के संभाग में ही हैं, यह सूत्र अधिकांश भ्रम दूर कर देता है।

✍️ अभ्यास करें — टेस्ट सीरीज़, क्विज़ व करेंट अफेयर्स

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📚 संबंधित नोट्स (आगे क्या पढ़ें?)

📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत

  • Bharatnotes — 7 संभाग, 41 जिले (30 दिसंबर 2024); संभाग गठन/निरस्तीकरण तिथियाँ।
  • Utkarsh — भजनलाल सरकार द्वारा 9 जिले व 3 संभाग निरस्त।
  • राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 (धाराएँ 15–16)।
  • राजस्थान लोक प्रशासन — मानक पाठ्य-पुस्तकें (1962/1987)।
  • Patrika — उपखंड/तहसील पुनर्गठन 2026।

Author Byline

लेखक: सुयोग अकादमी राजव्यवस्था एवं प्रशासन संपादकीय टीम

तथ्य जाँच एवं संपादन: सुधीर ढाका (BSc-BEd), सुयोग अकादमी

विषय: राजस्थान में संभागीय आयुक्त

स्रोत-आधार: भारत का संविधान (नवीनतम संस्करण), संबंधित राज्य अधिनियम (India Code), संस्थाओं की आधिकारिक वेबसाइटें तथा राजस्थान सरकार के प्रकाशन।

परीक्षा उपयोगिता: RAS/RTS प्रारंभिक व मुख्य, Rajasthan CET, पटवारी, VDO, LDC, पुलिस, शिक्षक भर्ती एवं अन्य RPSC/RSSB परीक्षाएँ

संपादकीय नोट: 1962 व 1987 की तिथियाँ परीक्षा-पुस्तकों पर आधारित हैं; संभाग-जिला मिलान दिसंबर 2024 के निर्णय के अनुसार है।

अंतिम समीक्षा: 5 अक्टूबर 2026

अंतिम संशोधन (Last Updated): 7 अक्टूबर 2026
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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. परीक्षा-पुस्तकों के अनुसार संभागीय आयुक्त का पद समाप्त किया गया —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q2. संभागीय आयुक्त का पद पुनः स्थापित —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q3. राजस्थान का सातवाँ संभाग —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q4. 1987 में संभागीय व्यवस्था की बहाली के साथ जुड़ा नया संभाग —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q5. 2023 में बने संभाग जो 2024 में निरस्त हुए —

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

7।

अप्रैल 1962।

जनवरी 1987।

भरतपुर।

IAS।

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