राजस्थान में जिला योजना समिति (District Planning Committee): गठन एवं कार्य
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स्रोत आधार: RPSC RAS / RSMSSB CET पाठ्यक्रम — राजस्थान की राजनीतिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था इकाई। भारत का संविधान एवं संबंधित राज्य अधिनियम।
राजस्थान में जिला योजना समिति (District Planning Committee): गठन एवं कार्य
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⚡ Quick Answer: राजस्थान में जिला योजना समिति (DPC) संविधान के अनुच्छेद 243ZD (74वाँ संशोधन) और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 121 के अंतर्गत हर जिले में गठित होती है। इसमें 25 सदस्य होते हैं। 20 निर्वाचित सदस्य जिला परिषद व नगर निकायों के निर्वाचित सदस्यों में से, ग्रामीण-शहरी जनसंख्या के अनुपात में चुने जाते हैं (संवैधानिक न्यूनतम 4/5)। 5 नामित सदस्य होते हैं — कलेक्टर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, जिला परिषद CEO और 2 सांसद/विधायक। गणपूर्ति निर्वाचित सदस्यों का 33% है। DPC पंचायतों व नगर निकायों की योजनाओं को समेकित कर जिला विकास योजना का प्रारूप राज्य सरकार को भेजती है, जिसमें स्थानिक नियोजन, जल-संसाधन, अवसंरचना व पर्यावरण का ध्यान रखा जाता है। 10 लाख+ महानगरों हेतु अनु. 243ZE में महानगर योजना समिति का प्रावधान है।
🕒 करेंट अपडेट (अक्टूबर 2026 तक): 2026 में राज्य के 41 जिलों में नई जिला परिषदों (पंचायत चुनाव अक्टूबर–नवंबर 2026) और नए नगर निकाय बोर्डों (सितंबर 2026) के गठन के बाद जिला योजना समितियों का पुनर्गठन होगा, क्योंकि DPC के 20 निर्वाचित सदस्य इन्हीं निर्वाचित निकायों के सदस्यों में से चुने जाते हैं। ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) व नगर निकायों की योजनाएँ DPC में समेकित होकर जिला योजना बनती हैं। पदधारी व संख्याएँ बदलती रहती हैं — परीक्षा से पहले करेंट अफेयर्स से अवश्य मिलाएँ।
📌 जिला योजना समिति — एक नज़र में — एक नज़र में
- अनुच्छेद: 243ZD (74वाँ संशोधन)
- राजस्थान आधार: पंचायती राज अधिनियम 1994 — धारा 121
- कुल सदस्य: 25
- निर्वाचित: 20 — ग्रामीण व शहरी निकायों से जनसंख्या-अनुपात
- नामित: 5 — कलेक्टर, ADM, CEO, 2 सांसद/विधायक (CAG)
- गणपूर्ति: निर्वाचित सदस्यों का 33%
- कार्य: जिला विकास योजना का प्रारूप
- महानगर: 243ZE — महानगर योजना समिति
1. DPC — जिले की योजना का एकीकरण-मंच
गाँवों की योजनाएँ ग्राम पंचायतें बनाती हैं और शहरों की नगर निकाय; पर सड़क, जल-स्रोत, सिंचाई, कचरा-निस्तारण, बाज़ार जैसी कई ज़रूरतें गाँव-शहर दोनों की साझी होती हैं। इन्हें एक साथ जोड़कर पूरे जिले की समेकित विकास योजना बनाने के लिए 74वें संशोधन ने अनुच्छेद 243ZD में प्रत्येक जिले में जिला योजना समिति (District Planning Committee — DPC) का प्रावधान किया। राजस्थान में DPC का गठन राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 121 के अंतर्गत किया गया (CAG)। यह संविधान-प्रेरित संस्था है जो ग्रामीण (पंचायती राज) और शहरी (नगर निकाय) — दोनों प्रकार के स्थानीय स्वशासन को एक मेज़ पर लाती है। DPC को संवैधानिक संस्थाओं की सूची में भी गिना जाता है — देखें राजस्थान के संवैधानिक एवं वैधानिक आयोग।
2. गठन (राजस्थान)
| बिंदु | प्रावधान |
|---|---|
| कुल सदस्य | 25 |
| निर्वाचित सदस्य | 20 — जिला परिषद व नगर निकायों के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से, जिले की ग्रामीण-शहरी जनसंख्या के अनुपात में |
| नामित सदस्य | 5 — जिला कलेक्टर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर/मजिस्ट्रेट, जिला परिषद के CEO और 2 सांसद/विधायक (CAG प्रतिवेदन) |
| संवैधानिक शर्त | निर्वाचित सदस्य कुल के कम से कम 4/5 (अनु. 243ZD(2)(b)) |
| अध्यक्ष | राज्य कानून के अनुसार (राजस्थान में जिला-स्तरीय निर्वाचित नेतृत्व से — अधिसूचना देखें) |
| गणपूर्ति | ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से निर्वाचित सदस्यों का 33% |
| सचिवीय सहायता | जिला परिषद/आयोजना विभाग का तंत्र |
🎯 स्थानीय शासन — अभ्यास
243ZD, DPC की संरचना व DISHA से अंतर RAS, VDO, CET व पटवारी में पूछे जाते हैं:
- RPSC RAS Prelims 2026 टेस्ट सीरीज़
- राजस्थान VDO फाइनल मेगा टेस्ट सीरीज़
- Rajasthan CET (स्नातक) फाइनल मेगा टेस्ट सीरीज़
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3. कार्य
- पंचायतों (GPDP सहित) और नगर निकायों की योजनाओं का समेकन।
- पूरे जिले की प्रारूप विकास योजना तैयार कर राज्य सरकार को भेजना।
- योजना बनाते समय (अनु. 243ZD(3)) — पंचायत-नगर के साझा हित, स्थानिक नियोजन, जल व प्राकृतिक संसाधनों का बँटवारा, अवसंरचना का एकीकृत विकास और पर्यावरण संरक्षण।
- उपलब्ध वित्तीय व अन्य संसाधनों की सीमा व प्रकार का ध्यान।
- राज्य सरकार द्वारा सौंपे गए अन्य नियोजन-कार्य।
4. नीचे से ऊपर नियोजन — प्रक्रिया
गाँव-शहर से जिला योजना तक
- ग्राम सभा GPDP स्वीकृत करती है; पंचायत समिति व जिला परिषद अपनी योजनाएँ बनाते हैं।
- नगर निकाय वार्ड-स्तर की ज़रूरतों से शहरी योजना बनाते हैं।
- DPC दोनों को जोड़कर साझा परियोजनाएँ (जल, सड़क, अपशिष्ट) प्राथमिकता से रखती है।
- प्रारूप जिला विकास योजना राज्य सरकार को; राज्य योजना/बजट में समावेश।
- क्रियान्वयन की समीक्षा व अगले वर्ष हेतु संशोधन।
5. DPC बनाम MPC बनाम DISHA
| बिंदु | जिला योजना समिति (DPC) | महानगर योजना समिति (MPC) | DISHA |
|---|---|---|---|
| आधार | अनु. 243ZD | अनु. 243ZE | केंद्र सरकार के दिशानिर्देश |
| क्षेत्र | प्रत्येक जिला | 10 लाख+ महानगरीय क्षेत्र | प्रत्येक जिला |
| उद्देश्य | समेकित जिला योजना बनाना | महानगर की विकास योजना | केंद्रीय योजनाओं की निगरानी |
| निर्वाचित सदस्य | कम से कम 4/5 | कम से कम 2/3 | — |
| अध्यक्ष | राज्य कानून अनुसार | राज्य कानून अनुसार | वरिष्ठतम सांसद |
6. चुनौतियाँ
| चुनौती | सुझाव |
|---|---|
| बैठकों की अनियमितता | निश्चित कैलेंडर व ऑनलाइन कार्यवाही |
| ग्रामीण-शहरी योजनाओं का वास्तविक एकीकरण न होना | स्थानिक (GIS) नियोजन, साझा परियोजना-बैंक |
| तकनीकी विशेषज्ञता की कमी | योजना-प्रकोष्ठ, विशेषज्ञ सहयोग |
| राज्य योजना में DPC प्रारूप का सीमित उपयोग | बजट-आवंटन को DPC प्राथमिकताओं से जोड़ना |
संबंधित: राजस्थान ग्राम सभा | ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद | नगर निकाय व्यवस्था: नगर निगम, नगर परिषद, नगरपालिका | राजस्थान के संवैधानिक एवं वैधानिक आयोग | पंचायती राज में राज्य वित्त आयोग की भूमिका
📊 प्रश्न-पैटर्न विश्लेषण — किस प्रकार के प्रश्न आते हैं?
| प्रश्न का प्रकार | उदाहरण | हल करने की कुंजी |
|---|---|---|
| अनुच्छेद | 243ZD/ZE | एक नज़र में |
| संरचना | 25 = 20 + 5 | खंड 2 |
| गणपूर्ति | 33% | खंड 2 |
| कार्य | समेकित योजना | खंड 3 |
| तुलना | DPC/MPC/DISHA | खंड 5 |
🔎 लोग यह भी पूछते हैं (People Also Ask)
जिला योजना समिति किस अनुच्छेद में है?
अनुच्छेद 243ZD (74वाँ संविधान संशोधन)।
राजस्थान में जिला योजना समिति में कितने सदस्य होते हैं?
25 — 20 निर्वाचित (ग्रामीण व शहरी निकायों से जनसंख्या-अनुपात में) और 5 नामित।
DPC का मुख्य कार्य क्या है?
पंचायतों व नगर निकायों की योजनाओं को समेकित कर पूरे जिले की प्रारूप विकास योजना बनाना और राज्य सरकार को भेजना।
DPC और DISHA में क्या अंतर है?
DPC जिला योजना बनाती है (अनु. 243ZD); DISHA केंद्रीय योजनाओं की निगरानी करती है, जिसका अध्यक्ष वरिष्ठतम सांसद होता है।
महानगर योजना समिति कहाँ बनती है?
10 लाख या अधिक जनसंख्या वाले महानगरीय क्षेत्रों में (अनु. 243ZE)।
📝 अभ्यास MCQ (10 प्रश्न, उत्तर-व्याख्या सहित)
जिला योजना समिति का संवैधानिक अनुच्छेद —
(A) 243ZE (B) 243I (C) 243K (D) 243ZD
✅ उत्तर: (D) 243ZD — 74वाँ संशोधन; 243ZE महानगर योजना समिति।
राजस्थान में DPC का वैधानिक आधार —
(A) पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 121 (B) नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 1 (C) भू-राजस्व अधिनियम (D) BNSS
✅ उत्तर: (A) पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 121 — CAG प्रतिवेदन।
राजस्थान में DPC के कुल सदस्य —
(A) 15 (B) 50 (C) 10 (D) 25
✅ उत्तर: (D) 25 — 20 निर्वाचित + 5 नामित।
DPC में निर्वाचित सदस्य —
(A) 25 (B) 10 (C) 20 — ग्रामीण व शहरी स्थानीय निकायों से जनसंख्या-अनुपात में (D) 5
✅ उत्तर: (C) 20 — ग्रामीण व शहरी स्थानीय निकायों से जनसंख्या-अनुपात में — अनु. 243ZD — कम से कम 4/5।
अनु. 243ZD के अनुसार निर्वाचित सदस्य कुल सदस्यों के कम से कम —
(A) 1/2 (B) 2/3 (C) 1/3 (D) 4/5
✅ उत्तर: (D) 4/5 — जिला पंचायत व नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों में से।
DPC की बैठक की गणपूर्ति (राजस्थान) —
(A) 10% (B) 75% (C) निर्वाचित सदस्यों का 33% (D) 50%
✅ उत्तर: (C) निर्वाचित सदस्यों का 33% — CAG।
DPC का मुख्य कार्य —
(A) पंचायतों व नगर निकायों की योजनाओं को समेकित कर जिला विकास योजना का प्रारूप (B) चुनाव कराना (C) राजस्व अपील (D) पुलिस भर्ती
✅ उत्तर: (A) पंचायतों व नगर निकायों की योजनाओं को समेकित कर जिला विकास योजना का प्रारूप — राज्य सरकार को भेजना।
महानगर योजना समिति (अनु. 243ZE) किन क्षेत्रों में?
(A) सभी जिलों में (B) केवल ग्रामीण क्षेत्र (C) 1 लाख+ (D) 10 लाख या अधिक जनसंख्या वाले महानगरीय क्षेत्र
✅ उत्तर: (D) 10 लाख या अधिक जनसंख्या वाले महानगरीय क्षेत्र — 74वाँ संशोधन।
DPC और DISHA में अंतर —
(A) दोनों समान (B) DISHA योजना बनाती है (C) DPC केवल शहरी (D) DPC योजना-निर्माण; DISHA केंद्रीय योजनाओं की निगरानी (अध्यक्ष सांसद)
✅ उत्तर: (D) DPC योजना-निर्माण; DISHA केंद्रीय योजनाओं की निगरानी (अध्यक्ष सांसद) — भिन्न उद्देश्य।
DPC योजना बनाते समय किन विषयों का ध्यान रखती है (243ZD(3))?
(A) केवल कर (B) केवल पुलिस (C) केवल न्यायालय (D) स्थानिक नियोजन, जल व संसाधन, अवसंरचना, पर्यावरण
✅ उत्तर: (D) स्थानिक नियोजन, जल व संसाधन, अवसंरचना, पर्यावरण — पंचायत-नगर साझा हित।
⚡ One-Liner Revision (Key Facts)
- अनुच्छेद — 243ZD
- राजस्थान आधार — धारा 121, अधिनियम 1994
- सदस्य — 25
- निर्वाचित — 20
- नामित — 5
- न्यूनतम निर्वाचित — 4/5
- गणपूर्ति — 33%
- महानगर समिति — 243ZE
✅ मुख्य बिंदु (Key Points)
- गाँव-शहर नियोजन का एकीकरण।
- नीचे से ऊपर नियोजन।
- निर्वाचित सदस्यों का बहुमत अनिवार्य।
- DISHA से भिन्न संस्था।
🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें
- 243ZD DPC, 243ZE MPC।
- 4/5 (DPC), 2/3 (MPC)।
- DISHA अध्यक्ष सांसद — DPC नहीं।
🧠 याद रखने की ट्रिक
“ZD = Zila-Development, ZE = Zyada-bada (महानगर)”; संरचना — “25 = 20 चुने + 5 रखे”।
👨🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी
DPC 73वें नहीं, 74वें संशोधन (243ZD) में है — यह सबसे आम ट्रैप है, क्योंकि इसका संबंध पंचायतों से भी है।
✍️ अभ्यास करें — टेस्ट सीरीज़, क्विज़ व करेंट अफेयर्स
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📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत
- CAG — Overview of Rajasthan, Report 4 of 2016 (Local Bodies): DPC संरचना, धारा 121, गणपूर्ति।
- भारत का संविधान — अनुच्छेद 243ZD, 243ZE।
- सुयोग अकादमी — संवैधानिक एवं वैधानिक आयोग (DPC)।
- ग्रामीण विकास मंत्रालय — DISHA दिशानिर्देश।
- MLSU e-content — District Planning Committee।

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