राजस्थान के प्रमुख दर्रे: नाम, स्थान एवं महत्वपूर्ण तथ्य
कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय
स्रोत आधार: RPSC RAS / RSMSSB CET पाठ्यक्रम — राजस्थान भूगोल इकाई। आधिकारिक सिलेबस से विषय-सूची; पुस्तक का शब्दशः पाठ नहीं।
राजस्थान के प्रमुख दर्रे: नाम, स्थान एवं महत्वपूर्ण तथ्य
सुयोग AI गुरु
नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें
⚡ Quick Answer: राजस्थान के अधिकांश दर्रे मध्य एवं दक्षिणी अरावली में हैं, जिन्हें मेवाड़-मारवाड़ क्षेत्र में स्थानीय भाषा में ‘नाल’ और मध्य अरावली में ‘घाट’ कहा जाता है। प्रमुख दर्रे — देसूरी की नाल, सोमेश्वर की नाल (पाली); हाथीगुढ़ा की नाल, जीलवा की नाल (पगल्या नाल), हल्दीघाटी (राजसमंद); केवड़ा की नाल, फुलवारी की नाल, देबारी (उदयपुर); तथा मध्य अरावली में बर, परवेरिया, शिवपुर घाट, सूरा घाट। ये दर्रे ऐतिहासिक रूप से मेवाड़ और मारवाड़ को जोड़ने वाले व्यापारिक व सैन्य मार्ग रहे हैं।
1. दर्रा (Pass) क्या है? — ‘नाल’ और ‘घाट’ का अर्थ
दर्रा पर्वत श्रेणी में स्थित वह प्राकृतिक निचला मार्ग या संकरी घाटी है, जिससे होकर पर्वत के एक ओर से दूसरी ओर आवागमन संभव होता है। राजस्थान में अरावली पर्वतमाला उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम तक फैली है और राज्य को पश्चिमी मरुस्थल व पूर्वी मैदान में बाँटती है — इसलिए अरावली के दर्रे ही दोनों भागों के बीच प्राकृतिक प्रवेश-द्वार रहे हैं।
| स्थानीय शब्द | क्षेत्र | अर्थ |
|---|---|---|
| नाल | मेवाड़ (उदयपुर, राजसमंद) व गोड़वाड़ (पाली) | पहाड़ियों के बीच संकरा घाटी-मार्ग |
| घाट / घाटी | मध्य अरावली (अजमेर-ब्यावर) व मेवाड़ | पर्वतीय ढलान वाला मार्ग |
| दर्रा | सामान्य हिंदी शब्द | पर्वतीय निचला मार्ग |
अरावली के तीनों भागों (उत्तरी, मध्य, दक्षिणी) की संरचना के लिए अरावली पर्वतमाला — चोटियाँ, दर्रे व विभाग और ऊँची चोटियों के लिए राजस्थान की प्रमुख पर्वत चोटियाँ देखें। यह नोट केवल दर्रों/नालों की विस्तृत सूची व तथ्यों पर केंद्रित है।
2. राजस्थान के प्रमुख दर्रे — सम्पूर्ण सूची (क्षेत्र-वार)
(A) दक्षिणी अरावली — मेवाड़-मारवाड़ सीमा की नालें (पाली-राजसमंद)
| दर्रा/नाल | जिला/क्षेत्र | किसे जोड़ता है / महत्व |
|---|---|---|
| देसूरी की नाल | पाली (देसूरी तहसील) | मारवाड़ (गोड़वाड़) को मेवाड़ (राजसमंद-उदयपुर) से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग; सड़क मार्ग इसी से |
| सोमेश्वर की नाल | पाली (देसूरी क्षेत्र) | मारवाड़-मेवाड़ सीमा का संकरा मार्ग; ऐतिहासिक युद्धों का क्षेत्र |
| हाथीगुढ़ा की नाल | राजसमंद (कुंभलगढ़ के निकट) | कुंभलगढ़ दुर्ग की ओर जाने वाला मार्ग; मेवाड़ की सुरक्षा पंक्ति |
| जीलवा की नाल (पगल्या नाल) | राजसमंद | मारवाड़ से मेवाड़ में प्रवेश का मार्ग |
(B) दक्षिणी अरावली — मेवाड़ के भीतर (उदयपुर-राजसमंद)
| दर्रा/नाल | जिला | महत्व |
|---|---|---|
| हल्दीघाटी | राजसमंद (खमनोर के निकट) | 18 जून 1576 — महाराणा प्रताप और मुगल सेना (मानसिंह) के बीच युद्ध; पीली (हल्दी जैसी) मिट्टी से नाम |
| देबारी (देवारी) घाटा | उदयपुर | उदयपुर नगर का पूर्वी प्रवेश-द्वार; उदयपुर-चित्तौड़गढ़ मार्ग; जस्ता स्मेल्टर भी यहीं |
| केवड़ा की नाल | उदयपुर | उदयपुर के दक्षिण-पश्चिम में वनाच्छादित घाटी-मार्ग |
| फुलवारी की नाल | उदयपुर (कोटड़ा क्षेत्र) | इसी नाम से वन्यजीव अभयारण्य; गुजरात सीमा के निकट |
(C) मध्य अरावली — अजमेर-ब्यावर क्षेत्र के घाट
| दर्रा/घाट | क्षेत्र | महत्व |
|---|---|---|
| बर | ब्यावर-पाली मार्ग | ब्यावर से पाली/जोधपुर की ओर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग इसी से |
| परवेरिया | मध्य अरावली (ब्यावर-अजमेर क्षेत्र) | मेरवाड़ा पहाड़ियों का मार्ग |
| शिवपुर घाट | मध्य अरावली (ब्यावर-अजमेर क्षेत्र) | मेरवाड़ा पहाड़ियों का मार्ग |
| सूरा घाट | मध्य अरावली (ब्यावर-अजमेर क्षेत्र) | मेरवाड़ा पहाड़ियों का मार्ग |
पाठ्यपुस्तक क्रम (उत्तर से दक्षिण) — मध्य अरावली: बर → परवेरिया → शिवपुर घाट → सूरा घाट → देबारी। यह क्रम RPSC की परीक्षाओं में ‘सही क्रम चुनिए’ प्रश्न के रूप में उपयोगी है।
(D) पर्यटन/रेल की दृष्टि से प्रसिद्ध घाट
| घाट | क्षेत्र | विशेषता |
|---|---|---|
| गोरम घाट | राजसमंद-पाली सीमा (कामलीघाट-मारवाड़ जंक्शन रेलखंड) | अरावली में मीटर गेज रेलमार्ग, सुरंगें व झरने — ‘राजस्थान का कश्मीर’ जैसा दृश्य; मानसून पर्यटन |
3. दर्रों का ऐतिहासिक, सामरिक व आर्थिक महत्व
- सैन्य सुरक्षा: मेवाड़ के शासकों ने इन संकरी नालों का उपयोग प्राकृतिक दुर्ग की तरह किया — हल्दीघाटी इसका सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है। कुंभलगढ़ जैसे दुर्ग इन्हीं नालों की रक्षा करते थे। देखें राजस्थान के प्रमुख दुर्ग।
- व्यापार मार्ग: मारवाड़ के व्यापारी (ऊँट कारवाँ) इन्हीं नालों से मेवाड़ और गुजरात तक जाते थे।
- आधुनिक परिवहन: राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलमार्ग (जैसे बर व देबारी से सड़क, गोरम घाट से रेल) इन्हीं प्राकृतिक मार्गों का अनुसरण करते हैं। देखें राजस्थान का परिवहन तंत्र।
- जैव-विविधता गलियारे: फुलवारी की नाल, कुंभलगढ़ जैसे क्षेत्र वन्यजीवों के प्राकृतिक गलियारे हैं।
- मरुस्थल प्रसार: अरावली के टूटे हुए/निचले भाग (gaps) से पश्चिमी रेत पूर्व की ओर बढ़ती है — अरावली संरक्षण में इन gaps का पुनर्वनीकरण महत्वपूर्ण है।
✅ मुख्य बिंदु (Key Points) — एक नज़र में
- मेवाड़-मारवाड़ में दर्रे को ‘नाल’ तथा मध्य अरावली में ‘घाट’ कहते हैं।
- पाली — देसूरी की नाल, सोमेश्वर की नाल।
- राजसमंद — हाथीगुढ़ा की नाल, जीलवा की नाल (पगल्या नाल), हल्दीघाटी।
- उदयपुर — देबारी, केवड़ा की नाल, फुलवारी की नाल।
- मध्य अरावली (उत्तर → दक्षिण): बर → परवेरिया → शिवपुर घाट → सूरा घाट → देबारी।
- हल्दीघाटी युद्ध — 18 जून 1576 — महाराणा प्रताप बनाम मानसिंह (मुगल सेना)।
- देसूरी की नाल — मारवाड़ को मेवाड़ से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग।
- गोरम घाट — अरावली में मीटर गेज रेल, मानसून पर्यटन।
🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें
- देसूरी की नाल को राजसमंद में रखना — देसूरी पाली जिले की तहसील है।
- हल्दीघाटी को उदयपुर में लिखना — हल्दीघाटी राजसमंद जिले में है (राजसमंद 1991 में उदयपुर से अलग बना; पुराने स्रोत ‘उदयपुर’ लिखते हैं)।
- फुलवारी की नाल को केवल दर्रा मानना — यह वन्यजीव अभयारण्य भी है (उदयपुर)।
- देबारी को चित्तौड़गढ़ में रखना — देबारी उदयपुर में है।
- उत्तरी अरावली में प्रमुख दर्रे ढूँढना — परीक्षा-उपयोगी अधिकांश दर्रे मध्य व दक्षिणी अरावली में हैं।
🧠 मेमोरी ट्रिक
“पाली में देसूरी-सोमेश्वर, राजसमंद में हाथी-जीलवा-हल्दी, उदयपुर में केवड़ा-फुलवारी-देबारी”
मध्य अरावली क्रम: “बर-पर-शिव-सूरा-देबा” — बर, परवेरिया, शिवपुर घाट, सूरा घाट, देबारी।
👨🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी
दर्रों के प्रश्न सामान्यतः ‘सुमेलित कीजिए’ (दर्रा-जिला) या ‘कौन-सा युग्म सही नहीं है’ के रूप में आते हैं। सबसे बड़ी गलती छात्र पाली और राजसमंद की नालों में करते हैं — इसलिए जिला-वार तीन समूह (पाली-राजसमंद-उदयपुर) बनाकर याद करें। दूसरा, हल्दीघाटी जैसे स्थल इतिहास और भूगोल दोनों में पूछे जाते हैं; ‘पुराने स्रोत में उदयपुर, वर्तमान में राजसमंद’ — यह अंतर ध्यान रखें। विभिन्न पाठ्यपुस्तकों में कुछ लघु नालों के स्थान में अंतर मिलता है; परीक्षा में बोर्ड (RBSE) व सक्सेना की पुस्तक के तथ्य को प्राथमिकता दें।
📚 संबंधित नोट्स (आगे क्या पढ़ें?)
- अरावली पर्वतमाला — चोटियाँ, दर्रे व विभाग
- राजस्थान की प्रमुख पर्वत चोटियाँ
- राजस्थान के 4 भौतिक प्रदेश
- राजस्थान के प्रमुख दुर्ग
- राजस्थान का परिवहन — सड़क, रेल, वायु
- राजस्थान Geography Map Based Questions
📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत
- डॉ. हरिमोहन सक्सेना — ‘राजस्थान का भूगोल’, राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी (अरावली के दर्रे)।
- राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) — ‘राजस्थान अध्ययन’ पाठ्यपुस्तक।
- भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) — राजस्थान स्थलाकृतिक मानचित्र।
- RPSC व RSMSSB की विगत परीक्षाओं का विश्लेषण।

🔥 2026 भर्ती परीक्षा: सिर्फ नोट्स पढ़ना काफी नहीं — वास्तविक परीक्षा में 120+ स्कोर के लिए फुल मॉक टेस्ट हल करें!
राजस्थान CET 12वीं स्तर 2026 – Final Mega Test Series
- 100% नवीनतम 2026 परीक्षा पैटर्न व OMR 5th Option आधारित
- All-Rajasthan रैंक और विस्तृत व्याख्या सहित उत्तर
- वेबसाइट एवं एंड्रॉइड ऐप दोनों पर तुरंत एक्सेस
🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)
Q1. देसूरी की नाल किस जिले में स्थित है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q2. ‘पगल्या नाल’ किस दर्रे का अन्य नाम है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q3. निम्न में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q4. मध्य अरावली के दर्रों का उत्तर से दक्षिण सही क्रम है —
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026Q5. राजस्थान में दर्रों के लिए प्रयुक्त स्थानीय शब्द है —
सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
मेवाड़ और पाली (गोड़वाड़) क्षेत्र में दर्रों को ‘नाल’ तथा मध्य अरावली में ‘घाट’ कहा जाता है।
देसूरी की नाल पाली जिले में है। यह मारवाड़ को मेवाड़ से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है।
राजसमंद जिले की जीलवा की नाल को पगल्या नाल भी कहा जाता है। यह मारवाड़ से मेवाड़ में प्रवेश का मार्ग है।
हल्दीघाटी राजसमंद जिले में खमनोर के निकट स्थित है। यहाँ 18 जून 1576 को महाराणा प्रताप और मुगल सेना के बीच युद्ध हुआ था।
बर, परवेरिया, शिवपुर घाट, सूरा घाट और देबारी — यह मध्य से दक्षिणी अरावली के प्रमुख दर्रों का उत्तर से दक्षिण क्रम है।
क्या आपको यह अध्ययन नोट्स पसंद आए? अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करें: