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भारत व विश्व का भूगोल

भारत के भौतिक प्रदेश — हिमालय, दर्रे, उत्तरी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, घाट, तट व द्वीप — UPSC, RAS

महेंद्र ढाका (भूगोल, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, गणित व बाल विकास-शिक्षाशास्त्र नोट्स लेखक)
प्रकाशित:
22 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: UPSC CSE प्रारंभिक, RPSC RAS, SSC व RSSB CET पाठ्यक्रम की भूगोल इकाई; NCERT भूगोल पाठ्यपुस्तकें (कक्षा 6–12)। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।

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नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

संक्षिप्त उत्तर: NCERT के अनुसार भारत को 6 भौतिक विभागों में बाँटा जाता है — हिमालय पर्वत, उत्तरी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, भारतीय मरुस्थल, तटीय मैदान और द्वीप समूह। हिमालय नवीन वलित पर्वत है जिसकी तीन समानांतर श्रेणियाँ हैं — हिमाद्रि (महान हिमालय), हिमाचल (लघु हिमालय) और शिवालिक (बाह्य हिमालय); इसके उत्तर में ट्रांस-हिमालय (काराकोरम, लद्दाख, ज़ास्कर) है। नदी-घाटियों के आधार पर हिमालय के चार प्रादेशिक भाग हैं — पंजाब (सिंधु-सतलुज), कुमाऊँ (सतलुज-काली), नेपाल (काली-तीस्ता), असम (तीस्ता-दिहांग)। उत्तरी मैदान में पर्वतपाद से दक्षिण की ओर भाबर → तराई → भांगर (पुराना जलोढ़) → खादर (नया जलोढ़) क्रम मिलता है। प्रायद्वीपीय पठार सबसे पुराना भूखंड है; अरावली सबसे पुरानी वलित पर्वतमाला है (गुरु शिखर)। पश्चिमी घाट सतत और ऊँचे हैं (अनाईमुडी — दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी), पूर्वी घाट असतत और नीचे हैं (NCERT के अनुसार सर्वोच्च महेंद्रगिरि)। पश्चिमी तट पर कोंकण, कन्नड़, मालाबार और पूर्वी तट पर उत्तरी सरकार और कोरोमंडल तट हैं। बैरन द्वीप (अंडमान) भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है और लक्षद्वीप प्रवाल (कोरल) द्वीप हैं।


संक्षिप्त उत्तर

भौतिक विभागमुख्य पहचानसबसे महत्वपूर्ण तथ्य
1. हिमालय पर्वतनवीन वलित पर्वत, पश्चिम से पूर्व लगभग 2400 किमीतीन समानांतर श्रेणियाँ — हिमाद्रि, हिमाचल, शिवालिक
2. उत्तरी मैदानसिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र का जलोढ़ निक्षेपभाबर, तराई, भांगर, खादर
3. प्रायद्वीपीय पठारसबसे पुराना, कठोर आग्नेय-कायांतरित चट्टानेंमध्य उच्चभूमि + दक्कन का पठार; पश्चिमी-पूर्वी घाट
4. भारतीय मरुस्थलअरावली के पश्चिम में थारबहुत कम वर्षा, बरखान टीले, लूनी नदी
5. तटीय मैदानपश्चिमी (संकरा) व पूर्वी (चौड़ा) तटपूर्वी तट पर डेल्टा, पश्चिमी तट पर ज्वारनदमुख व कयाल
6. द्वीप समूहअंडमान-निकोबार (बंगाल की खाड़ी), लक्षद्वीप (अरब सागर)बैरन द्वीप — सक्रिय ज्वालामुखी; लक्षद्वीप — प्रवाल
तथ्यउत्तर
हिमालय की सबसे ऊँची श्रेणीहिमाद्रि (महान / आंतरिक हिमालय) — औसत ऊँचाई लगभग 6000 मीटर
सबसे बाहरी (दक्षिणी) श्रेणीशिवालिक — लगभग 900–1100 मीटर
शिवालिक और लघु हिमालय के बीच की घाटियाँदून (देहरादून, कोटली दून, पाटली दून)
भारत की सबसे ऊँची चोटी (भारत का दावा)K2 / गॉडविन ऑस्टिन, काराकोरम (PoK क्षेत्र)
भारत में प्रशासित सबसे ऊँची चोटीकंचनजंगा (सिक्किम-नेपाल सीमा)
पूरी तरह भारत में स्थित सबसे ऊँची चोटीनंदा देवी (उत्तराखंड)
सबसे पुरानी वलित पर्वतमालाअरावली; सर्वोच्च चोटी गुरु शिखर (माउंट आबू)
दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटीअनाईमुडी (अन्नामलाई पहाड़ियाँ, केरल)
नीलगिरि की सबसे ऊँची चोटीडोडाबेट्टा (तमिलनाडु)
पूर्वी घाट की सर्वोच्च चोटी (NCERT)महेंद्रगिरि (ओडिशा)
सतपुड़ा की सर्वोच्च चोटीधूपगढ़ (पचमढ़ी, महादेव पहाड़ियाँ, म.प्र.)
पश्चिमी व पूर्वी घाट का मिलननीलगिरि पहाड़ियाँ
भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखीबैरन द्वीप (अंडमान)

2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत के भौतिक प्रदेश NCERT कक्षा 9 "समकालीन भारत" के दूसरे अध्याय और कक्षा 11 "भारत: भौतिक पर्यावरण" के संरचना-भूआकृति अध्याय का विषय हैं। भारत की स्थिति और विस्तार के बाद यही अध्याय आता है, और आगे के अपवाह तंत्र तथा मानसून को समझने का आधार है — हिमालय नदियों को सदावाहिनी बनाता है और पश्चिमी घाट पर्वतीय वर्षा कराते हैं।

परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★

  • UPSC प्रारंभिक: दर्रे और उनके राज्य, उत्तर से दक्षिण / पश्चिम से पूर्व क्रम, पश्चिमी-पूर्वी घाट की तुलना, कथन-आधारित प्रश्न।
  • RAS: अरावली, थार मरुस्थल, प्रायद्वीपीय पठार; राजस्थान के भौतिक विभागों से तुलना।
  • SSC, RRB NTPC: एक-पंक्ति तथ्य — सबसे ऊँची चोटी, दर्रा ↔ राज्य, द्वीप, तट के नाम।
  • राजस्थान CET, पटवारी: सुमेलन और सीधे तथ्य — शिवालिक, दून, भाबर-तराई, गुरु शिखर।

प्रश्न कैसे आते हैं?

  1. दर्रा ↔ राज्य / केंद्रशासित प्रदेश का सुमेलन
  2. हिमालय की श्रेणियों का उत्तर से दक्षिण क्रम
  3. भाबर, तराई, भांगर, खादर की विशेषताएँ
  4. पश्चिमी बनाम पूर्वी घाट — कथन-आधारित
  5. चोटी ↔ पर्वत श्रेणी (अनाईमुडी, डोडाबेट्टा, गुरु शिखर, धूपगढ़)
  6. तटीय मैदानों के नाम और क्रम
  7. द्वीपों की उत्पत्ति — ज्वालामुखी बनाम प्रवाल

3. भारत के 6 भौतिक विभाग: उत्पत्ति की झलक

भारत का भूभाग भूगर्भीय रूप से तीन भिन्न खंडों से बना है: प्राचीन प्रायद्वीपीय खंड (गोंडवानालैंड का भाग), नवीन हिमालय (भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के टकराव से टेथिस सागर के अवसादों के वलन से बना), और इन दोनों के बीच का सिंधु-गंगा-ब्रह्मपुत्र मैदान (हिमालय से आई नदियों के जलोढ़ से भरा अग्रगर्त)।

खंडआयुचट्टान / रचनास्थिरता
प्रायद्वीपीय पठारसबसे पुरानाआग्नेय व कायांतरित (ग्रेनाइट, नीस); दक्कन ट्रैप में बेसाल्टस्थिर भूखंड
हिमालयनवीनअवसादी चट्टानें, वलन व भ्रंशअस्थिर; भूकंप-प्रवण, अभी भी ऊपर उठ रहा
उत्तरी मैदानसबसे नवीनजलोढ़ (भांगर, खादर)समतल, उपजाऊ

4. हिमालय पर्वत

हिमालय विश्व की सबसे ऊँची और नवीन वलित पर्वत श्रृंखला है। यह भारत की उत्तरी सीमा पर सिंधु से ब्रह्मपुत्र तक लगभग 2400 किमी लंबे चाप के रूप में फैला है। इसकी चौड़ाई कश्मीर में लगभग 400 किमी और अरुणाचल प्रदेश में लगभग 150 किमी है — यानी पूर्व में चौड़ाई कम और ऊँचाई का अंतर अधिक है।

4.1 ट्रांस-हिमालय

महान हिमालय के उत्तर में स्थित श्रेणियाँ — काराकोरम, लद्दाख, ज़ास्कर — ट्रांस-हिमालय या तिब्बती हिमालय कहलाती हैं। काराकोरम श्रेणी में K2 (गॉडविन ऑस्टिन) है और यहीं सियाचिन हिमनद स्थित है। लद्दाख ठंडा मरुस्थल है।

4.2 तीन समानांतर श्रेणियाँ (उत्तर → दक्षिण)

पक्षहिमाद्रि (महान हिमालय)हिमाचल (लघु / मध्य हिमालय)शिवालिक (बाह्य हिमालय)
स्थितिसबसे उत्तरी, आंतरिकहिमाद्रि के दक्षिणसबसे दक्षिणी, बाहरी
औसत ऊँचाई (लगभग)6000 मीटर3700–4500 मीटर900–1100 मीटर
चौड़ाई (लगभग)—औसतन 50 किमी10–50 किमी
रचनाक्रोड ग्रेनाइट का; सदा हिमाच्छादित; अनेक हिमनदअत्यधिक संपीडित व परिवर्तित चट्टानेंअसंपिंडित अवसाद — बजरी, मिट्टी
प्रमुख श्रेणियाँ / भागएवरेस्ट, कंचनजंगा, नंदा देवी, नंगा पर्वत जैसी चोटियाँपीर पंजाल (सबसे लंबी), धौलाधार, महाभारत श्रेणीदून घाटियाँ; पूर्व में डफला, मिरी, अबोर, मिशमी पहाड़ियाँ इसी क्रम में
घाटियाँ / स्थान—कश्मीर घाटी, कांगड़ा, कुल्लू घाटी; पर्वतीय नगर शिमला, मसूरी, नैनीताल, दार्जिलिंगदेहरादून, कोटली दून, पाटली दून

दून: लघु हिमालय और शिवालिक के बीच स्थित अनुदैर्ध्य घाटियाँ "दून" कहलाती हैं। देहरादून इनमें सबसे प्रसिद्ध है।

4.3 नदी-घाटियों के आधार पर प्रादेशिक विभाजन (पश्चिम → पूर्व)

भागकिन नदियों के बीचटिप्पणी
पंजाब हिमालयसिंधु और सतलुजपश्चिम से पूर्व इसे कश्मीर हिमालय और हिमाचल हिमालय भी कहते हैं
कुमाऊँ हिमालयसतलुज और कालीउत्तराखंड; नंदा देवी, बद्रीनाथ क्षेत्र
नेपाल हिमालयकाली और तीस्तासबसे ऊँचा भाग — एवरेस्ट, कंचनजंगा
असम हिमालयतीस्ता और दिहांग (ब्रह्मपुत्र)अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम का पूर्वी भाग

4.4 प्रमुख चोटियाँ (ऊँचाई लगभग)

चोटीऊँचाई (लगभग, मीटर)श्रेणी / स्थान
माउंट एवरेस्ट (सागरमाथा)8849नेपाल-चीन (तिब्बत) सीमा — विश्व की सबसे ऊँची
K2 / गॉडविन ऑस्टिन8611काराकोरम, PoK क्षेत्र — भारत के दावे वाली सबसे ऊँची
कंचनजंगा8586सिक्किम-नेपाल सीमा — भारत में प्रशासित सबसे ऊँची
नंगा पर्वत8126महान हिमालय का पश्चिमी छोर (PoK क्षेत्र)
नंदा देवी7816उत्तराखंड — पूरी तरह भारत में स्थित सबसे ऊँची
कामेत7756उत्तराखंड
नामचा बरवा7782तिब्बत — हिमालय का पूर्वी छोर, जहाँ सांगपो मुड़ती है

4.5 प्रमुख दर्रे

दर्राराज्य / के.प्र.जोड़ता है / महत्व
काराकोरम दर्रालद्दाखलद्दाख को चीन (शिनजियांग) से; भारत के सबसे ऊँचे दर्रों में से एक
खारदुंग लालद्दाखलेह को नुब्रा घाटी से
ज़ोजी लालद्दाख (जम्मू-कश्मीर सीमा)श्रीनगर को कारगिल-लेह से
बनिहाल दर्राजम्मू-कश्मीरजम्मू को श्रीनगर से; पीर पंजाल श्रेणी, जवाहर सुरंग
पीर पंजाल दर्राजम्मू-कश्मीरजम्मू-श्रीनगर का पुराना मार्ग
रोहतांग दर्राहिमाचल प्रदेशकुल्लू-मनाली को लाहौल-स्पीति से; पास में अटल सुरंग
बारालाचा लाहिमाचल प्रदेशमनाली-लेह मार्ग
शिपकी लाहिमाचल प्रदेशहिमाचल को तिब्बत से; सतलुज यहीं से भारत में प्रवेश करती है
माना दर्रा, नीति दर्राउत्तराखंडउत्तराखंड को तिब्बत से
लिपुलेख दर्राउत्तराखंडभारत-नेपाल-चीन त्रिसंगम के पास; कैलाश-मानसरोवर यात्रा मार्ग
नाथू लासिक्किमसिक्किम को तिब्बत से; भारत-चीन सीमा व्यापार
जेलेप लासिक्किमसिक्किम-चुंबी घाटी (तिब्बत), कालिम्पोंग-ल्हासा मार्ग
बोमडी लाअरुणाचल प्रदेशअरुणाचल (तवांग क्षेत्र) को तिब्बत/ल्हासा की ओर
दीफू दर्राअरुणाचल प्रदेशभारत-चीन-म्यांमार त्रिसंगम के पास
पांगसाउ दर्राअरुणाचल प्रदेशभारत-म्यांमार; स्टिलवेल रोड

"ला" तिब्बती भाषा में "दर्रा" का अर्थ देता है, इसलिए "ज़ोजी ला दर्रा" लिखना दोहराव है, पर परीक्षाओं में प्रचलित है।

4.6 पूर्वांचल पहाड़ियाँ

दिहांग गॉर्ज के बाद हिमालय दक्षिण की ओर मुड़कर भारत की पूर्वी सीमा बनाता है। इन्हें पूर्वांचल कहते हैं। ये मुख्यतः बलुआ पत्थर (अवसादी) से बनी हैं और घने वनों से ढकी हैं।

पहाड़ीराज्य
पटकाई बुमअरुणाचल प्रदेश (भारत-म्यांमार सीमा)
नागा पहाड़ियाँनागालैंड
मणिपुर पहाड़ियाँमणिपुर
मिज़ो (लुशाई) पहाड़ियाँमिज़ोरम

ध्यान दें: मेघालय की गारो, खासी, जयंतिया पहाड़ियाँ पूर्वांचल नहीं, बल्कि प्रायद्वीपीय पठार का विस्तार (मेघालय पठार) हैं, जो राजमहल पहाड़ियों और मेघालय पठार के बीच के भ्रंश (मालदा भ्रंश) से मुख्य पठार से अलग है। असम की कार्बी-आंगलोंग पहाड़ियाँ भी इसी का भाग हैं।


5. उत्तरी मैदान

उत्तरी मैदान सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र तथा उनकी सहायक नदियों के जलोढ़ निक्षेप से बना है। NCERT के अनुसार यह लगभग 7 लाख वर्ग किमी में फैला, लगभग 2400 किमी लंबा और 240–320 किमी चौड़ा है। यह विश्व के सबसे उपजाऊ और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में है।

5.1 क्षेत्रीय विभाजन

भागनदियाँविशेषता
पंजाब मैदान (पश्चिमी)सिंधु और उसकी सहायक — झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास, सतलुजदोआबों से बना; अधिकांश भाग पाकिस्तान में
गंगा मैदान (मध्य)गंगा, यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी, सोनघग्गर से तीस्ता तक; हरियाणा, दिल्ली, उ.प्र., बिहार, झारखंड का भाग, प. बंगाल
ब्रह्मपुत्र मैदान (पूर्वी)ब्रह्मपुत्रअसम; माजुली जैसे नदी-द्वीप

दोआब = दो नदियों के बीच का भूभाग ("दो" + "आब" = जल)। उदाहरण: गंगा-यमुना दोआब।

5.2 भाबर, तराई, भांगर, खादर

पक्षभाबरतराईभांगरखादर
स्थितिशिवालिक के पर्वतपाद पर, सबसे उत्तरभाबर के दक्षिणमैदान का ऊँचा भाग, बाढ़ से ऊपरनदियों के बाढ़ के मैदान
चौड़ाईलगभग 8–16 किमी संकरी पट्टीभाबर से चौड़ीविस्तृतनदियों के किनारे
रचनाकंकड़-पत्थर, मोटे अवसादमहीन अवसाद, दलदलीपुराना जलोढ़, कंकड़ (चूनेदार ग्रंथियाँ)नया जलोढ़, हर वर्ष बाढ़ से नवीकरण
नदियों का व्यवहारनदियाँ पत्थरों में लुप्त हो जाती हैंनदियाँ फिर सतह पर निकलती हैं——
उर्वरता / उपयोगकृषि के अयोग्यपहले घने वन व वन्य जीव; अब बड़े भाग पर कृषिकम उपजाऊअत्यधिक उपजाऊ, गहन कृषि

क्रम (उत्तर → दक्षिण): शिवालिक → भाबर → तराई → जलोढ़ मैदान (भांगर ऊँचा, खादर नदी के पास)। तराई क्षेत्र में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान (उ.प्र.) जैसे संरक्षित क्षेत्र हैं।


6. प्रायद्वीपीय पठार

प्रायद्वीपीय पठार भारत का सबसे पुराना और स्थिर भूखंड है — प्राचीन गोंडवानालैंड का भाग। यह एक मेज़नुमा (टेबललैंड) भूभाग है जो पुरानी क्रिस्टलीय, आग्नेय और कायांतरित चट्टानों से बना है। इसके दो मुख्य भाग हैं — मध्य उच्चभूमि (नर्मदा के उत्तर) और दक्कन का पठार (नर्मदा के दक्षिण)।

6.1 मध्य उच्चभूमि

भागविशेषता
मालवा पठारपश्चिमी भाग; काली मिट्टी (लावा-जनित भागों में)
बुंदेलखंड, बघेलखंडपूर्वी विस्तार; उ.प्र.-म.प्र.
छोटानागपुर पठारझारखंड; खनिजों का भंडार; दामोदर नदी का अपवाह
अपवाह दिशाचंबल, सिंध, बेतवा, केन — दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर (पठार का ढाल उसी ओर)
पश्चिमी सीमाअरावली
दक्षिणी सीमाविंध्याचल का कगार (नर्मदा के उत्तर)

6.2 दक्कन का पठार

दक्कन का पठार नर्मदा के दक्षिण में स्थित एक त्रिभुजाकार भूभाग है। इसके उत्तर में सतपुड़ा श्रेणी और उसके पूर्वी विस्तार महादेव, मैकाल, कैमूर पहाड़ियाँ हैं; पश्चिम में पश्चिमी घाट और पूर्व में पूर्वी घाट। पठार का ढाल पश्चिम से पूर्व की ओर है, इसलिए गोदावरी, कृष्णा, कावेरी बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं। उत्तर-पश्चिमी भाग दक्कन ट्रैप कहलाता है — ज्वालामुखी लावा (बेसाल्ट) से बना, जिसके अपक्षय से काली (रेगुर) मिट्टी बनी है।

6.3 पठार की पर्वतमालाएँ

पर्वतमालाप्रकार / स्थितिसर्वोच्च चोटी (लगभग)
अरावलीविश्व की प्राचीनतम वलित पर्वतमालाओं में; गुजरात से दिल्ली तक दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व; अवशिष्ट पर्वतगुरु शिखर, लगभग 1722 मी (माउंट आबू, सिरोही, राजस्थान)
विंध्याचलनर्मदा के उत्तर; कगार (एस्कार्पमेंट); उत्तर और दक्षिण भारत की पारंपरिक विभाजक—
सतपुड़ानर्मदा और ताप्ती के बीच; ब्लॉक पर्वतधूपगढ़, लगभग 1350 मी (पचमढ़ी, म.प्र.)
पश्चिमी घाट (सह्याद्रि)पश्चिमी तट के समानांतर, सततअनाईमुडी, लगभग 2695 मी (केरल)
नीलगिरिपश्चिमी व पूर्वी घाट का मिलनडोडाबेट्टा, लगभग 2637 मी (तमिलनाडु)
पूर्वी घाटपूर्वी तट के समानांतर, असततमहेंद्रगिरि, लगभग 1501 मी (ओडिशा) — NCERT

नर्मदा भ्रंश घाटी: नर्मदा विंध्याचल और सतपुड़ा के बीच एक भ्रंश घाटी (रिफ्ट वैली) में पश्चिम की ओर बहती है। ताप्ती भी सतपुड़ा के दक्षिण में एक भ्रंश घाटी में बहती है।

6.4 पश्चिमी घाट बनाम पूर्वी घाट

पक्षपश्चिमी घाटपूर्वी घाट
निरंतरतासतत; केवल दर्रों (घाटों) से पारअसतत; नदियों ने काटकर टुकड़ों में बाँटा
औसत ऊँचाई (लगभग)900–1600 मीटरलगभग 600 मीटर
सर्वोच्च चोटीअनाईमुडी (केरल)महेंद्रगिरि (ओडिशा, NCERT); कुछ स्रोत आंध्र की अन्य चोटियाँ देते हैं
ऊँचाई की दिशाउत्तर से दक्षिण की ओर बढ़ती है—
नदियाँगोदावरी, कृष्णा, कावेरी का उद्गम; पश्चिम में छोटी तीव्र नदियाँपूर्ववाही बड़ी नदियाँ इन्हें काटकर बहती हैं
वर्षादक्षिण-पश्चिम मानसून से भारी पर्वतीय वर्षा (पवनमुखी ढाल)अपेक्षाकृत कम
स्थानीय नामसह्याद्रि (महाराष्ट्र-कर्नाटक), नीलगिरि, अन्नामलाई, इलायची (कार्डमम) पहाड़ियाँजावादी, शेवरॉय, पालकोंडा, नल्लामलाई पहाड़ियाँ
प्रमुख दर्रे / अंतरालथाल घाट, भोर घाट (महाराष्ट्र), पालघाट (केरल-तमिलनाडु)—
मिलनदक्षिण में नीलगिरि पहाड़ियों मेंदक्षिण-पश्चिम में नीलगिरि पहाड़ियों में

पालघाट दर्रा नीलगिरि और अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच का अंतराल है, जो केरल को तमिलनाडु से जोड़ता है। थाल घाट मुंबई-नासिक और भोर घाट मुंबई-पुणे मार्ग पर है।


7. भारतीय मरुस्थल (थार)

पक्षविवरण
स्थितिअरावली के पश्चिम; अधिकांश भाग राजस्थान में, कुछ गुजरात, पंजाब, हरियाणा में
वर्षाबहुत कम — NCERT के अनुसार 150 मिमी प्रति वर्ष से कम (पश्चिमी भाग)
भूआकृतिबालू के टीले — अर्धचंद्राकार बरखान; अनुदैर्ध्य टीले
नदीलूनी — एकमात्र बड़ी नदी; कच्छ के रण में विलीन; अधिकांश धाराएँ वर्षा के बाद लुप्त
वनस्पतिकम; मरुद्भिद (कँटीली झाड़ियाँ)
क्षेत्रीय नामराजस्थान में "मरुस्थली"
शीत मरुस्थललद्दाख (ट्रांस-हिमालय में) — थार से भिन्न

8. तटीय मैदान

पक्षपश्चिमी तटीय मैदानपूर्वी तटीय मैदान
स्थितिपश्चिमी घाट और अरब सागर के बीचपूर्वी घाट और बंगाल की खाड़ी के बीच
चौड़ाईसंकराचौड़ा और समतल
भाग (उत्तर → दक्षिण)कोंकण (मुंबई-गोवा), कन्नड़ / कनारा (गोवा-मंगलौर), मालाबार (केरल)उत्तरी सरकार (उत्तरी भाग), कोरोमंडल (दक्षिणी भाग)
नदियों के मुहानेज्वारनदमुख (एस्चुअरी) — नर्मदा, ताप्तीडेल्टा — महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी
विशेष भूआकृतिमालाबार तट पर कयाल (पश्च जल / लैगून) — वेंबनाडचिल्का (ओडिशा), पुलिकट (आंध्र-तमिलनाडु) लैगून
बंदरगाह के लिएगहरे प्राकृतिक बंदरगाह — मुंबई, मार्मागाओ, कोच्चिउथला तट; विशाखापत्तनम जैसे बंदरगाह

गुजरात तट: कच्छ और काठियावाड़ प्रायद्वीप पश्चिमी तट के उत्तर में हैं; खंभात की खाड़ी में नर्मदा और ताप्ती गिरती हैं।


9. द्वीप समूह

पक्षअंडमान-निकोबारलक्षद्वीप
समुद्रबंगाल की खाड़ीअरब सागर (केरल तट के पास)
उत्पत्तिसमुद्र में डूबी पर्वत श्रृंखला के ऊपरी भाग; कुछ ज्वालामुखीप्रवाल (कोरल) निक्षेप — एटॉल
आकारबड़े, अधिक संख्याछोटे द्वीप
ज्वालामुखीबैरन द्वीप — भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी; नारकोंडम — सुप्त ज्वालामुखीनहीं
प्रमुख स्थानराजधानी श्री विजयपुरम (पूर्व पोर्ट ब्लेयर); सैडल पीक (उत्तरी अंडमान) सर्वोच्च; इंदिरा पॉइंट (ग्रेट निकोबार)राजधानी कवरत्ती; पिट्टी द्वीप पक्षी अभयारण्य; मिनिकॉय दक्षिण में
चैनल10° चैनल (अंडमान-निकोबार के बीच); डंकन पास (दक्षिण अंडमान-लिटिल अंडमान)9° चैनल; 8° चैनल (मिनिकॉय-मालदीव)
जैव विविधताभूमध्यरेखीय वन; ग्रेट निकोबार जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रप्रवाल भित्तियाँ

10. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)

Trap 1: हिमालय की श्रेणियों का क्रम

उत्तर से दक्षिण: ट्रांस-हिमालय → हिमाद्रि → हिमाचल → शिवालिक। "हिमाचल" श्रेणी का नाम है, हिमाचल प्रदेश राज्य नहीं। शिमला, मसूरी, नैनीताल हिमाचल (लघु हिमालय) श्रेणी में हैं, शिवालिक में नहीं।

Trap 2: दून घाटियाँ कहाँ?

दून लघु हिमालय और शिवालिक के बीच हैं, हिमाद्रि और हिमाचल के बीच नहीं।

Trap 3: भाबर बनाम तराई

भाबर में नदियाँ लुप्त होती हैं (कंकड़-पत्थर), तराई में फिर निकलती हैं (दलदल)। भाबर तराई के उत्तर में है।

Trap 4: भांगर पुराना, खादर नया

"भांगर" = पुराना जलोढ़ (ऊँचा, कंकड़ युक्त); "खादर" = नया जलोढ़ (बाढ़ का मैदान, अधिक उपजाऊ)। उल्टा न पढ़ें।

Trap 5: गारो-खासी-जयंतिया पूर्वांचल नहीं

ये मेघालय पठार हैं, जो प्रायद्वीपीय पठार का विस्तार है। पूर्वांचल = पटकाई, नागा, मणिपुर, मिज़ो पहाड़ियाँ।

Trap 6: भारत की सबसे ऊँची चोटी

प्रश्न की भाषा देखें: "भारत (दावा)" → K2; "भारत में प्रशासित / भारतीय क्षेत्र में" → कंचनजंगा; "पूरी तरह भारत में" → नंदा देवी; "दक्षिण भारत" → अनाईमुडी। एवरेस्ट भारत में नहीं है।

Trap 7: पूर्वी घाट की सबसे ऊँची चोटी

NCERT महेंद्रगिरि बताती है; कुछ अन्य स्रोत आंध्र प्रदेश की चोटियों को अधिक ऊँचा बताते हैं। इसलिए इस तथ्य पर प्रश्न आए तो विकल्पों में NCERT वाला उत्तर (महेंद्रगिरि) देखें; इसे इस नोट के क्विज़ में नहीं रखा गया है।

Trap 8: दर्रों के राज्य

शिपकी ला, रोहतांग, बारालाचा — हिमाचल; नाथू ला, जेलेप ला — सिक्किम; बोमडी ला — अरुणाचल; लिपुलेख, माना, नीति — उत्तराखंड; बनिहाल, पीर पंजाल — जम्मू-कश्मीर; ज़ोजी ला, खारदुंग ला, काराकोरम — लद्दाख।

Trap 9: पूर्वी तट के नाम का क्रम

पूर्वी तट का उत्तरी भाग उत्तरी सरकार और दक्षिणी भाग कोरोमंडल है। पश्चिमी तट: कोंकण (उत्तर) → कन्नड़ → मालाबार (दक्षिण)।

Trap 10: लक्षद्वीप ज्वालामुखी नहीं

लक्षद्वीप प्रवाल से बने हैं। ज्वालामुखी द्वीप — बैरन और नारकोंडम — अंडमान सागर / बंगाल की खाड़ी में हैं।


11. Most-Asked रिवीज़न तालिका (52 तथ्य)

क्र.प्रश्नउत्तर
1भारत के भौतिक विभाग (NCERT)6
2सबसे पुराना भूखंडप्रायद्वीपीय पठार
3सबसे नवीन भूखंडउत्तरी मैदान
4हिमालय का प्रकारनवीन वलित पर्वत
5हिमालय की लंबाई (लगभग)2400 किमी
6हिमालय की चौड़ाई अधिक कहाँकश्मीर (पश्चिम)
7सबसे उत्तरी श्रेणी (हिमालय की तीन में)हिमाद्रि
8हिमाद्रि का क्रोडग्रेनाइट
9हिमाचल की सबसे लंबी श्रेणीपीर पंजाल
10हिमाचल की अन्य श्रेणियाँधौलाधार, महाभारत
11सबसे बाहरी श्रेणीशिवालिक
12शिवालिक की रचनाअसंपिंडित अवसाद
13दून कहाँलघु हिमालय व शिवालिक के बीच
14ट्रांस-हिमालय श्रेणियाँकाराकोरम, लद्दाख, ज़ास्कर
15सियाचिन हिमनदकाराकोरम (लद्दाख)
16पंजाब हिमालयसिंधु-सतलुज
17कुमाऊँ हिमालयसतलुज-काली
18नेपाल हिमालयकाली-तीस्ता
19असम हिमालयतीस्ता-दिहांग
20K2 किस श्रेणी मेंकाराकोरम
21कंचनजंगासिक्किम-नेपाल सीमा
22पूरी तरह भारत में सबसे ऊँचीनंदा देवी (उत्तराखंड)
23हिमालय का पूर्वी छोरनामचा बरवा
24शिपकी लाहिमाचल प्रदेश (सतलुज का प्रवेश)
25नाथू लासिक्किम
26बोमडी लाअरुणाचल प्रदेश
27रोहतांगहिमाचल प्रदेश
28ज़ोजी लाश्रीनगर-लेह मार्ग (लद्दाख)
29बनिहालजम्मू-श्रीनगर (जवाहर सुरंग)
30लिपुलेखउत्तराखंड — कैलाश-मानसरोवर मार्ग
31खारदुंग लालद्दाख — लेह-नुब्रा
32पूर्वांचल की पहाड़ियाँपटकाई, नागा, मणिपुर, मिज़ो
33गारो-खासी-जयंतियामेघालय पठार (प्रायद्वीपीय)
34उत्तरी मैदान का क्षेत्रफल (लगभग)7 लाख वर्ग किमी
35भाबरकंकड़-पत्थर; नदियाँ लुप्त
36तराईदलदली; नदियाँ फिर प्रकट
37भांगरपुराना जलोढ़, कंकड़
38खादरनया जलोढ़, बाढ़ का मैदान
39दोआबदो नदियों के बीच की भूमि
40प्रायद्वीपीय पठार किसका भाग थागोंडवानालैंड
41दक्कन ट्रैप की चट्टानबेसाल्ट (लावा)
42अरावली की सर्वोच्च चोटीगुरु शिखर (माउंट आबू)
43सतपुड़ा की सर्वोच्च चोटीधूपगढ़
44दक्षिण भारत की सर्वोच्च चोटीअनाईमुडी
45नीलगिरि की सर्वोच्च चोटीडोडाबेट्टा
46पश्चिमी व पूर्वी घाट का मिलननीलगिरि
47पालघाटनीलगिरि-अन्नामलाई के बीच; केरल-तमिलनाडु
48थार की एकमात्र बड़ी नदीलूनी
49अर्धचंद्राकार टीलेबरखान
50पूर्वी तट का दक्षिणी भागकोरोमंडल
51केरल का तटमालाबार
52भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखीबैरन द्वीप

12. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

नीचे इस अध्याय के प्रचलित ढाँचे और स्वयं बनाए नमूना प्रश्न हैं:

  1. सुमेलन (दर्रा ↔ राज्य): "शिपकी ला — ?, नाथू ला — ?, बोमडी ला — ?" — हिमाचल, सिक्किम, अरुणाचल।
  2. क्रम-व्यवस्था: "निम्न दर्रों को पश्चिम से पूर्व क्रम में रखें: नाथू ला, ज़ोजी ला, शिपकी ला, बोमडी ला" — ज़ोजी ला → शिपकी ला → नाथू ला → बोमडी ला।
  3. कथन-आधारित (UPSC शैली): "1. पूर्वी घाट सतत हैं। 2. पश्चिमी घाट की ऊँचाई उत्तर से दक्षिण बढ़ती है।" — केवल कथन 2 सही।
  4. विशेषता पहचान: "वह क्षेत्र जहाँ नदियाँ लुप्त हो जाती हैं?" — भाबर।
  5. चोटी ↔ श्रेणी: "डोडाबेट्टा किस पहाड़ी में है?" — नीलगिरि।
  6. "कौन-सा सही सुमेलित नहीं": "गारो पहाड़ी — पूर्वांचल" जैसा गलत युग्म।
  7. द्वीप: "भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी कहाँ है?" — बैरन द्वीप।

रणनीति: दर्रों के प्रश्न में पहले मानचित्र पर पश्चिम से पूर्व चलें — जम्मू-कश्मीर/लद्दाख → हिमाचल → उत्तराखंड → सिक्किम → अरुणाचल। तुलना वाले प्रश्नों में "सतत / असतत" और "डेल्टा / ज्वारनदमुख" — ये दो जोड़ियाँ सबसे अधिक काम आती हैं।


13. इसे आसानी से याद कैसे रखें?

1. भौतिक विभाग: "हि-म-प्र-म-त-द्वी" — हिमालय, मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, मरुस्थल, तटीय मैदान, द्वीप।

2. हिमालय की श्रेणियाँ (उत्तर → दक्षिण): "हि-हि-शि" — हिमाद्रि, हिमाचल, शिवालिक। ऊँचाई भी इसी क्रम में घटती है।

3. प्रादेशिक हिमालय: "पंजाब-कुमाऊँ-नेपाल-असम, नदियाँ सि-स-का-ती-दि" — सिंधु, सतलुज, काली, तीस्ता, दिहांग।

4. मैदान का क्रम: "भा-त-भां-खा" — भाबर (पत्थर), तराई (दलदल), भांगर (बूढ़ा), खादर (नया)।

5. दर्रे: "शि-रो-बा हिमाचल, ना-जे सिक्किम, बो अरुणाचल, लि-मा-नी उत्तराखंड।"

6. दक्षिण की चोटियाँ: "अना-डोडा-महेंद्र" — अनाईमुडी (पश्चिमी घाट / अन्नामलाई), डोडाबेट्टा (नीलगिरि), महेंद्रगिरि (पूर्वी घाट)।

7. पश्चिमी तट: "को-क-मा" — कोंकण, कन्नड़, मालाबार (उत्तर से दक्षिण)। पूर्वी तट: "उत्तर में सरकार, दक्षिण में कोरोमंडल"।

8. पश्चिम = एस्चुअरी, पूर्व = डेल्टा: "नर्मदा-ताप्ती पश्चिम में डेल्टा नहीं बनातीं।"


14. कथन अभ्यास

हिमालय नवीन वलित पर्वत है। — सही।

शिवालिक हिमालय की सबसे ऊँची श्रेणी है। — गलत (सबसे ऊँची हिमाद्रि; शिवालिक सबसे बाहरी और नीची)।

दून घाटियाँ लघु हिमालय और शिवालिक के बीच स्थित हैं। — सही।

भाबर क्षेत्र में नदियाँ फिर से सतह पर निकल आती हैं। — गलत (भाबर में लुप्त होती हैं, तराई में निकलती हैं)।

खादर नया जलोढ़ है और भांगर पुराना। — सही।

गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियाँ पूर्वांचल का भाग हैं। — गलत (मेघालय पठार — प्रायद्वीपीय पठार का विस्तार)।

नाथू ला दर्रा सिक्किम में है। — सही।

शिपकी ला दर्रा अरुणाचल प्रदेश में है। — गलत (हिमाचल प्रदेश)।

पश्चिमी घाट सतत हैं और पूर्वी घाट असतत। — सही।

अनाईमुडी नीलगिरि पहाड़ियों की सबसे ऊँची चोटी है। — गलत (अनाईमुडी अन्नामलाई में; नीलगिरि की सर्वोच्च डोडाबेट्टा)।

कोरोमंडल तट पूर्वी तटीय मैदान का दक्षिणी भाग है। — सही।

लक्षद्वीप ज्वालामुखी द्वीप हैं। — गलत (प्रवाल द्वीप)।


15. एक दिन पहले — 15 रेखाएँ

  1. 6 भौतिक विभाग: हिमालय, उत्तरी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, मरुस्थल, तटीय मैदान, द्वीप
  2. हिमालय — नवीन वलित, लगभग 2400 किमी; कश्मीर में चौड़ा, अरुणाचल में संकरा
  3. हिमाद्रि (लगभग 6000 मी, ग्रेनाइट क्रोड) → हिमाचल (पीर पंजाल, धौलाधार, महाभारत) → शिवालिक (असंपिंडित, दून)
  4. ट्रांस-हिमालय: काराकोरम (K2, सियाचिन), लद्दाख, ज़ास्कर
  5. पंजाब (सिंधु-सतलुज), कुमाऊँ (सतलुज-काली), नेपाल (काली-तीस्ता), असम (तीस्ता-दिहांग)
  6. K2 — दावा; कंचनजंगा — प्रशासित; नंदा देवी — पूरी तरह भारत में
  7. शिपकी ला, रोहतांग — हिमाचल; नाथू ला — सिक्किम; बोमडी ला — अरुणाचल; ज़ोजी ला — लद्दाख; बनिहाल — जम्मू-कश्मीर
  8. पूर्वांचल: पटकाई, नागा, मणिपुर, मिज़ो; गारो-खासी-जयंतिया = मेघालय पठार
  9. भाबर (नदियाँ लुप्त) → तराई (दलदल) → भांगर (पुराना) / खादर (नया)
  10. प्रायद्वीपीय पठार — गोंडवाना, सबसे पुराना; मध्य उच्चभूमि + दक्कन; दक्कन ट्रैप बेसाल्ट
  11. अरावली — प्राचीनतम वलित, गुरु शिखर; सतपुड़ा — धूपगढ़
  12. पश्चिमी घाट सतत, ऊँचे — अनाईमुडी; पूर्वी घाट असतत — महेंद्रगिरि (NCERT); मिलन नीलगिरि (डोडाबेट्टा)
  13. थार — अरावली के पश्चिम, बरखान, लूनी
  14. पश्चिमी तट: कोंकण-कन्नड़-मालाबार; पूर्वी: उत्तरी सरकार-कोरोमंडल; पूर्व में डेल्टा
  15. बैरन — सक्रिय ज्वालामुखी, नारकोंडम — सुप्त; लक्षद्वीप — प्रवाल, कवरत्ती

16. अभ्यास

पृष्ठ के अंत में 25 प्रश्नों का अभ्यास क्विज़ है — हिमालय की श्रेणियाँ, दर्रे और उनके राज्य, मैदान की पट्टियाँ, घाट, तट और द्वीप। गलत उत्तरों को ऊपर की दर्रा-तालिका और घाट-तुलना से मिलाएँ। राज्य-स्तरीय भूगोल के मिश्रित अभ्यास के लिए राजस्थान CET स्नातक मेगा टेस्ट 2026 और SSC CGL 2026 टेस्ट सीरीज़ हल करें।


17. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?

भारत के भौतिक विभाग तीन भूगर्भीय कहानियाँ कहते हैं — प्राचीन, स्थिर प्रायद्वीप; नवीन, ऊँचा और अस्थिर हिमालय; और दोनों के बीच नदियों से भरा उपजाऊ मैदान। मरुस्थल, तट और द्वीप इन्हीं के किनारे बने हैं। परीक्षा के लिए चार चीज़ें पक्की रखें: हिमालय की श्रेणियों का क्रम, दर्रे और उनके राज्य, भाबर-तराई-भांगर-खादर का अंतर, तथा पश्चिमी बनाम पूर्वी घाट और तटों के नाम। चोटियों की ऊँचाइयाँ "लगभग" याद रखें और प्रश्न की भाषा ("दावा", "प्रशासित", "पूरी तरह भारत में") पर ध्यान दें।

6 विभाग | हिमाद्रि → हिमाचल → शिवालिक (दून) | भाबर-तराई-भांगर-खादर | प. घाट सतत (अनाईमुडी), पू. घाट असतत | कोंकण-कन्नड़-मालाबार, सरकार-कोरोमंडल | बैरन सक्रिय, लक्षद्वीप प्रवाल


अंतिम संशोधन (Last Updated):
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महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

NCERT के अनुसार भारत के 6 भौतिक विभाग हैं — हिमालय पर्वत, उत्तरी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, भारतीय मरुस्थल, तटीय मैदान और द्वीप समूह।

उत्तर से दक्षिण हिमालय की तीन श्रेणियाँ हैं — हिमाद्रि (महान हिमालय), हिमाचल (लघु हिमालय) और शिवालिक (बाह्य हिमालय)। इनके उत्तर में काराकोरम, लद्दाख और ज़ास्कर श्रेणियाँ ट्रांस-हिमालय कहलाती हैं।

लघु हिमालय और शिवालिक के बीच स्थित अनुदैर्ध्य घाटियाँ दून कहलाती हैं। देहरादून, कोटली दून और पाटली दून इसके उदाहरण हैं।

भाबर शिवालिक के पर्वतपाद पर कंकड़-पत्थरों की संकरी पट्टी है जहाँ नदियाँ लुप्त हो जाती हैं। उसके दक्षिण में तराई का दलदली क्षेत्र है जहाँ ये नदियाँ फिर सतह पर निकल आती हैं।

भांगर पुराना जलोढ़ है जो बाढ़ के मैदान से ऊँचा होता है और इसमें कंकड़ मिलते हैं। खादर नया जलोढ़ है जो नदियों के बाढ़ के मैदानों में हर वर्ष नवीकृत होता है और अधिक उपजाऊ है।

पश्चिमी घाट सतत और अधिक ऊँचे हैं तथा केवल दर्रों से पार किए जा सकते हैं, जबकि पूर्वी घाट असतत और नीचे हैं क्योंकि पूर्ववाही नदियों ने इन्हें काट दिया है। दोनों नीलगिरि पहाड़ियों में मिलते हैं।

दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी अनाईमुडी है, जो केरल की अन्नामलाई पहाड़ियों में है। नीलगिरि की सबसे ऊँची चोटी डोडाबेट्टा है।

नाथू ला सिक्किम में, शिपकी ला हिमाचल प्रदेश में और बोमडी ला अरुणाचल प्रदेश में है। शिपकी ला से सतलुज नदी भारत में प्रवेश करती है।

पूर्वांचल में पटकाई बुम, नागा पहाड़ियाँ, मणिपुर पहाड़ियाँ और मिज़ो (लुशाई) पहाड़ियाँ आती हैं। मेघालय की गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियाँ पूर्वांचल नहीं, बल्कि प्रायद्वीपीय पठार का विस्तार हैं।

भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी बैरन द्वीप पर है, जो अंडमान द्वीप समूह में स्थित है। नारकोंडम द्वीप एक सुप्त ज्वालामुखी है।

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