सुयोग अकादमी (Suyog Academy)
suyogacademy.com — RPSC & RSMSSB फ्री GK नोट्स
भारत व विश्व का भूगोल

भारत का अपवाह तंत्र और प्रमुख नदियाँ — सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र, प्रायद्वीपीय नदियाँ, बाँध व झीलें

महेंद्र ढाका (भूगोल, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, गणित व बाल विकास-शिक्षाशास्त्र नोट्स लेखक)
प्रकाशित:
21 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: UPSC CSE प्रारंभिक, RPSC RAS, SSC व RSSB CET पाठ्यक्रम की भूगोल इकाई; NCERT भूगोल पाठ्यपुस्तकें (कक्षा 6–12)। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।

शेयर करें:
📚Indian GeographySUYOG ACADEMY
📚
सुयोग अकादमी • RPSC & RSMSSB100% नि:शुल्क

सुयोग AI गुरु

नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

संक्षिप्त उत्तर: भारत की नदियाँ दो वर्गों में बँटती हैं — हिमालयी नदियाँ (सदावाहिनी, हिमनद और वर्षा दोनों से जल, गहरे गॉर्ज, बड़े विसर्प व डेल्टा) और प्रायद्वीपीय नदियाँ (मौसमी, वर्षा पर निर्भर, उथली घाटियाँ, पुरानी और परिपक्व)। सिंधु तंत्र में झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज हैं; 1960 की सिंधु जल संधि के तहत पूर्वी नदियाँ (रावी, ब्यास, सतलुज) भारत को और पश्चिमी नदियाँ (सिंधु, झेलम, चिनाब) मुख्यतः पाकिस्तान को दी गईं। भागीरथी और अलकनंदा देवप्रयाग में मिलकर गंगा बनाती हैं; यमुना और सोन दाहिने किनारे से, तथा रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी बाएँ किनारे से मिलती हैं। ब्रह्मपुत्र तिब्बत में सांगपो, अरुणाचल में सियांग / दिहांग और बांग्लादेश में जमुना कहलाती है। पूर्ववाही प्रायद्वीपीय नदियों — महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी — के मुहाने पर डेल्टा बनते हैं; गोदावरी सबसे लंबी प्रायद्वीपीय नदी है और "दक्षिण गंगा" कहलाती है। पश्चिमवाही नर्मदा और ताप्ती भ्रंश घाटियों में बहकर अरब सागर में ज्वारनदमुख (एस्चुअरी) बनाती हैं। प्रमुख झीलें — वुलर (मीठे पानी की सबसे बड़ी), चिल्का (सबसे बड़ा लैगून), सांभर (अंतर्देशीय खारी), लोकटक (फुमदी), वेंबनाड व पुलिकट।


संक्षिप्त उत्तर

तथ्यउत्तर
भारत की सबसे लंबी नदी (भारत में बहाव)गंगा (लगभग 2500 किमी से अधिक)
सबसे लंबी प्रायद्वीपीय नदीगोदावरी ("दक्षिण गंगा", "वृद्ध गंगा")
गंगा का निर्माणभागीरथी + अलकनंदा, देवप्रयाग (उत्तराखंड)
भागीरथी का स्रोतगंगोत्री हिमनद (गोमुख)
यमुना का स्रोतयमुनोत्री हिमनद
गंगा-यमुना संगमप्रयागराज
सिंधु जल संधि1960, विश्व बैंक की मध्यस्थता से
भारत को मिली नदियाँ (संधि)पूर्वी — रावी, ब्यास, सतलुज
सिंधु की सबसे बड़ी सहायकचिनाब
पूरी तरह भारत में बहने वाली सिंधु-सहायकब्यास
ब्रह्मपुत्र के नामसांगपो (तिब्बत) → सियांग/दिहांग (अरुणाचल) → ब्रह्मपुत्र (असम) → जमुना (बांग्लादेश)
पश्चिमवाही बड़ी नदियाँनर्मदा, ताप्ती (भ्रंश घाटी, ज्वारनदमुख)
"बिहार का शोक"कोसी
"बंगाल का शोक"दामोदर
मीठे पानी की सबसे बड़ी झीलवुलर (जम्मू-कश्मीर)
सबसे बड़ा खारे पानी का लैगूनचिल्का (ओडिशा)
सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारी झीलसांभर (राजस्थान)
"भारत का नियाग्रा"चित्रकूट जलप्रपात (इंद्रावती, छत्तीसगढ़)

2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?

अपवाह तंत्र NCERT कक्षा 9 "समकालीन भारत" के अध्याय "अपवाह" और कक्षा 11 "भारत: भौतिक पर्यावरण" के "अपवाह तंत्र" अध्याय का विषय है। नदियों का मार्ग भौतिक प्रदेशों से तय होता है और उनका जल-प्रवाह मानसून पर निर्भर है, इसलिए यह अध्याय दोनों को जोड़ता है।

परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★

  • UPSC प्रारंभिक: नदी ↔ सहायक, उद्गम, किन राज्यों से बहती है, बाँध ↔ नदी, उत्तर से दक्षिण / पश्चिम से पूर्व क्रम।
  • RAS: चंबल, माही, लूनी, बनास; इंदिरा गांधी नहर (हरिके बैराज); सांभर झील; राष्ट्रीय नदियों से तुलना।
  • SSC, RRB NTPC: एक-पंक्ति तथ्य — उद्गम, संगम, उपनाम, झील, जलप्रपात।
  • राजस्थान CET, पटवारी: सुमेलन — बाँध ↔ नदी ↔ राज्य, झील ↔ राज्य।

प्रश्न कैसे आते हैं?

  1. बाएँ / दाएँ किनारे की सहायक नदियाँ
  2. उद्गम-स्थल ↔ नदी
  3. डेल्टा बनाम ज्वारनदमुख
  4. बाँध / परियोजना ↔ नदी ↔ राज्य
  5. झील ↔ राज्य ↔ विशेषता
  6. सिंधु जल संधि की नदियाँ
  7. प्रयाग (संगम) और जलप्रपात

3. हिमालयी बनाम प्रायद्वीपीय नदियाँ

पक्षहिमालयी नदियाँप्रायद्वीपीय नदियाँ
उद्गमहिमालय के हिमनदप्रायद्वीपीय पठार, मुख्यतः पश्चिमी घाट
जल-स्रोतहिमनद-पिघलन + वर्षाकेवल वर्षा
प्रवाहसदावाहिनी (पूरे वर्ष)मौसमी; गर्मियों में जल बहुत घटता है
लंबाई व अपवाह क्षेत्रलंबी, विशाल बेसिनअपेक्षाकृत छोटी
घाटीगहरी V-आकार घाटियाँ व गॉर्ज (अपरदन सक्रिय)चौड़ी, उथली घाटियाँ; लगभग संतुलित (graded) ढाल
आयुयुवा; अपवाह-परिवर्तन जारीपुरानी, परिपक्व
मैदानी भाग मेंविसर्प, मार्ग-परिवर्तन, बाढ़निश्चित मार्ग, कम विसर्प
मुहानाबड़े डेल्टा (गंगा-ब्रह्मपुत्र — सुंदरबन)पूर्ववाही — डेल्टा; पश्चिमवाही — ज्वारनदमुख
उदाहरणसिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्रमहानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, नर्मदा, ताप्ती

अपवाह प्रतिरूप: वृक्षाकार (द्रुमाकृतिक) — उत्तरी मैदान की नदियाँ; अरीय — अमरकंटक श्रेणी से अलग-अलग दिशाओं में निकलने वाली नदियाँ (जैसे नर्मदा, सोन); जालीनुमा — प्रायद्वीप के ऊपरी भाग में कुछ क्षेत्र; अभिकेंद्री — किसी आंतरिक झील की ओर बहाव (जैसे लोकटक की ओर)।

जल विभाजक: दो अपवाह द्रोणियों को अलग करने वाली ऊँची भूमि। भारत में अंबाला के आसपास का उच्च भाग सिंधु और गंगा तंत्रों को अलग करता है।


4. सिंधु नदी तंत्र

सिंधु तिब्बत में मानसरोवर झील के पास से निकलती है, पश्चिम की ओर बहती हुई लद्दाख में भारत में प्रवेश करती है और आगे पाकिस्तान से होकर कराची के पास अरब सागर में गिरती है। इसकी कुल लंबाई लगभग 2900 किमी है (भारत में लगभग 1100 किमी)। कश्मीर क्षेत्र में इससे ज़ास्कर, श्योक, नुब्रा, हुंजा जैसी नदियाँ मिलती हैं। पाकिस्तान में मिठानकोट के पास इसमें पंचनद (झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास, सतलुज का संयुक्त जल) मिलता है।

नदीउद्गम (NCERT)प्रमुख तथ्य
झेलमकश्मीर घाटी के दक्षिण-पूर्व में, पीर पंजाल के पाद पर वेरीनाग झरनाश्रीनगर और वुलर झील से होकर बहती है; पाकिस्तान में झंग के पास चिनाब से मिलती है
चिनाबहिमाचल में चंद्रा और भागा के संगम (तांडी, केलांग के पास) सेसिंधु की सबसे बड़ी सहायक; हिमाचल में चंद्रभागा भी कहलाती है; सलाल, बगलिहार परियोजनाएँ
रावीहिमाचल की कुल्लू पहाड़ियों में, रोहतांग दर्रे के पश्चिमचंबा घाटी से बहती है; रंजीत सागर (थीन) बाँध
ब्यासरोहतांग दर्रे के पास ब्यास कुंडकुल्लू घाटी; हरिके (पंजाब) में सतलुज से मिलती है; पूरी तरह भारत में; पौंग बाँध
सतलुजतिब्बत में मानसरोवर के पास राकस तालशिपकी ला से भारत में प्रवेश; भाखड़ा-नांगल; पूर्ववर्ती (antecedent) नदी

पूर्ववर्ती नदी: जो नदी पर्वत के उठने से पहले से बह रही हो और पर्वत के उठने के साथ-साथ काटकर अपना मार्ग बनाए रखे। सिंधु, सतलुज और ब्रह्मपुत्र को हिमालय की पूर्ववर्ती नदियाँ माना जाता है।

सिंधु जल संधि, 1960

पक्षविवरण
हस्ताक्षर1960, भारत और पाकिस्तान के बीच, विश्व बैंक की मध्यस्थता से
पूर्वी नदियाँ — भारतरावी, ब्यास, सतलुज
पश्चिमी नदियाँ — मुख्यतः पाकिस्तानसिंधु, झेलम, चिनाब (भारत को इन पर सीमित उपयोग — सिंचाई, जलविद्युत आदि — का अधिकार)
NCERT का कथनभारत सिंधु तंत्र के कुल जल का केवल लगभग 20% उपयोग कर सकता है
हाल की स्थितिअप्रैल 2025 में भारत ने संधि को "स्थगित" (abeyance) रखने की घोषणा की; यह बदलती स्थिति है, इसलिए नवीनतम सरकारी सूचना देखें

इंदिरा गांधी नहर: सतलुज-ब्यास संगम पर हरिके बैराज (पंजाब) से निकलकर राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थल (गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जैसलमेर आदि) तक जल पहुँचाती है।


5. गंगा नदी तंत्र

गंगा भारत की सबसे महत्वपूर्ण और सबसे लंबी (भारत में बहाव के आधार पर) नदी है; इसकी लंबाई 2500 किमी से अधिक है। इसका उद्गम-शीर्ष भागीरथी है, जो गंगोत्री हिमनद (गोमुख) से निकलती है। अलकनंदा बद्रीनाथ के ऊपर सतोपंथ हिमनद से निकलती है। दोनों देवप्रयाग में मिलकर गंगा कहलाती हैं, जो हरिद्वार में मैदान में प्रवेश करती है।

अलकनंदा के पंच प्रयाग (ऊपर से नीचे)

प्रयागसंगम
विष्णुप्रयागअलकनंदा + धौलीगंगा
नंदप्रयागअलकनंदा + नंदाकिनी
कर्णप्रयागअलकनंदा + पिंडर
रुद्रप्रयागअलकनंदा + मंदाकिनी
देवप्रयागअलकनंदा + भागीरथी = गंगा

गंगा की सहायक नदियाँ

बाएँ किनारे (उत्तर से; अधिकतर हिमालय से आने वाली)दाएँ किनारे (दक्षिण से)
रामगंगायमुना (प्रयागराज में संगम)
गोमतीसोन (अमरकंटक से; पटना के पास संगम)
घाघरा (करनाली)टोंस/तमसा, पुनपुन
गंडक—
बूढ़ी गंडक—
कोसी ("बिहार का शोक")—
महानंदा (गंगा की अंतिम बाएँ किनारे की सहायक)—

यमुना: गंगा की सबसे लंबी और पश्चिमी सहायक; उद्गम यमुनोत्री हिमनद। इसकी दाहिनी सहायक नदियाँ चंबल, सिंध, बेतवा, केन प्रायद्वीपीय पठार से आती हैं; बाईं ओर हिंडन, रिंद, सेंगर आदि। चंबल मध्य प्रदेश के महू के पास जानापाव पहाड़ियों से निकलती है और उत्खात भूमि (बीहड़) के लिए प्रसिद्ध है; इस पर गांधी सागर (म.प्र.), राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर (राजस्थान) बाँध हैं।

डेल्टा: फरक्का (प. बंगाल) के बाद गंगा दो धाराओं में बँटती है — भागीरथी-हुगली (भारत में, कोलकाता होकर) और पद्मा (बांग्लादेश)। पद्मा बांग्लादेश में जमुना (ब्रह्मपुत्र) से मिलती है और आगे मेघना कहलाकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है। गंगा-ब्रह्मपुत्र का डेल्टा — सुंदरबन — विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा है। दामोदर ("बंगाल का शोक") छोटानागपुर से निकलकर हुगली में मिलती है; दामोदर घाटी निगम (DVC) इसी पर है। गंगा को 2008 में राष्ट्रीय नदी घोषित किया गया।


6. ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र

क्षेत्रनाम / घटना
उद्गमकैलाश श्रेणी में मानसरोवर झील के पास चेमायुंगडुंग हिमनद (NCERT कक्षा 11)
तिब्बतसांगपो — हिमालय के समानांतर पूर्व की ओर बहती है
मोड़नामचा बरवा के पास तीव्र U-मोड़, गहरा गॉर्ज
अरुणाचल प्रदेशसियांग / दिहांग नाम से भारत में प्रवेश
असमदिबांग और लोहित के मिलने के बाद ब्रह्मपुत्र; गुथा हुआ (braided) मार्ग; माजुली नदी-द्वीप
बांग्लादेशजमुना; तीस्ता दाहिने किनारे पर मिलती है; पद्मा से मिलकर मेघना
लंबाईलगभग 2900 किमी
प्रमुख सहायक (भारत)सुबनसिरी, मानस, धनसिरी, कपिली, दिबांग, लोहित

तिब्बत ठंडा और शुष्क है, इसलिए वहाँ सांगपो में जल और गाद कम होती है। भारत में भारी वर्षा वाले क्षेत्र से गुज़रने पर यह विशाल जल और गाद लाती है, जिससे असम में बाढ़ और मार्ग-परिवर्तन आम हैं।


7. पूर्ववाही प्रायद्वीपीय नदियाँ (बंगाल की खाड़ी में, डेल्टा)

नदीउद्गम (NCERT)लंबाई (लगभग)प्रमुख सहायकराज्य / तथ्य
महानदीछत्तीसगढ़ के रायपुर ज़िले में सिहावा के पास850 किमीशिवनाथ, हसदेव, मांड, इब, तेलछत्तीसगढ़, ओडिशा; हीराकुंड बाँध (ओडिशा); कटक के पास डेल्टा
गोदावरीमहाराष्ट्र के नासिक ज़िले में (त्र्यंबकेश्वर)1465 किमीपूर्णा, वर्धा, वैनगंगा, पेनगंगा, इंद्रावती, मंजरा, प्राणहितासबसे लंबी प्रायद्वीपीय नदी; सबसे बड़ा प्रायद्वीपीय बेसिन; "दक्षिण गंगा"; महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश
कृष्णासह्याद्रि में महाबलेश्वर के पास1400 किमीकोयना, तुंगभद्रा, भीमा, घाटप्रभा, मालप्रभा, मूसीमहाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश; नागार्जुन सागर, श्रीशैलम
कावेरीकर्नाटक के कोडगु ज़िले में ब्रह्मगिरि पहाड़ियाँ (तालकावेरी)800 किमीहेमावती, काबिनी, भवानी, अमरावती, लक्ष्मणतीर्थकर्नाटक, तमिलनाडु; शिवसमुद्रम जलप्रपात; श्रीरंगपट्टनम, श्रीरंगम द्वीप; KRS व मेट्टूर बाँध

कावेरी लगभग सदावाहिनी क्यों? इसके ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र (कर्नाटक) में दक्षिण-पश्चिम मानसून से और निचले भाग (तमिलनाडु) में उत्तर-पूर्व (लौटते) मानसून से वर्षा होती है, इसलिए अन्य प्रायद्वीपीय नदियों की तुलना में इसके प्रवाह में उतार-चढ़ाव कम है।

अन्य पूर्ववाही नदियाँ: स्वर्णरेखा, ब्राह्मणी (ओडिशा), पेन्नार (आंध्र प्रदेश), वैगई (तमिलनाडु)। कोल्लेरू झील (आंध्र) गोदावरी और कृष्णा डेल्टाओं के बीच है।


8. पश्चिमवाही नदियाँ (अरब सागर में, ज्वारनदमुख)

नदीउद्गम (NCERT)लंबाई (लगभग)विशेषता
नर्मदामध्य प्रदेश में अमरकंटक पठार1310 किमीविंध्याचल-सतपुड़ा के बीच भ्रंश घाटी; जबलपुर के पास भेड़ाघाट में संगमरमर की चट्टानें व धुआँधार प्रपात; सरदार सरोवर (गुजरात), इंदिरा सागर (म.प्र.); भरूच के पास खंभात की खाड़ी में ज्वारनदमुख
ताप्ती (तापी)मध्य प्रदेश के बैतूल ज़िले में मुलताई724 किमीसतपुड़ा के दक्षिण भ्रंश घाटी; उकाई बाँध; सूरत; खंभात की खाड़ी
माहीमध्य प्रदेश (विंध्याचल)—राजस्थान (बाँसवाड़ा — माही बजाज सागर) होते हुए गुजरात; कर्क रेखा को दो बार काटती है; खंभात की खाड़ी
साबरमतीराजस्थान (अरावली)—अहमदाबाद; खंभात की खाड़ी
लूनीअरावली, अजमेर के पास (पुष्कर घाटी क्षेत्र)—थार की प्रमुख नदी; बालोतरा के बाद जल खारा; कच्छ के रण में विलीन — समुद्र तक नहीं पहुँचती
पश्चिमी घाट की छोटी नदियाँपश्चिमी घाटछोटीशरावती (जोग प्रपात), मांडवी, जुआरी (गोवा), पेरियार, भरतपुझा (केरल) — तेज़ बहाव, छोटे मार्ग

नर्मदा-ताप्ती डेल्टा क्यों नहीं बनातीं? ये कठोर चट्टानों वाली भ्रंश घाटियों में बहती हैं, अपने साथ कम अवसाद लाती हैं, और इनके मुहानों पर ज्वार की तीव्र क्रिया अवसाद को बहा ले जाती है। इसलिए ये ज्वारनदमुख बनाती हैं।


9. उद्गम और मुहाना: एक नज़र में

नदीउद्गममुहाना / अंत
सिंधुतिब्बत, मानसरोवर के पासअरब सागर (कराची के पास)
सतलुजराकस ताल (तिब्बत)चिनाब में (पंचनद से सिंधु)
ब्यासब्यास कुंड (रोहतांग के पास)हरिके में सतलुज
झेलमवेरीनागचिनाब (पाकिस्तान)
गंगा (भागीरथी)गंगोत्री हिमनद (गोमुख)बंगाल की खाड़ी (सुंदरबन डेल्टा)
अलकनंदासतोपंथ हिमनददेवप्रयाग में भागीरथी
यमुनायमुनोत्री हिमनदप्रयागराज में गंगा
चंबलजानापाव पहाड़ियाँ, महू (म.प्र.)यमुना (इटावा के पास)
सोनअमरकंटकपटना के पास गंगा
ब्रह्मपुत्रचेमायुंगडुंग हिमनद (कैलाश श्रेणी)बंगाल की खाड़ी (मेघना के रूप में)
महानदीसिहावा, रायपुर (छत्तीसगढ़)बंगाल की खाड़ी (ओडिशा)
गोदावरीनासिक (त्र्यंबकेश्वर), महाराष्ट्रबंगाल की खाड़ी (आंध्र प्रदेश)
कृष्णामहाबलेश्वर, महाराष्ट्रबंगाल की खाड़ी (आंध्र प्रदेश)
कावेरीब्रह्मगिरि, कोडगु (कर्नाटक)बंगाल की खाड़ी (तमिलनाडु)
नर्मदाअमरकंटक (म.प्र.)खंभात की खाड़ी (भरूच)
ताप्तीमुलताई, बैतूल (म.प्र.)खंभात की खाड़ी (सूरत)
लूनीअजमेर के पास अरावलीकच्छ का रण

अमरकंटक से नर्मदा (पश्चिम की ओर) और सोन (उत्तर की ओर) निकलती हैं। महानदी का उद्गम अमरकंटक नहीं, छत्तीसगढ़ का सिहावा है — इन्हें मिलाएँ नहीं।


10. प्रमुख बाँध और परियोजनाएँ

बाँध / परियोजनानदीराज्यटिप्पणी
भाखड़ा-नांगलसतलुजहिमाचल प्रदेश / पंजाबगोबिंद सागर जलाशय
पौंगब्यासहिमाचल प्रदेशमहाराणा प्रताप सागर
रंजीत सागर (थीन)रावीपंजाब—
सलाल, बगलिहारचिनाबजम्मू-कश्मीरजलविद्युत
टिहरीभागीरथीउत्तराखंडभारत के सबसे ऊँचे बाँधों में
फरक्का बैराजगंगापश्चिम बंगालहुगली में जल मोड़ना
दामोदर घाटी (DVC)दामोदरझारखंड / प. बंगालस्वतंत्र भारत की पहली बहुउद्देशीय परियोजनाओं में
हीराकुंडमहानदीओडिशासबसे लंबे बाँधों में
सरदार सरोवरनर्मदागुजरातनर्मदा घाटी परियोजना
इंदिरा सागरनर्मदामध्य प्रदेश—
उकाईताप्तीगुजरात—
गांधी सागरचंबलमध्य प्रदेशचंबल घाटी परियोजना
राणा प्रताप सागर, जवाहर सागरचंबलराजस्थानरावतभाटा, कोटा
माही बजाज सागरमाहीराजस्थानबाँसवाड़ा
नागार्जुन सागरकृष्णातेलंगाना / आंध्र प्रदेश—
श्रीशैलमकृष्णाआंध्र प्रदेश / तेलंगाना—
अलमट्टीकृष्णाकर्नाटक—
कोयनाकोयना (कृष्णा की सहायक)महाराष्ट्र—
तुंगभद्रातुंगभद्राकर्नाटक—
कृष्णराज सागर (KRS)कावेरीकर्नाटकमैसूरु के पास
मेट्टूरकावेरीतमिलनाडु—
इडुक्कीपेरियारकेरलमेहराबदार (आर्च) बाँध
हरिके बैराजसतलुज-ब्यास संगमपंजाबइंदिरा गांधी नहर का स्रोत

11. प्रमुख झीलें

झीलराज्य / के.प्र.प्रकार / विशेषता
वुलरजम्मू-कश्मीरमीठे पानी की सबसे बड़ी झील; झेलम इससे होकर बहती है
डलजम्मू-कश्मीर (श्रीनगर)शिकारे, हाउसबोट
चिल्काओडिशाभारत का सबसे बड़ा खारे पानी का लैगून; महानदी डेल्टा के दक्षिण
पुलिकटआंध्र प्रदेश-तमिलनाडुदूसरा बड़ा लैगून; श्रीहरिकोटा द्वीप इसे समुद्र से अलग करता है
लोकटकमणिपुरमीठे पानी की; तैरते वनस्पति-द्वीप फुमदी; कीबुल लामजाओ — तैरता राष्ट्रीय उद्यान
सांभरराजस्थानसबसे बड़ी अंतर्देशीय खारी झील; नमक उत्पादन
वेंबनाडकेरलसबसे लंबी झील; कयाल / पश्च जल; पुन्नमदा में नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़
कोल्लेरूआंध्र प्रदेशमीठे पानी की; गोदावरी-कृष्णा डेल्टा के बीच
पैंगोंग त्सोलद्दाख (भारत-चीन)उच्च हिमालयी खारी झील
लोनारमहाराष्ट्रउल्कापिंड-प्रहार से बना गर्त (क्रेटर)
नैनीताल, भीमतालउत्तराखंडमीठे पानी की पर्वतीय झीलें

12. प्रमुख जलप्रपात

जलप्रपातनदीराज्य
जोग (गरसोप्पा)शरावतीकर्नाटक
शिवसमुद्रमकावेरीकर्नाटक
होगेनक्कलकावेरीतमिलनाडु
दूधसागरमांडवीगोवा-कर्नाटक सीमा
धुआँधारनर्मदामध्य प्रदेश (भेड़ाघाट, जबलपुर)
कपिलधारानर्मदामध्य प्रदेश (अमरकंटक)
चित्रकूट ("भारत का नियाग्रा")इंद्रावतीछत्तीसगढ़ (बस्तर)
हुंडरूस्वर्णरेखाझारखंड (राँची)
अथिरापल्लीचालकुडीकेरल
चचाईबीहड़ (टोंस की सहायक)मध्य प्रदेश (रीवा)

"सबसे ऊँचा जलप्रपात" के बारे में स्रोत अलग-अलग नाम देते हैं (मापन — कुल ऊँचाई या एकल गिरावट — के अनुसार), इसलिए यह तथ्य इस नोट के क्विज़ में नहीं रखा गया।


13. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)

Trap 1: बाएँ बनाम दाएँ किनारे

गंगा की दाहिनी सहायक — यमुना, सोन (प्रायद्वीपीय पक्ष)। बाईं — रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी, महानंदा (हिमालयी पक्ष)। "गोमती दाहिने किनारे से मिलती है" — गलत।

Trap 2: देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग नहीं

भागीरथी और अलकनंदा देवप्रयाग में मिलती हैं। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा-मंदाकिनी का संगम है।

Trap 3: सिंधु जल संधि की नदियाँ

भारत को पूर्वी नदियाँ — रावी, ब्यास, सतलुज। पश्चिमी — सिंधु, झेलम, चिनाब — मुख्यतः पाकिस्तान को। "चिनाब भारत को मिली" — गलत।

Trap 4: गोदावरी सबसे लंबी प्रायद्वीपीय

कृष्णा या नर्मदा नहीं, गोदावरी सबसे लंबी प्रायद्वीपीय नदी है। सबसे लंबी पश्चिमवाही प्रायद्वीपीय नदी नर्मदा है।

Trap 5: डेल्टा बनाम ज्वारनदमुख

नर्मदा-ताप्ती ज्वारनदमुख; महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी डेल्टा। "नर्मदा डेल्टा बनाती है" — गलत।

Trap 6: ब्रह्मपुत्र के नाम का क्रम

तिब्बत में सांगपो, अरुणाचल में सियांग/दिहांग, असम में ब्रह्मपुत्र, बांग्लादेश में जमुना। यमुना (भारत की नदी) और जमुना (बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र) अलग हैं।

Trap 7: लूनी समुद्र तक नहीं पहुँचती

लूनी कच्छ के रण में विलीन होती है; इसे "अरब सागर में गिरने वाली" न मानें। यह आंतरिक अपवाह जैसा व्यवहार है।

Trap 8: वुलर बनाम चिल्का बनाम सांभर

मीठे पानी की सबसे बड़ी — वुलर; खारे पानी का सबसे बड़ा लैगून — चिल्का; सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारी झील — सांभर। तीनों "सबसे बड़ी" हैं, पर अलग श्रेणी में।

Trap 9: सतलुज का उद्गम मानसरोवर नहीं

NCERT के अनुसार सतलुज राकस ताल से निकलती है, जो मानसरोवर के पास है। सिंधु और ब्रह्मपुत्र मानसरोवर क्षेत्र के पास से निकलती हैं।

Trap 10: ब्यास पाकिस्तान नहीं जाती

ब्यास हरिके में सतलुज से मिल जाती है, इसलिए यह पूरी तरह भारत में बहती है।


14. Most-Asked रिवीज़न तालिका (55 तथ्य)

क्र.प्रश्नउत्तर
1सदावाहिनी नदियाँहिमालयी
2प्रायद्वीपीय नदियों का जल-स्रोतवर्षा
3सिंधु का उद्गमतिब्बत, मानसरोवर के पास
4सिंधु भारत में किस के.प्र. से बहती हैलद्दाख
5झेलम का उद्गमवेरीनाग
6झेलम किस झील से होकर बहती हैवुलर
7चिनाब का निर्माणचंद्रा + भागा (तांडी)
8सिंधु की सबसे बड़ी सहायकचिनाब
9ब्यास का उद्गमब्यास कुंड (रोहतांग के पास)
10ब्यास-सतलुज संगमहरिके (पंजाब)
11सतलुज का उद्गमराकस ताल
12सतलुज का भारत में प्रवेशशिपकी ला
13भाखड़ा-नांगलसतलुज
14सिंधु जल संधि का वर्ष1960
15संधि में मध्यस्थविश्व बैंक
16भारत को मिली नदियाँरावी, ब्यास, सतलुज
17भागीरथी का स्रोतगंगोत्री (गोमुख)
18अलकनंदा का स्रोतसतोपंथ हिमनद
19भागीरथी-अलकनंदा संगमदेवप्रयाग
20अलकनंदा-मंदाकिनी संगमरुद्रप्रयाग
21गंगा का मैदान में प्रवेशहरिद्वार
22यमुना का स्रोतयमुनोत्री
23गंगा-यमुना संगमप्रयागराज
24गंगा की दाहिनी सहायकयमुना, सोन
25गंगा की बाईं सहायकरामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी
26बिहार का शोककोसी
27बंगाल का शोकदामोदर
28सोन का उद्गमअमरकंटक
29चंबल का उद्गमजानापाव पहाड़ियाँ, महू
30चंबल किसमें मिलती हैयमुना
31बांग्लादेश में गंगापद्मा
32विश्व का सबसे बड़ा डेल्टासुंदरबन (गंगा-ब्रह्मपुत्र)
33गंगा राष्ट्रीय नदी2008
34तिब्बत में ब्रह्मपुत्रसांगपो
35अरुणाचल में ब्रह्मपुत्रसियांग / दिहांग
36बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्रजमुना
37ब्रह्मपुत्र का मोड़नामचा बरवा
38माजुलीब्रह्मपुत्र का नदी-द्वीप (असम)
39महानदी का उद्गमसिहावा, रायपुर
40हीराकुंडमहानदी, ओडिशा
41सबसे लंबी प्रायद्वीपीय नदीगोदावरी
42गोदावरी का उद्गमनासिक (त्र्यंबकेश्वर)
43कृष्णा का उद्गममहाबलेश्वर
44कृष्णा की सहायकतुंगभद्रा, भीमा, कोयना
45कावेरी का उद्गमब्रह्मगिरि (तालकावेरी)
46शिवसमुद्रम प्रपातकावेरी
47नर्मदा का उद्गमअमरकंटक
48नर्मदा किनके बीचविंध्याचल-सतपुड़ा (भ्रंश घाटी)
49धुआँधार प्रपातनर्मदा, जबलपुर
50ताप्ती का उद्गममुलताई (बैतूल)
51कर्क रेखा को दो बार काटने वालीमाही
52जोग प्रपातशरावती, कर्नाटक
53चित्रकूट प्रपातइंद्रावती, छत्तीसगढ़
54लोकटक झीलमणिपुर — फुमदी
55सबसे लंबी झीलवेंबनाड (केरल)

15. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

नीचे इस अध्याय के प्रचलित ढाँचे और स्वयं बनाए नमूना प्रश्न हैं:

  1. सहायक नदी पहचान: "निम्न में से कौन-सी गंगा की दाहिने किनारे की सहायक है? (a) गोमती (b) घाघरा (c) सोन (d) कोसी" — सोन।
  2. उद्गम ↔ नदी सुमेलन: "वेरीनाग — ?, ब्यास कुंड — ?, मुलताई — ?" — झेलम, ब्यास, ताप्ती।
  3. कथन-आधारित (UPSC शैली): "1. नर्मदा भ्रंश घाटी में बहती है। 2. नर्मदा डेल्टा बनाती है।" — केवल कथन 1 सही।
  4. बाँध ↔ नदी: "हीराकुंड, नागार्जुन सागर, मेट्टूर — क्रमशः किन नदियों पर?" — महानदी, कृष्णा, कावेरी।
  5. क्रम-व्यवस्था: "अलकनंदा के प्रयागों को ऊपर से नीचे रखें" — विष्णु, नंद, कर्ण, रुद्र, देव।
  6. झील ↔ राज्य: "लोकटक — ?, पुलिकट — ?, वेंबनाड — ?" — मणिपुर, आंध्र-तमिलनाडु, केरल।
  7. "कौन-सा सुमेलित नहीं": "चित्रकूट — नर्मदा" जैसा गलत युग्म (सही: इंद्रावती)।

रणनीति: सहायक नदी वाले प्रश्नों में दिशा सोचें — हिमालय से आने वाली गंगा-सहायक बाईं ओर, पठार से आने वाली दाईं ओर। बाँधों में पहले नदी का राज्य-क्रम याद करें, फिर बाँध को उसी पर रखें।


16. इसे आसानी से याद कैसे रखें?

1. पंचनद (पश्चिम → पूर्व): "झे-चि-रा-ब्या-स" — झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास, सतलुज।

2. सिंधु संधि: "RBS = भारत (Ravi, Beas, Satluj); IJC = पाकिस्तान (Indus, Jhelum, Chenab)।"

3. पंच प्रयाग (ऊपर से नीचे): "वि-नं-क-रु-दे" — "विष्णु नंद के रूद्र देव" → विष्णु, नंद, कर्ण, रुद्र, देव।

4. गंगा की बाईं सहायक (पश्चिम → पूर्व): "रा-गो-घा-गं-को" — रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी।

5. ब्रह्मपुत्र के नाम: "सां-सि-ब्र-ज" — सांगपो, सियांग, ब्रह्मपुत्र, जमुना।

6. पूर्ववाही नदियाँ (उत्तर → दक्षिण): "म-गो-कृ-का" — महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी — सब डेल्टा।

7. पश्चिमवाही: "न-ता पश्चिम जाता" — नर्मदा, ताप्ती → ज्वारनदमुख।

8. "सबसे बड़ी" झीलें: "मीठी वुलर, खारी सांभर, लैगून चिल्का, लंबी वेंबनाड।"


17. कथन अभ्यास

हिमालयी नदियाँ सदावाहिनी हैं क्योंकि उन्हें हिमनद और वर्षा दोनों से जल मिलता है। — सही।

भागीरथी और अलकनंदा रुद्रप्रयाग में मिलती हैं। — गलत (देवप्रयाग में)।

सिंधु जल संधि के तहत रावी, ब्यास और सतलुज भारत को मिलीं। — सही।

चिनाब सिंधु की सबसे बड़ी सहायक नदी है। — सही।

गोमती गंगा की दाहिने किनारे की सहायक है। — गलत (बाएँ किनारे की)।

ब्रह्मपुत्र को तिब्बत में सांगपो कहते हैं। — सही।

कृष्णा सबसे लंबी प्रायद्वीपीय नदी है। — गलत (गोदावरी)।

नर्मदा और ताप्ती अपने मुहानों पर डेल्टा बनाती हैं। — गलत (ज्वारनदमुख बनाती हैं)।

हीराकुंड बाँध महानदी पर है। — सही।

वुलर भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है। — सही।

लूनी नदी अरब सागर में गिरती है। — गलत (कच्छ के रण में विलीन)।

चित्रकूट जलप्रपात इंद्रावती नदी पर है। — सही।


18. एक दिन पहले — 15 रेखाएँ

  1. हिमालयी — सदावाहिनी, गॉर्ज, विसर्प, डेल्टा; प्रायद्वीपीय — मौसमी, उथली घाटी, पुरानी
  2. सिंधु — मानसरोवर के पास, लद्दाख से भारत में; पंचनद मिठानकोट के पास मिलता है
  3. झेलम — वेरीनाग, वुलर; चिनाब — चंद्रा + भागा, सबसे बड़ी सहायक
  4. ब्यास — ब्यास कुंड, हरिके में सतलुज, पूरी तरह भारत में; सतलुज — राकस ताल, शिपकी ला, भाखड़ा
  5. सिंधु जल संधि 1960, विश्व बैंक — रावी, ब्यास, सतलुज भारत को
  6. भागीरथी (गोमुख) + अलकनंदा (सतोपंथ) = गंगा, देवप्रयाग; हरिद्वार में मैदान
  7. दाहिनी — यमुना, सोन; बाईं — रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी, महानंदा
  8. यमुना — यमुनोत्री, प्रयागराज; चंबल-बेतवा-केन — यमुना की दाहिनी सहायक
  9. कोसी — बिहार का शोक; दामोदर — बंगाल का शोक; सुंदरबन — विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा
  10. ब्रह्मपुत्र — सांगपो → सियांग/दिहांग → ब्रह्मपुत्र → जमुना; माजुली
  11. महानदी (सिहावा, हीराकुंड), गोदावरी (नासिक, सबसे लंबी), कृष्णा (महाबलेश्वर), कावेरी (ब्रह्मगिरि)
  12. नर्मदा (अमरकंटक), ताप्ती (मुलताई) — भ्रंश घाटी, ज्वारनदमुख, खंभात की खाड़ी
  13. माही — कर्क रेखा दो बार; लूनी — कच्छ का रण
  14. वुलर — मीठी; चिल्का — लैगून; सांभर — खारी; लोकटक — फुमदी; वेंबनाड — सबसे लंबी
  15. जोग — शरावती; शिवसमुद्रम — कावेरी; धुआँधार — नर्मदा; चित्रकूट — इंद्रावती

19. अभ्यास

पृष्ठ के अंत में 25 प्रश्नों का अभ्यास क्विज़ है — नदियों के उद्गम, सहायक नदियाँ, सिंधु जल संधि, बाँध, झीलें और जलप्रपात। गलत उत्तरों को "उद्गम और मुहाना" तालिका से मिलाएँ। पूरे भूगोल पर मिश्रित अभ्यास के लिए UPSC CSE 2027 प्रारंभिक टेस्ट सीरीज़ और RAS प्रारंभिक 2026 टेस्ट सीरीज़ हल करें।


20. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?

भारत का अपवाह तंत्र दो कहानियों में बँटा है — हिमालय की युवा, सदावाहिनी नदियाँ जो विशाल मैदान और डेल्टा बनाती हैं, और प्रायद्वीप की पुरानी, वर्षा-आश्रित नदियाँ जो पठार के ढाल के अनुसार अधिकतर पूर्व की ओर बहती हैं। परीक्षा के लिए पाँच सूचियाँ पक्की रखें: पंचनद और सिंधु जल संधि का बँटवारा, गंगा की बाईं-दाईं सहायक, ब्रह्मपुत्र के चार नाम, पूर्ववाही बनाम पश्चिमवाही नदियाँ, और बाँध-झील-जलप्रपात का सुमेलन। लंबाइयाँ "लगभग" याद रखें; उद्गम के लिए NCERT वाला स्थान ही लिखें।

RBS भारत, IJC पाकिस्तान (1960) | भागीरथी + अलकनंदा = गंगा (देवप्रयाग) | यमुना-सोन दाएँ | सांगपो-सियांग-ब्रह्मपुत्र-जमुना | गोदावरी सबसे लंबी प्रायद्वीपीय | नर्मदा-ताप्ती ज्वारनदमुख


अंतिम संशोधन (Last Updated):
RPSC / RSSB सिलेबस के अनुसार
भूगोल, पर्यावरण, अर्थव्यवस्था, गणित व बाल विकास-शिक्षाशास्त्र नोट्स लेखकलेखक परिचय

इस टॉपिक का क्विज़ कहाँ दें?

“भारत का अपवाह तंत्र और प्रमुख नदियाँ — सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र, प्रायद्वीपीय नदियाँ, बाँध व झीलें” पढ़ने के बाद इन क्विज़ से तुरंत दोहराएँ — गलत उत्तर वाले बिंदु नोट में दोबारा देखें।

पूरे सिलेबस का अभ्यास: राजस्थान CET 12वीं स्तर 2026 संपूर्ण टेस्ट सीरीज़ (All-in-One Mega Pack) — पहला टेस्ट फ्री आज़माएँ

तैयारी का स्व-मूल्यांकनफ्री डेमो उपलब्ध
राजस्थान CET 12वीं स्तर 2026 संपूर्ण टेस्ट सीरीज़ (All-in-One Mega Pack)
₹79

यह टॉपिक पढ़ लिया? अब असली परीक्षा जैसे मॉक टेस्ट में खुद को परखें

राजस्थान CET 12वीं स्तर 2026 संपूर्ण टेस्ट सीरीज़ (All-in-One Mega Pack)

  • नवीनतम परीक्षा पैटर्न, समय-सीमा और नेगेटिव मार्किंग के साथ
  • रैंक, कमजोर टॉपिक विश्लेषण और हर प्रश्न की हिंदी व्याख्या
  • वेबसाइट एवं एंड्रॉइड ऐप दोनों पर तुरंत एक्सेस
⚡ PhonePe · Google Pay · Paytm UPI द्वारा तुरंत सुरक्षित सक्रियण
आधिकारिक कम्युनिटी

राजस्थान CET 12वीं स्तर 2026 संपूर्ण टेस्ट सीरीज़ (All-in-One Mega Pack) — सुयोग अकादमी WhatsApp ग्रुप

डेली फ्री हस्तलिखित नोट्स, नए मॉक टेस्ट लिंक और टॉपर्स रणनीति सीधे WhatsApp पर प्राप्त करें।

व्हाट्सएप ग्रुप जॉइन करें

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

हिमालयी नदियाँ हिमनद और वर्षा दोनों से जल पाती हैं, इसलिए सदावाहिनी हैं और गहरे गॉर्ज व बड़े डेल्टा बनाती हैं। प्रायद्वीपीय नदियाँ केवल वर्षा पर निर्भर, मौसमी और पुरानी हैं तथा उथली घाटियों में बहती हैं।

गंगोत्री हिमनद (गोमुख) से निकली भागीरथी और सतोपंथ हिमनद से निकली अलकनंदा उत्तराखंड के देवप्रयाग में मिलकर गंगा बनाती हैं। गंगा हरिद्वार में मैदान में प्रवेश करती है।

1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच हुई संधि में पूर्वी नदियाँ — रावी, ब्यास, सतलुज — भारत को और पश्चिमी नदियाँ — सिंधु, झेलम, चिनाब — मुख्यतः पाकिस्तान को दी गईं। अप्रैल 2025 में भारत ने इसे स्थगित रखने की घोषणा की।

बाएँ किनारे से रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, कोसी और महानंदा मिलती हैं, जो उत्तर की ओर से (अधिकतर हिमालय से) आती हैं। दाएँ किनारे से यमुना और सोन मिलती हैं।

ब्रह्मपुत्र तिब्बत में सांगपो, अरुणाचल प्रदेश में सियांग या दिहांग, असम में ब्रह्मपुत्र और बांग्लादेश में जमुना कहलाती है।

गोदावरी को दक्षिण गंगा कहते हैं। यह महाराष्ट्र के नासिक ज़िले से निकलती है और सबसे लंबी तथा सबसे बड़े बेसिन वाली प्रायद्वीपीय नदी है।

नर्मदा और ताप्ती कठोर चट्टानों की भ्रंश घाटियों में बहती हैं और कम अवसाद लाती हैं; उनके मुहानों पर ज्वार अवसाद को बहा ले जाता है। इसलिए ये खंभात की खाड़ी में ज्वारनदमुख बनाती हैं।

जम्मू-कश्मीर की वुलर झील भारत की मीठे पानी की सबसे बड़ी झील है, जिससे होकर झेलम नदी बहती है।

कोसी को बिहार का शोक और दामोदर को बंगाल का शोक कहते हैं, क्योंकि ये बार-बार विनाशकारी बाढ़ और मार्ग-परिवर्तन के लिए जानी जाती रही हैं।

NCERT के अनुसार सतलुज तिब्बत में मानसरोवर के पास राकस ताल से निकलती है और हिमाचल प्रदेश में शिपकी ला के पास भारत में प्रवेश करती है।

क्या आपको यह अध्ययन नोट्स पसंद आए? अपने दोस्तों के साथ अवश्य शेयर करें:

मुफ्त अध्ययन सामग्री और सिलेबस ट्रैकर के लिए विजिट करें: https://suyogacademy.com© 2026 Suyog Academy