UPSC 2027 Free · इतिहास (History) · टेस्ट 02
इतिहास (History) — 25 प्रश्न। UPSC CSE Prelims अभ्यास (हिंदी माध्यम)। व्याख्या सहित।
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UPSC 2027 Free · इतिहास (History) · टेस्ट 02: क्विज़ परिचय
इस क्विज़ में UPSC CSE 2027 Prelims फ्री विषय के 25 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं।
नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।
नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित
प्रश्न 1. आधुनिक भारत के इतिहास में 1916 के "लखनऊ समझौते" (Lucknow Pact) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दोनों धड़ों (नरम दल और गरम दल) का पुनर्मिलन कराया। 2. कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) की मांग को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया। 3. यह समझौता मोहम्मद अली जिन्ना और बाल गंगाधर तिलक के संयुक्त प्रयासों का परिणाम था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
सही उत्तर: (C) 1, 2 और 3
व्याख्या: तीनों कथन सही हैं: अंबिका चरण मजूमदार की अध्यक्षता में हुए 1916 के लखनऊ अधिवेशन में एनी बेसेंट और तिलक के प्रयासों से 1907 के सूरत विभाजन के बाद निष्कासित गरम दल की कांग्रेस में वापसी हुई। साथ ही, कांग्रेस और मुस्लिम लीग ने संयुक्त संवैधानिक मांग पत्र प्रस्तुत किया। किंतु कांग्रेस द्वारा पृथक निर्वाचन क्षेत्र को स्वीकार करना भविष्य में सांप्रदायिकता के संस्थागतीकरण की एक गंभीर ऐतिहासिक भूल साबित हुई।
प्रश्न 2. प्राचीन भारत में बौद्ध और जैन धर्म के दार्शनिक सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बौद्ध धर्म आत्मा (शाश्वत जीव) के अस्तित्व को नकारता है (अनात्मवाद), जबकि जैन धर्म प्रत्येक जीव और निर्जीव वस्तु में भी आत्मा के अस्तित्व को स्वीकार करता है। 2. दोनों ही धर्मों ने वेदों की प्रामाणिकता तथा कर्मकांडीय पशुबलि की प्रथा को स्पष्ट रूप से अस्वीकार किया। 3. जैन धर्म में मोक्ष हेतु कठोर कायाक्लेश और संलेखना का विधान है, जबकि बौद्ध धर्म ने मध्यम मार्ग (मध्यमा प्रतिपदा) पर बल दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
सही उत्तर: (D) 1, 2 और 3
व्याख्या: तीनों कथन सही हैं: बौद्ध धर्म "अनात्मवादी" और "क्षणिकवादी" है और मध्यम प्रतिपदा पर बल देता है। जैन धर्म वेदों को न मानते हुए भी प्रत्येक तत्व में चेतना मानता है और तपस्या, अहिंसा की पराकाष्ठा तथा संलेखना/संथारा द्वारा देहत्याग को मोक्ष का मार्ग मानता है। दोनों ने वैदिक यज्ञीय कर्मकांडों को खारिज किया।
प्रश्न 3. 1909 के "मार्ले-मिंटो सुधार" (भारतीय परिषद अधिनियम 1909) की मुख्य विशेषता निम्नलिखित में से क्या थी?
सही उत्तर: (A) मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorates) का प्रावधान
व्याख्या: 1909 के अधिनियम का सबसे महत्वपूर्ण और विवादास्पद प्रावधान धर्म के आधार पर मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन क्षेत्र बनाना था (जिसमें मुस्लिम उम्मीदवार का चुनाव केवल मुस्लिम मतदाता करते थे)। लॉर्ड मिंटो ने लिखा था कि "हम नाग के दांत बो रहे हैं और इसका फल भीषण होगा।" प्रांतों में द्वैध शासन 1919 के मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार की विशेषता थी।
प्रश्न 4. मध्यकालीन भारत के भक्ति आंदोलन के संतों और उनके दर्शन के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. शंकराचार्य : अद्वैतवाद (निर्गुण ब्रह्म की सत्ता) 2. रामानुजाचार्य : विशिष्टाद्वैतवाद (सगुण भक्ति एवं प्रपत्ति) 3. माधवाचार्य : द्वैतवाद (ईश्वर और जीवात्मा में पूर्ण भेद) 4. निम्बार्काचार्य : द्वैताद्वैतवाद (भेदाभेद) उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
सही उत्तर: (B) सभी चार युग्म
व्याख्या: सभी चारों युग्म सही सुमेलित हैं: शंकराचार्य ने 8वीं सदी में अद्वैतवाद (ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या) का प्रतिपादन किया; रामानुज ने 11वीं-12वीं सदी में श्री संप्रदाय और विशिष्टाद्वैतवाद दिया; माधवाचार्य ने 13वीं सदी में ब्रह्मा संप्रदाय और द्वैतवाद दिया; और निम्बार्क ने सनक संप्रदाय में द्वैताद्वैत मत स्थापित किया।
प्रश्न 5. 1945 के "वेवेल योजना" (Wavell Plan) और शिमला सम्मेलन के संदर्भ में मुस्लिम लीग के किस रुख के कारण यह सम्मेलन विफल हुआ?
सही उत्तर: (C) जिन्ना ने यह मांग की कि कार्यकारिणी परिषद के सभी मुस्लिम सदस्यों को केवल मुस्लिम लीग ही नामित कर सकती है।
व्याख्या: शिमला सम्मेलन की विफलता का मुख्य कारण जिन्ना की यह हठधर्मिता थी कि कार्यकारिणी परिषद के सभी 5 मुस्लिम सदस्य केवल मुस्लिम लीग द्वारा मनोनीत किए जाएं। कांग्रेस ने इसका कड़ा विरोध किया क्योंकि कांग्रेस स्वयं को एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्रीय पार्टी मानती थी और वह मौलाना अबुल कलाम आजाद या अन्य राष्ट्रवादी मुस्लिमों को नामित करने का अधिकार छोड़ नहीं सकती थी।
प्रश्न 6. महात्मा गांधी के भारत आगमन के बाद के प्रारंभिक तीन आंदोलनों का सही कालानुक्रमिक क्रम क्या है? 1. खेड़ा सत्याग्रह 2. चंपारण सत्याग्रह 3. अहमदाबाद मिल हड़ताल सही कूट चुनिए:
सही उत्तर: (D) 3 - 1
व्याख्या: सही क्रम है चंपारण - अहमदाबाद - खेड़ा: 1. चंपारण सत्याग्रह (अप्रैल 1917) - तिनकठिया प्रथा के विरुद्ध पहला सविनय अवज्ञा। 2. अहमदाबाद मिल मजदूर हड़ताल (फरवरी-मार्च 1918) - प्लेग बोनस को लेकर पहली भूख हड़ताल (35% बोनस दिलाया)। 3. खेड़ा सत्याग्रह (मार्च 1918) - फसल नष्ट होने पर लगान माफी हेतु पहला असहयोग।
प्रश्न 7. राणा कुंभा किस वंश से संबंधित थे?
सही उत्तर: (A) सिसोदिया वंश (गुहिल)
व्याख्या: राणा कुंभा गुहिल वंश की सिसोदिया शाखा से संबंधित थे और मेवाड़ पर शासन करते थे।
प्रश्न 8. राणा कुंभा का शासनकाल किस अवधि के मध्य रहा?
सही उत्तर: (B) 1433–1468 ई.
व्याख्या: राणा कुंभा 1433 ई. में गद्दी पर बैठे और 1468 ई. में उनकी हत्या हुई, अतः शासनकाल 1433–1468 ई. रहा।
प्रश्न 9. राणा कुंभा ने सारंगपुर के युद्ध (1437 ई.) में किसे पराजित किया?
सही उत्तर: (C) महमूद खिलजी प्रथम (मालवा)
व्याख्या: राणा कुंभा ने 1437 ई. में सारंगपुर युद्ध में मालवा के सुल्तान महमूद खिलजी प्रथम को पराजित किया था।
प्रश्न 10. राणा कुंभा को 'अभिनव भरताचार्य' की उपाधि किस कारण मिली?
सही उत्तर: (D) संगीत व नाट्यशास्त्र में योगदान के कारण
व्याख्या: राणा कुंभा ने गीत गोविंद पर टीका सहित कई संगीत व नाट्य ग्रंथ रचे, जिस कारण उन्हें अभिनव भरताचार्य कहा गया।
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आगे की तैयारी
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महत्वपूर्ण परीक्षा निर्देश (Rules)
- 5वां विकल्प अनिवार्य: RPSC/RSMSSB के नए नियमों के अनुसार यदि आप किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते, तो 5वां विकल्प (अनुत्तरित) अवश्य चुनें।
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पाठ्यक्रम एवं तैयारी सुझाव
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