तमाशा लोकनाट्य (जयपुर) — अभ्यास क्विज़
जयपुर के तमाशा लोकनाट्य के परीक्षा नोट्स — सवाई प्रतापसिंह (1778–1803) का संरक्षण, महाराष्ट्र से आए बंशीधर भट्ट, भट्ट परिवार व गोपीजी, अखाड़ा मंच, शास्त्रीय राग आधारित गायकी, हीर-रांझा-जोगी-ज
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तमाशा लोकनाट्य (जयपुर) — अभ्यास क्विज़: क्विज़ परिचय
इस क्विज़ में कला एवं संस्कृति विषय के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रमुख टॉपिक: परिचय, इतिहास, भट्ट परिवार, मंच।
नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।
नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित
प्रश्न 1. राजस्थान में तमाशा लोकनाट्य मुख्यतः किस शहर से संबंधित है?
सही उत्तर: (A) जयपुर
व्याख्या: तमाशा जयपुर का शास्त्रीय संगीत-आधारित लोकनाट्य है, जो परकोटा शहर में मंचित होता है।
प्रश्न 2. जयपुर में तमाशा लोकनाट्य किस शासक के संरक्षण में विकसित हुआ?
सही उत्तर: (B) सवाई प्रतापसिंह
व्याख्या: तमाशा सवाई प्रतापसिंह (1778–1803) के संरक्षण में विकसित हुआ, जो स्वयं 'ब्रजनिधि' नाम से कवि थे।
प्रश्न 3. महाराष्ट्र की तमाशा परंपरा से जुड़े किस कलाकार को जयपुर लाया गया, जिन्हें जयपुरी तमाशा का प्रवर्तक माना जाता है?
सही उत्तर: (C) पं. बंशीधर भट्ट
व्याख्या: पं. बंशीधर भट्ट महाराष्ट्र से जयपुर आए और उन्होंने तमाशा को जयपुर की भाषा व दरबारी संगीत में ढाला।
प्रश्न 4. जयपुर में तमाशा की परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी किस परिवार द्वारा निभाई जा रही है?
सही उत्तर: (D) भट्ट परिवार
व्याख्या: बंशीधर भट्ट के बाद से जयपुर का भट्ट परिवार ही तमाशा का मुख्य वाहक है।
प्रश्न 5. 20वीं सदी में तमाशा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले भट्ट परिवार के सबसे प्रसिद्ध कलाकार कौन हैं?
सही उत्तर: (A) गोपीकृष्ण भट्ट 'गोपीजी'
व्याख्या: गोपीकृष्ण भट्ट 'गोपीजी' ने 20वीं सदी में तमाशा को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया।
प्रश्न 6. तमाशा का मंचन किस प्रकार के खुले मंच पर होता है?
सही उत्तर: (B) अखाड़ा
व्याख्या: तमाशा बिना पर्दे या सेट वाले खुले मंच 'अखाड़ा' पर होता है, जहाँ दर्शक चारों ओर बैठते हैं।
प्रश्न 7. राजस्थान के अन्य लोकनाट्यों की तुलना में तमाशा की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
सही उत्तर: (C) इसके गीत शास्त्रीय रागों पर आधारित होते हैं
व्याख्या: तमाशा में ध्रुपद, ठुमरी, दादरा, गज़ल जैसी शास्त्रीय-उपशास्त्रीय गायकी होती है, इसलिए इसे लोक और शास्त्र का संगम कहते हैं।
प्रश्न 8. जयपुरी तमाशा में प्रयुक्त होने वाले प्रमुख वाद्य कौन-से हैं?
सही उत्तर: (D) हारमोनियम, तबला, सारंगी
व्याख्या: जयपुरी तमाशा में हारमोनियम, तबला और सारंगी की शास्त्रीय संगत होती है; ढोलकी-तुनतुना महाराष्ट्र के तमाशा के वाद्य हैं।
प्रश्न 9. तमाशा की भाषा के बारे में कौन-सा कथन सही है?
सही उत्तर: (A) ढूंढाड़ी, हिंदी और उर्दू का मिश्रण
व्याख्या: जयपुरी तमाशा की भाषा ढूंढाड़ी, हिंदी और उर्दू का मिश्रण है, जो जयपुर की गंगा-जमुनी संस्कृति को दर्शाती है।
प्रश्न 10. समसामयिक मुद्दों पर तीखे कटाक्ष के कारण तमाशा को क्या कहा जाता है?
सही उत्तर: (B) लोक का अख़बार
व्याख्या: पारंपरिक कथा के बीच राजनीति, महँगाई और शहर की समस्याओं पर व्यंग्य के कारण तमाशा को 'लोक का अख़बार' कहा जाता है।
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