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संवैधानिक उपचार का अधिकार (अनु. 32) एवं पाँच रिट — अभ्यास क्विज़

अनुच्छेद 32 — चार खंड, ‘हृदय और आत्मा’, पाँच रिट की विस्तृत तुलना (अर्थ, उद्देश्य, किसके विरुद्ध, अपवाद), अनु. 32 बनाम 226, जनहित याचिका, प्रमुख निर्णय, ट्रिक्स और 10 MCQ। 20 प्रश्न, व्याख्या

कुल प्रश्न
20 MCQs
अंकन योजना
+2 / −0.66
OMR 5th Option
लागू (सक्रिय)
माध्यम
हिंदी (Hindi)
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संवैधानिक उपचार का अधिकार (अनु. 32) एवं पाँच रिट — अभ्यास क्विज़: क्विज़ परिचय

इस क्विज़ में भारतीय राजव्यवस्था विषय के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रमुख टॉपिक: अनुच्छेद 32, अनुच्छेद 32 के खंड, अनुच्छेद ↔ विषय, 32 बनाम 226।

नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।

नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित

  1. प्रश्न 1. संविधान सभा में किसने अनुच्छेद 32 को ‘संविधान का हृदय और आत्मा’ कहा था?

    • (A) डॉ. बी.आर. अंबेडकर
    • (B) के.एम. मुंशी
    • (C) जवाहरलाल नेहरू
    • (D) डॉ. राजेंद्र प्रसाद

    सही उत्तर: (A) डॉ. बी.आर. अंबेडकर

    व्याख्या: डॉ. अंबेडकर ने संविधान सभा में कहा था कि अनुच्छेद 32 के बिना संविधान शून्य हो जाएगा और यह संविधान का हृदय और आत्मा है।

  2. प्रश्न 2. अनुच्छेद 32 के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

    • (A) यह मौलिक व अन्य विधिक, दोनों प्रकार के अधिकारों के प्रवर्तन के लिए है
    • (B) यह स्वयं एक मौलिक अधिकार है और केवल मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए है
    • (C) यह उच्च न्यायालय को रिट जारी करने की शक्ति देता है
    • (D) यह राज्य के नीति निदेशक तत्वों का भाग है

    सही उत्तर: (B) यह स्वयं एक मौलिक अधिकार है और केवल मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए है

    व्याख्या: अनुच्छेद 32 भाग III में स्वयं मौलिक अधिकार है और इसके अंतर्गत केवल मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए सर्वोच्च न्यायालय जाया जा सकता है।

  3. प्रश्न 3. संसद विधि द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के अतिरिक्त किसी अन्य न्यायालय को अपनी स्थानीय सीमाओं में रिट जारी करने की शक्ति दे सकती है — यह प्रावधान कहाँ है?

    • (A) अनुच्छेद 226
    • (B) अनुच्छेद 139
    • (C) अनुच्छेद 32(3)
    • (D) अनुच्छेद 32(4)

    सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 32(3)

    व्याख्या: अनुच्छेद 32(3) संसद को किसी अन्य न्यायालय को रिट-शक्ति देने का अधिकार देता है। अनुच्छेद 32(4) कहता है कि यह अधिकार संविधान के उपबंधों के सिवाय निलंबित नहीं होगा।

  4. प्रश्न 4. संसद विधि द्वारा सर्वोच्च न्यायालय को अनुच्छेद 32(2) में वर्णित प्रयोजनों से भिन्न प्रयोजनों के लिए भी रिट जारी करने की शक्ति दे सकती है — यह किस अनुच्छेद में है?

    • (A) अनुच्छेद 143
    • (B) अनुच्छेद 141
    • (C) अनुच्छेद 142
    • (D) अनुच्छेद 139

    सही उत्तर: (D) अनुच्छेद 139

    व्याख्या: अनुच्छेद 139 संसद को सर्वोच्च न्यायालय को अन्य प्रयोजनों हेतु रिट जारी करने की शक्ति देने का अधिकार देता है।

  5. प्रश्न 5. मौलिक अधिकारों के अतिरिक्त ‘अन्य प्रयोजनों’ के लिए भी रिट जारी करने की संवैधानिक शक्ति किसके पास है?

    • (A) उच्च न्यायालय (अनु. 226)
    • (B) जिला न्यायालय
    • (C) सर्वोच्च न्यायालय (अनु. 32)
    • (D) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग

    सही उत्तर: (A) उच्च न्यायालय (अनु. 226)

    व्याख्या: अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के साथ अन्य प्रयोजनों (विधिक अधिकारों) के लिए भी रिट जारी कर सकता है, इसलिए उसका क्षेत्र अनुच्छेद 32 से व्यापक है।

  6. प्रश्न 6. अनुच्छेद 32 और अनुच्छेद 226 की तुलना में कौन-सा कथन सही नहीं है?

    • (A) अनुच्छेद 32 स्वयं मौलिक अधिकार है, जबकि अनुच्छेद 226 मौलिक अधिकार नहीं है
    • (B) अनुच्छेद 32 का क्षेत्र अनुच्छेद 226 से अधिक व्यापक है, क्योंकि यह अन्य विधिक अधिकारों पर भी लागू होता है
    • (C) अनुच्छेद 226 के अंतर्गत रिट जारी करना उच्च न्यायालय के विवेक पर है
    • (D) सर्वोच्च न्यायालय की रिट-अधिकारिता पूरे भारत में है

    सही उत्तर: (B) अनुच्छेद 32 का क्षेत्र अनुच्छेद 226 से अधिक व्यापक है, क्योंकि यह अन्य विधिक अधिकारों पर भी लागू होता है

    व्याख्या: अनुच्छेद 32 केवल मौलिक अधिकारों के लिए है, जबकि अनुच्छेद 226 अन्य प्रयोजनों पर भी लागू होता है; इसलिए प्रयोजन की दृष्टि से 226 अधिक व्यापक है।

  7. प्रश्न 7. निम्नलिखित में से कौन-सी रिट निजी व्यक्ति के विरुद्ध भी जारी की जा सकती है?

    • (A) परमादेश
    • (B) प्रतिषेध
    • (C) बंदी प्रत्यक्षीकरण
    • (D) उत्प्रेषण

    सही उत्तर: (C) बंदी प्रत्यक्षीकरण

    व्याख्या: बंदी प्रत्यक्षीकरण अवैध हिरासत के विरुद्ध है और यह राज्य तथा निजी व्यक्ति दोनों के विरुद्ध जारी हो सकती है।

  8. प्रश्न 8. ‘हम आदेश देते हैं’ अर्थ वाली कौन-सी रिट किसी लोक अधिकारी को उसका सार्वजनिक कर्तव्य निभाने का आदेश देती है?

    • (A) उत्प्रेषण (Certiorari)
    • (B) अधिकार-पृच्छा (Quo Warranto)
    • (C) प्रतिषेध (Prohibition)
    • (D) परमादेश (Mandamus)

    सही उत्तर: (D) परमादेश (Mandamus)

    व्याख्या: परमादेश का अर्थ है ‘हम आदेश देते हैं’; यह लोक अधिकारी, निगम, अधीनस्थ न्यायालय या सरकार को सार्वजनिक कर्तव्य निभाने का आदेश देती है।

  9. प्रश्न 9. परमादेश (Mandamus) रिट निम्नलिखित में से किसके विरुद्ध जारी नहीं की जा सकती?

    • (A) भारत के राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपालों के विरुद्ध
    • (B) किसी अधीनस्थ न्यायालय के विरुद्ध
    • (C) किसी सार्वजनिक निगम के विरुद्ध
    • (D) किसी लोक अधिकारी के विरुद्ध

    सही उत्तर: (A) भारत के राष्ट्रपति और राज्यों के राज्यपालों के विरुद्ध

    व्याख्या: परमादेश राष्ट्रपति, राज्यपालों, निजी व्यक्तियों और विवेकाधीन कर्तव्यों के विरुद्ध जारी नहीं हो सकती। अनुच्छेद 361 राष्ट्रपति व राज्यपाल को उन्मुक्ति देता है।

  10. प्रश्न 10. किसी अधीनस्थ न्यायालय या अधिकरण को उसके क्षेत्राधिकार से बाहर लंबित कार्यवाही आगे बढ़ाने से रोकने के लिए कौन-सी रिट जारी की जाती है?

    • (A) उत्प्रेषण
    • (B) प्रतिषेध
    • (C) परमादेश
    • (D) अधिकार-पृच्छा

    सही उत्तर: (B) प्रतिषेध

    व्याख्या: प्रतिषेध निवारक रिट है, जो कार्यवाही लंबित रहते जारी होती है। उत्प्रेषण आदेश पारित हो जाने के बाद उसे रद्द करने के लिए होती है।

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