✨ 100% फ्री मॉक टेस्टराजस्थान REET लेवल-2सीरीज़: राजस्थान REET लेवल-2 (हिंदी माध्यम) संपूर्ण टेस्ट सीरीज़

रीट लेवल-2 फुल मॉक 01 — गणित एवं विज्ञान स्ट्रीम

150 प्रश्न: CDP, हिंदी, अंग्रेज़ी, गणित (कक्षा 6–10), विज्ञान। परीक्षा-स्तर।

कुल प्रश्न
150 MCQs
अंकन योजना
+2 / −0.66
OMR 5th Option
लागू (सक्रिय)
माध्यम
हिंदी (Hindi)
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रीट लेवल-2 फुल मॉक 01 — गणित एवं विज्ञान स्ट्रीम: क्विज़ परिचय

इस क्विज़ में राजस्थान REET लेवल-2 विषय के 150 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रमुख टॉपिक: किशोरावस्था, पियाजे का सिद्धांत, रचनावाद, अनुभवात्मक अधिगम।

नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।

नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित

  1. प्रश्न 1. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार किशोरावस्था की आयु-सीमा है—

    • (A) 10 से 19 वर्ष
    • (B) 6 से 10 वर्ष
    • (C) से 6 वर्ष
    • (D) 20 से 25 वर्ष

    सही उत्तर: (A) 10 से 19 वर्ष

    व्याख्या: WHO किशोरावस्था को 10–19 वर्ष मानता है। भारतीय मनोविज्ञान ग्रंथों में प्रायः 12–18/19 वर्ष भी लिखा जाता है, पर WHO का मानक 10–19 है। कक्षा 6–8 इसी संक्रमण का आरंभ है।

  2. प्रश्न 2. पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत में औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था सामान्यतः प्रारंभ होती है—

    • (A) जन्म से 2 वर्ष
    • (B) लगभग 11–12 वर्ष से
    • (C) से 7 वर्ष
    • (D) 18 वर्ष के बाद

    सही उत्तर: (B) लगभग 11–12 वर्ष से

    व्याख्या: संवेदी-गामक 0–2, पूर्व-संक्रिया 2–7, मूर्त संक्रिया 7–11 तथा औपचारिक संक्रिया लगभग 11/12 वर्ष से वयस्कता तक। इस अवस्था में परिकल्पित-निगमनात्मक व अमूर्त तर्क संभव होता है, जो कक्षा 6–8 विज्ञान-गणित के लिए केंद्रीय है।

  3. प्रश्न 3. रचनावाद (Constructivism) के अनुसार कक्षा 6–8 में ज्ञान मुख्यतः—

    • (A) शिक्षक द्वारा पूर्णतः हस्तांतरित पैकेज है
    • (B) पाठ्यपुस्तक के पृष्ठों में बंद रहता है
    • (C) विद्यार्थी अपने अनुभव व अंतःक्रिया से स्वयं निर्मित करता है
    • (D) वंशानुक्रम द्वारा जन्म से पूर्ण निर्धारित होता है

    सही उत्तर: (C) विद्यार्थी अपने अनुभव व अंतःक्रिया से स्वयं निर्मित करता है

    व्याख्या: रचनावाद (पियाजे, वाइगोत्स्की, ब्रूनर) में शिक्षार्थी सक्रिय निर्माता है। शिक्षक सुविधा-प्रदाता है; अर्थ पूर्व ज्ञान, सामाजिक संवाद व अनुभव से बनता है, न कि केवल व्याख्यान-हस्तांतरण से।

  4. प्रश्न 4. अनुभवात्मक अधिगम (Experiential learning) का मूल सूत्र है—

    • (A) सुनकर सूत्र कंठस्थ करना
    • (B) दंड से व्यवहार बदलना
    • (C) बुद्धि-लब्धि बढ़ाना
    • (D) करके अनुभव लेना तथा उस पर चिंतन कर अर्थ निकालना

    सही उत्तर: (D) करके अनुभव लेना तथा उस पर चिंतन कर अर्थ निकालना

    व्याख्या: जॉन ड्यूई के 'learning by doing' तथा कोल्ब के चक्र में मूर्त अनुभव के बाद चिंतन, संकल्पना व सक्रिय प्रयोग आते हैं। माध्यमिक कक्षाओं में प्रयोग, क्षेत्र-भ्रमण व परियोजना इसी का रूप हैं।

  5. प्रश्न 5. संकल्पना मानचित्रण (Concept mapping) के प्रमुख विकासकर्ता माने जाते हैं—

    • (A) जोसेफ डी. नोवाक
    • (B) बी. एफ. स्किनर
    • (C) आई. पी. पावलव
    • (D) ई. एल. थॉर्नडाइक

    सही उत्तर: (A) जोसेफ डी. नोवाक

    व्याख्या: नोवाक ने ऑसुबेल के अर्थपूर्ण अधिगम पर आधारित संकल्पना मानचित्र विकसित किए। इनमें पदानुक्रम, नामित संयोजक रेखाएँ व प्रस्तावनाएँ होती हैं। स्किनर/पावलव/थॉर्नडाइक व्यवहारवादी हैं, मानचित्रण के प्रवर्तक नहीं।

  6. प्रश्न 6. किशोरावस्था का वृद्धि-स्फुरण (adolescent growth spurt) मुख्यतः दर्शाता है—

    • (A) भाषा-क्षमता का ह्रास
    • (B) लंबाई व भार में तीव्र मात्रात्मक वृद्धि
    • (C) विकास प्रक्रिया का पूर्ण रुक जाना
    • (D) नैतिक मूल्यों का लोप

    सही उत्तर: (B) लंबाई व भार में तीव्र मात्रात्मक वृद्धि

    व्याख्या: वृद्धि मात्रात्मक (आकार, लंबाई, भार) है; विकास गुणात्मक व बहुआयामी। किशोरावस्था में यौवनारंभ के साथ तीव्र वृद्धि-स्फुरण होता है, बालिकाओं में प्रायः बालकों से कुछ पहले।

  7. प्रश्न 7. स्किनर के अनुसार जटिल कौशल सिखाने हेतु 'आकार-प्रदान' (shaping) में किया जाता है—

    • (A) अंतिम त्रुटि पर दंड
    • (B) अंतर्दृष्टि की मौन प्रतीक्षा
    • (C) लक्ष्य व्यवहार के निकटवर्ती अनुक्रियाओं का क्रमिक पुनर्बलन
    • (D) वंशानुक्रम का परिवर्तन

    सही उत्तर: (C) लक्ष्य व्यवहार के निकटवर्ती अनुक्रियाओं का क्रमिक पुनर्बलन

    व्याख्या: क्रियाप्रसूत अनुबंधन में shaping (क्रमिक सन्निकटन) द्वारा वांछित व्यवहार के सन्निकट चरणों को पुनर्बलित कर जटिल अनुक्रिया गढ़ी जाती है। दंड विलोपन का पर्याय नहीं; अंतर्दृष्टि गेस्टाल्ट/कोहलर का पद है।

  8. प्रश्न 8. पावलव के क्लासिकी अनुबंधन में विलोपन (extinction) तब होता है जब—

    • (A) अअनुबंधित उद्दीपन की तीव्रता बढ़ा दी जाए
    • (B) ZPD का विस्तार हो
    • (C) पुनर्बलन अनुसूची बदल दी जाए
    • (D) अनुबंधित उद्दीपन को बार-बार बिना अअनुबंधित उद्दीपन के दिया जाए

    सही उत्तर: (D) अनुबंधित उद्दीपन को बार-बार बिना अअनुबंधित उद्दीपन के दिया जाए

    व्याख्या: CS (घंटी) को UCS (भोजन) के बिना बार-बार देने पर CR (लार) क्षीण होकर विलुप्त हो जाती है। पुनर्बलन अनुसूची स्किनर का पद है; ZPD वाइगोत्स्की का।

  9. प्रश्न 9. थॉर्नडाइक के पशु-प्रयोगों से निकला अधिगम का प्रारंभिक रूप है—

    • (A) प्रयास एवं त्रुटि (trial and error)
    • (B) अचानक अंतर्दृष्टि
    • (C) सामाजिक अनुबंध
    • (D) भाषा-अधिग्रहण

    सही उत्तर: (A) प्रयास एवं त्रुटि (trial and error)

    व्याख्या: थॉर्नडाइक के पहेली-पिंचरे प्रयोगों में बिल्ली यादृच्छिक प्रयासों से हल तक पहुँची—प्रयास एवं त्रुटि। अंतर्दृष्टि कोहलर/गेस्टाल्ट का निष्कर्ष है। तत्परता, अभ्यास व प्रभाव उनके प्रमुख नियम हैं।

  10. प्रश्न 10. वाइगोत्स्की के समीपस्थ विकास क्षेत्र (ZPD) की निचली सीमा है—

    • (A) विषय-विशेषज्ञ का पूर्ण ज्ञान
    • (B) बालक का बिना सहायता का स्वतंत्र निष्पादन स्तर
    • (C) बोर्ड परीक्षा का संपूर्ण पाठ्यक्रम
    • (D) शिक्षक की सेवा-अवधि

    सही उत्तर: (B) बालक का बिना सहायता का स्वतंत्र निष्पादन स्तर

    व्याख्या: ZPD वास्तविक विकास स्तर (जो बालक अकेले कर सके) तथा संभावित स्तर (जो अधिक जानकार अन्य/MKO की सहायता से कर सके) के बीच का अंतराल है। शिक्षण इसी अंतराल में पाड़ देकर आगे बढ़ाता है।

शेष 140 प्रश्न लॉगिन के बाद क्विज़ में उपलब्ध हैं।

आगे की तैयारी

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महत्वपूर्ण परीक्षा निर्देश (Rules)

  • 5वां विकल्प अनिवार्य: RPSC/RSMSSB के नए नियमों के अनुसार यदि आप किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते, तो 5वां विकल्प (अनुत्तरित) अवश्य चुनें।
  • नकारात्मक अंकन: गलत उत्तर देने पर प्रश्न के कुल अंकों का 1/3 भाग काट लिया जाएगा।
  • रैंक व विश्लेषण: टेस्ट सबमिट करते ही इस टेस्ट को देने वाले अभ्यर्थियों के सापेक्ष आपकी रैंक और पर्सेंटाइल दिखेगी।

पाठ्यक्रम एवं तैयारी सुझाव

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