हम्मीर देव व रणथंभौर का साका — अभ्यास क्विज़
हम्मीर देव चौहान और रणथंभौर किले का इतिहास जानें – अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध, चौहान वंश की वीरता और राजस्थान के इतिहास में रणथंभौर का महत्व। 2026। मुफ्त नोट्स। CET/RAS उपयोगी। 20 प्रश्न, व्याख
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हम्मीर देव व रणथंभौर का साका — अभ्यास क्विज़: क्विज़ परिचय
इस क्विज़ में राजस्थान इतिहास विषय के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रमुख टॉपिक: स्थापना, प्रारंभिक शासक, हम्मीर देव, स्थापत्य।
नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।
नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित
प्रश्न 1. रणथंभौर में चौहान शाखा की स्थापना किसने की थी?
सही उत्तर: (A) गोविंदराज
व्याख्या: पृथ्वीराज चौहान तृतीय के पुत्र गोविंदराज ने 1194 ई. में रणथंभौर में चौहान शाखा स्थापित की। कीर्तिपाल ने जालौर शाखा स्थापित की थी।
प्रश्न 2. रणथंभौर शाखा के संस्थापक गोविंदराज किसके पुत्र थे?
सही उत्तर: (B) पृथ्वीराज चौहान तृतीय
व्याख्या: गोविंदराज पृथ्वीराज चौहान तृतीय के पुत्र थे; तराइन (1192) के बाद उन्होंने रणथंभौर को केंद्र बनाया।
प्रश्न 3. हम्मीर महाकाव्य के अनुसार रणथंभौर के किस शासक को इल्तुतमिश ने छल से दिल्ली बुलाकर विष दिलवाया?
सही उत्तर: (C) वीरनारायण
व्याख्या: हम्मीर महाकाव्य के अनुसार इल्तुतमिश ने वीरनारायण को दिल्ली बुलाकर विष देकर मरवा दिया और कुछ समय के लिए दुर्ग पर अधिकार कर लिया।
प्रश्न 4. हम्मीर देव चौहान रणथंभौर की गद्दी पर किस वर्ष बैठे?
सही उत्तर: (D) 1282 ई.
व्याख्या: हम्मीर देव 1282 ई. में अपने पिता जैत्रसिंह के बाद शासक बने और 1301 ई. के साके तक शासन किया।
प्रश्न 5. हम्मीर देव ने अपने पिता जैत्रसिंह के शासन-वर्षों की स्मृति में रणथंभौर दुर्ग में कितने खंभों की छतरी बनवाई?
सही उत्तर: (A) 32
व्याख्या: पिता जैत्रसिंह के 32 वर्ष के शासन की स्मृति में हम्मीर ने 32 खंभों की छतरी बनवाई, जिसे 'न्याय की छतरी' भी कहते हैं।
प्रश्न 6. दिग्विजय अभियानों के बाद हम्मीर देव द्वारा आयोजित कोटियज्ञ के प्रधान पुरोहित कौन थे?
सही उत्तर: (B) विश्वरूप
व्याख्या: हम्मीर के कोटियज्ञ के पुरोहित विश्वरूप थे। राघवदेव हम्मीर के गुरु और बीजादित्य दरबारी कवि थे।
प्रश्न 7. किस दुर्ग को 'रणथंभौर की कुंजी' कहा जाता है?
सही उत्तर: (C) झाईं दुर्ग
व्याख्या: झाईं दुर्ग रणथंभौर का अग्रिम रक्षक दुर्ग था, इसलिए इसे रणथंभौर की कुंजी कहा जाता है। सिवाना जालौर की कुंजी है।
प्रश्न 8. 1290 ई. में जलालुद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय झाईं दुर्ग की रक्षा में वीरगति पाने वाले चौहान सेनापति कौन थे?
सही उत्तर: (D) गुरदास सैनी
व्याख्या: जलालुद्दीन के आक्रमण (1290) में सेनापति गुरदास सैनी झाईं की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
प्रश्न 9. 'मैं ऐसे दस किलों को मुसलमान के एक बाल के बराबर भी महत्व नहीं देता' — रणथंभौर का घेरा उठाते समय यह कथन किस सुल्तान का है?
सही उत्तर: (A) जलालुद्दीन खिलजी
व्याख्या: रणथंभौर न जीत पाने पर जलालुद्दीन खिलजी ने घेरा उठाते हुए यह कथन कहा था।
प्रश्न 10. अलाउद्दीन खिलजी के रणथंभौर आक्रमण का सबसे प्रमुख तात्कालिक कारण क्या माना जाता है?
सही उत्तर: (B) हम्मीर द्वारा विद्रोही मंगोल मुहम्मद शाह को शरण देना
व्याख्या: गुजरात अभियान (1299) से लौटते समय विद्रोह करने वाले मंगोल सेनानायक मुहम्मद शाह और उसके भाई केहब्रू को हम्मीर ने शरण दी और लौटाने से इनकार किया।
शेष 10 प्रश्न लॉगिन के बाद क्विज़ में उपलब्ध हैं।
आगे की तैयारी
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