राजव्यवस्था Advanced 01 — संविधान, प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, DPSP
संविधान, प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, DPSP — 25 टफ लेवल प्रश्न / 25 मिनट / +1/−1/3। आयोग का पेपर नहीं।
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राजव्यवस्था Advanced 01 — संविधान, प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, DPSP: क्विज़ परिचय
इस क्विज़ में कॉमन विषय Advanced Mega विषय के 25 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रमुख टॉपिक: मौलिक कर्तव्य, मूल ढाँचा, संशोधन शक्ति व मूल ढाँचा, मौलिक अधिकार — अनुच्छेद 13।
नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।
नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित
प्रश्न 1. अनुच्छेद 51A के खंडों को उनके कर्तव्य से सुमेलित कीजिए: सूची-I: 1. 51A(a) 2. 51A(f) 3. 51A(j) 4. 51A(k) सूची-II: क. व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों के सभी क्षेत्रों में उत्कर्ष की ओर बढ़ना ख. हमारी सामासिक संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का महत्त्व समझना और उसका परिरक्षण करना ग. 6 से 14 वर्ष के बच्चे को शिक्षा के अवसर प्रदान करना घ. संविधान का पालन करना तथा उसके आदर्शों, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान का आदर करना
सही उत्तर: (D) 1-घ, 2-ख, 3-क, 4-ग
व्याख्या: 51A(a) संविधान, राष्ट्रध्वज व राष्ट्रगान का आदर; 51A(f) सामासिक संस्कृति; 51A(j) उत्कर्ष की ओर प्रयास; 51A(k) (86वाँ संशोधन) माता-पिता/संरक्षक द्वारा 6–14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा के अवसर।
प्रश्न 2. उच्चतम न्यायालय द्वारा विभिन्न निर्णयों में निम्नलिखित में से किसे संविधान के ‘मूल ढाँचे’ का भाग घोषित नहीं किया गया है?
सही उत्तर: (D) संपत्ति का अधिकार
व्याख्या: स्वतंत्र-निष्पक्ष निर्वाचन (इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण), न्यायिक समीक्षा (मिनर्वा मिल्स, एल. चंद्र कुमार) और संसदीय प्रणाली मूल ढाँचे के भाग माने गए हैं। संपत्ति का अधिकार अब केवल अनुच्छेद 300A के अंतर्गत संवैधानिक अधिकार है और मूल ढाँचा नहीं है।
प्रश्न 3. संविधान संशोधन शक्ति से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 24वें संशोधन ने संविधान संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति की स्वीकृति को अनिवार्य बना दिया। 2. 42वें संशोधन ने अनुच्छेद 368 में खंड (4) और (5) जोड़कर कहा कि संशोधन शक्ति पर कोई सीमा नहीं है। 3. वामन राव वाद में अनुच्छेद 368 के खंड (4) और (5) को निरस्त किया गया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (A) केवल 1 और 2
व्याख्या: 24वें संशोधन (1971) ने अनुच्छेद 13(4) व 368(3) जोड़े और राष्ट्रपति की स्वीकृति अनिवार्य की। 42वें संशोधन ने 368(4)-(5) जोड़े, जिन्हें मिनर्वा मिल्स (1980) में निरस्त किया गया—वामन राव में नहीं।
प्रश्न 4. अनुच्छेद 13 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 13 के प्रयोजन हेतु ‘विधि’ में विधि का बल रखने वाली रूढ़ि या प्रथा भी शामिल है। 2. अनुच्छेद 13(4) को 24वें संविधान संशोधन (1971) द्वारा जोड़ा गया। 3. आच्छादन का सिद्धांत (Doctrine of Eclipse) संविधान-पूर्व विधियों पर लागू होता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (D) 1, 2 और 3
व्याख्या: अनुच्छेद 13(3) में ‘विधि’ में अध्यादेश, आदेश, उपविधि, नियम, विनियम, अधिसूचना, रूढ़ि या प्रथा शामिल हैं। 24वें संशोधन ने 13(4) जोड़ा कि अनुच्छेद 368 के अंतर्गत संशोधन पर अनुच्छेद 13 लागू नहीं होगा। भीकाजी नारायण (1955) में आच्छादन सिद्धांत संविधान-पूर्व विधियों पर लागू किया गया।
प्रश्न 5. नागरिकता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का भाग II संविधान लागू होने के बाद नागरिकता के अर्जन और समाप्ति की विस्तृत प्रक्रिया बताता है। 2. अनुच्छेद 9 के अनुसार स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता अर्जित करने वाला व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं रहेगा। 3. नागरिकता अधिनियम, 1955 में मूलतः राष्ट्रमंडल नागरिकता का प्रावधान था, जिसे 2003 में हटा दिया गया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (B) केवल 2 और 3
व्याख्या: भाग II (अनुच्छेद 5–11) केवल संविधान लागू होने के समय नागरिक कौन थे, यह बताता है; बाद के अर्जन व समाप्ति का विषय अनुच्छेद 11 के अंतर्गत संसद पर छोड़ा गया, जिसने नागरिकता अधिनियम, 1955 बनाया। अनुच्छेद 9 सही है और राष्ट्रमंडल नागरिकता का प्रावधान 2003 के संशोधन से हटाया गया।
प्रश्न 6. नीति निदेशक तत्त्वों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अनुच्छेद 37 के अनुसार नीति निदेशक तत्त्व न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय हैं। 2. अनुच्छेद 50 राज्य की लोक सेवाओं में न्यायपालिका को कार्यपालिका से पृथक करने का निदेश देता है। 3. अनुच्छेद 49 राष्ट्रीय महत्त्व के स्मारकों, स्थानों और वस्तुओं के संरक्षण का निदेश देता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (C) केवल 2 और 3
व्याख्या: अनुच्छेद 37 कहता है कि ये तत्त्व किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं, किंतु देश के शासन में मूलभूत हैं। अनुच्छेद 50 व 49 कथनों के अनुरूप हैं।
प्रश्न 7. निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद संविधान के भाग IV के बाहर स्थित एक निदेश है?
सही उत्तर: (C) अनुच्छेद 350A — प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधा
व्याख्या: भाग IV में अनुच्छेद 36–51 हैं, अतः 44, 48A व 51 भाग IV के अंदर हैं। भाग IV के बाहर के निदेश हैं—अनुच्छेद 335 (सेवाओं में SC/ST के दावे), 350A (मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा) और 351 (हिंदी का विकास)। ये भी गैर-न्यायोचित हैं।
प्रश्न 8. ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ (Objectives Resolution) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को प्रस्तुत किया था। 2. संविधान सभा ने इसे 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से स्वीकार किया। 3. इसका संशोधित रूप संविधान की प्रस्तावना के रूप में विद्यमान है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
सही उत्तर: (B) 1, 2 और 3
व्याख्या: नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव 13 दिसंबर 1946 को रखा, जिसे 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। इसमें संवैधानिक ढाँचे के मूल दर्शन थे और इसका संशोधित रूप ही प्रस्तावना है। तीनों कथन सही हैं।
प्रश्न 9. कथन (A): भारत में एकल नागरिकता होने के बावजूद किसी राज्य में कुछ नियोजन हेतु निवास की शर्त विहित की जा सकती है। कारण (R): अनुच्छेद 16(3) संसद को किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र में कुछ नियोजनों हेतु निवास की अपेक्षा विहित करने की शक्ति देता है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:
सही उत्तर: (C) (A) और (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) की सही व्याख्या है
व्याख्या: एकल नागरिकता का सामान्य नियम है, किंतु अनुच्छेद 16(3) इसका अपवाद है जिसके अंतर्गत संसद (राज्य विधानमंडल नहीं) निवास की शर्त विहित कर सकती है। अतः R, A की सही व्याख्या है।
प्रश्न 10. प्रतिषेध (Prohibition) और उत्प्रेषण (Certiorari) रिटों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रतिषेध केवल न्यायिक और अर्ध-न्यायिक प्राधिकारियों के विरुद्ध जारी किया जाता है। 2. उत्प्रेषण विधायी निकायों के विरुद्ध जारी किया जा सकता है। 3. प्रतिषेध केवल निवारक है, जबकि उत्प्रेषण निवारक और उपचारात्मक दोनों है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (D) केवल 1 और 3
व्याख्या: प्रतिषेध उच्चतर न्यायालय द्वारा अधीनस्थ न्यायालय/अधिकरण को अधिकारिता के अतिक्रमण से रोकने हेतु लंबित कार्यवाही में जारी होता है, अतः निवारक है। उत्प्रेषण आदेश को रद्द करने या मामला अंतरित करने हेतु है, इसलिए निवारक व उपचारात्मक दोनों। दोनों रिटें विधायी निकायों और निजी व्यक्तियों के विरुद्ध उपलब्ध नहीं हैं।
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आगे की तैयारी
इस विषय की पूरी तैयारी के लिए
भारतीय राजव्यवस्था Advanced टेस्ट सीरीज़ (टफ लेवल)
महत्वपूर्ण परीक्षा निर्देश (Rules)
- 5वां विकल्प अनिवार्य: RPSC/RSMSSB के नए नियमों के अनुसार यदि आप किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते, तो 5वां विकल्प (अनुत्तरित) अवश्य चुनें।
- नकारात्मक अंकन: गलत उत्तर देने पर प्रश्न के कुल अंकों का 1/3 भाग काट लिया जाएगा।
- रैंक व विश्लेषण: टेस्ट सबमिट करते ही इस टेस्ट को देने वाले अभ्यर्थियों के सापेक्ष आपकी रैंक और पर्सेंटाइल दिखेगी।
पाठ्यक्रम एवं तैयारी सुझाव
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