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मारवाड़ चित्रकला शैली — अभ्यास क्विज़

मारवाड़ चित्रकला का विस्तृत अध्ययन करें—जोधपुर, पाली, रागमाला, बारहमासा, ढोला-मारू, मुगल प्रभाव, प्रमुख विशेषताएँ और RPSC, RAS, CET व RSSB परीक्षा उपयोगी तथ्य। 2026। मुफ्त नोट्स। 20 प्रश्न, व

कुल प्रश्न
20 MCQs
अंकन योजना
+2 / −0.66
OMR 5th Option
लागू (सक्रिय)
माध्यम
हिंदी (Hindi)
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मारवाड़ चित्रकला शैली — अभ्यास क्विज़: क्विज़ परिचय

इस क्विज़ में कला एवं संस्कृति विषय के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रमुख टॉपिक: केंद्र, प्रारंभिक विकास, रागमाला, वर्गीकरण।

नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।

नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित

  1. प्रश्न 1. मारवाड़ चित्रकला शैली का प्रमुख राजकीय केंद्र कौन-सा था?

    • (A) जोधपुर
    • (B) उदयपुर
    • (C) बूंदी
    • (D) आमेर

    सही उत्तर: (A) जोधपुर

    व्याख्या: मारवाड़ चित्रकला का प्रमुख राजकीय केंद्र जोधपुर था, जहाँ इसकी सबसे विकसित शाखा 'जोधपुर शैली' बनी।

  2. प्रश्न 2. 17वीं शताब्दी के आरंभ में मारवाड़ की चित्र परंपरा को पुनर्जीवित करने वाला प्रारंभिक केंद्र कौन-सा माना जाता है?

    • (A) नाथद्वारा
    • (B) पाली
    • (C) चावंड
    • (D) देवगढ़

    सही उत्तर: (B) पाली

    व्याख्या: प्रारंभिक मारवाड़ चित्र परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र पाली था, जहाँ के रागमाला चित्र विशेष प्रसिद्ध हैं।

  3. प्रश्न 3. प्रारंभिक पाली परंपरा के मारवाड़ी चित्रों में कौन-सा चित्र-विषय विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है?

    • (A) शिकार
    • (B) बनी-ठनी
    • (C) रागमाला
    • (D) कंपनी शैली के व्यक्तिचित्र

    सही उत्तर: (C) रागमाला

    व्याख्या: पाली के प्रारंभिक मारवाड़ी चित्रों में रागमाला चित्रण विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है।

  4. प्रश्न 4. निम्नलिखित में से कौन-सा केंद्र राजस्थानी चित्रकला के मारवाड़ स्कूल के अंतर्गत नहीं आता?

    • (A) किशनगढ़
    • (B) बीकानेर
    • (C) घाणेराव
    • (D) बूंदी

    सही उत्तर: (D) बूंदी

    व्याख्या: बूंदी हाड़ौती स्कूल की शैली है; किशनगढ़, बीकानेर, घाणेराव, नागौर, पाली और जोधपुर मारवाड़ स्कूल में आते हैं।

  5. प्रश्न 5. लोक-प्रेमाख्यान 'ढोला-मारू' के चित्र मुख्यतः किस चित्रकला शैली से संबंधित माने जाते हैं?

    • (A) जोधपुर (मारवाड़) शैली
    • (B) बूंदी शैली
    • (C) नाथद्वारा शैली
    • (D) अलवर शैली

    सही उत्तर: (A) जोधपुर (मारवाड़) शैली

    व्याख्या: ढोला-मारू के चित्र जोधपुर/मारवाड़ शैली की महत्वपूर्ण पहचान हैं।

  6. प्रश्न 6. चित्रकला में वर्ष के बारह महीनों को प्रकृति, प्रेम और विरह की भावनाओं से जोड़कर चित्रित करना क्या कहलाता है?

    • (A) रागमाला
    • (B) बारहमासा
    • (C) नायिका-भेद
    • (D) गीत-गोविंद

    सही उत्तर: (B) बारहमासा

    व्याख्या: बारहमासा चित्रण में बारह महीनों की ऋतु, प्रकृति और मानवीय भावनाओं का संयोजन होता है।

  7. प्रश्न 7. रागमाला चित्रों में किसे मानवीय रूप, वातावरण और भाव के साथ चित्रित किया जाता है?

    • (A) ऋतुओं को
    • (B) राजवंश की वंशावली को
    • (C) संगीत के राग-रागिनियों को
    • (D) युद्धों को

    सही उत्तर: (C) संगीत के राग-रागिनियों को

    व्याख्या: रागमाला चित्रों में संगीत के राग-रागिनियों को मानवीय रूप, ऋतु व भाव के माध्यम से दृश्य रूप दिया जाता है।

  8. प्रश्न 8. मारवाड़ चित्रकला की विशेषताओं के संबंध में कौन-सा कथन सही नहीं है?

    • (A) इसमें मजबूत रेखांकन मिलता है
    • (B) इसमें चमकीले रंगों का प्रयोग होता है
    • (C) इसमें स्थानीय परंपरा के साथ मुगल प्रभाव दिखता है
    • (D) यह पूर्णतः मुगल चित्रकला की नकल थी

    सही उत्तर: (D) यह पूर्णतः मुगल चित्रकला की नकल थी

    व्याख्या: मारवाड़ चित्रकला स्थानीय राजस्थानी आधार, दरबारी संरक्षण और मुगल संपर्क का समन्वय है, नकल नहीं।

  9. प्रश्न 9. मारवाड़ चित्रकला पर किस बाहरी कला-परंपरा का प्रभाव सबसे स्पष्ट रूप से माना जाता है?

    • (A) मुगल
    • (B) गांधार
    • (C) पाल
    • (D) चोल

    सही उत्तर: (A) मुगल

    व्याख्या: मारवाड़ चित्रकला में स्थानीय मारवाड़ी परंपरा के साथ मुगल कलात्मक तत्वों का प्रभाव स्पष्ट है।

  10. प्रश्न 10. राजस्थानी लघु चित्रकला से पहले राजस्थान में किस चित्रण परंपरा का प्रभाव पृष्ठभूमि के रूप में माना जाता है?

    • (A) कंपनी शैली
    • (B) जैन एवं पश्चिमी भारतीय पांडुलिपि चित्रण
    • (C) बंगाल स्कूल
    • (D) यूरोपीय तैलचित्र

    सही उत्तर: (B) जैन एवं पश्चिमी भारतीय पांडुलिपि चित्रण

    व्याख्या: राजस्थानी चित्रकला की प्रारंभिक पृष्ठभूमि में जैन एवं पश्चिमी भारतीय (अपभ्रंश) पांडुलिपि चित्रण का प्रभाव था।

शेष 10 प्रश्न लॉगिन के बाद क्विज़ में उपलब्ध हैं।

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