कॉमन विषय Advanced मिश्रित टेस्ट 02
50 टफ लेवल प्रश्न / 45 मिनट / +1/−1/3 — राजव्यवस्था, इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, कंप्यूटर, गणित, English। आयोग का पेपर नहीं।
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कॉमन विषय Advanced मिश्रित टेस्ट 02: क्विज़ परिचय
इस क्विज़ में कॉमन विषय Advanced Mega विषय के 50 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रमुख टॉपिक: 74वाँ संशोधन, राज्यों का पुनर्गठन, राष्ट्रपति — क्षमादान, संविधान संशोधन — साधारण बहुमत।
नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।
नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित
प्रश्न 1. 74वें संविधान संशोधन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. तीन लाख या अधिक जनसंख्या वाली नगरपालिका में वार्ड समितियों का गठन अनिवार्य है। 2. दस लाख या अधिक जनसंख्या वाले महानगर क्षेत्र हेतु महानगर योजना समिति का प्रावधान है। 3. जिला योजना समिति का उपबंध भाग IX (73वाँ संशोधन) में है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (D) केवल 1 और 2
व्याख्या: अनुच्छेद 243S वार्ड समितियों और 243ZE महानगर योजना समितियों का प्रावधान करता है; 243P(c) के अनुसार महानगर क्षेत्र दस लाख या अधिक जनसंख्या वाला क्षेत्र है। जिला योजना समिति अनुच्छेद 243ZD में है, जो भाग IXA (74वाँ संशोधन) का अंग है।
प्रश्न 2. राज्यों के पुनर्गठन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. धर आयोग (1948) ने भाषाई आधार के स्थान पर प्रशासनिक सुविधा को प्राथमिकता दी। 2. राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 द्वारा 16 राज्य और 3 संघ राज्यक्षेत्र बनाए गए। 3. फज़ल अली आयोग ने भाषा को व्यापक आधार माना, पर ‘एक भाषा एक राज्य’ के सिद्धांत को अस्वीकार किया। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (C) केवल 1 और 3
व्याख्या: धर आयोग ने प्रशासनिक सुविधा को आधार माना। फज़ल अली आयोग (सदस्य: फज़ल अली, के.एम. पणिक्कर, एच.एन. कुंजरू) ने ‘एक भाषा एक राज्य’ को अस्वीकार किया। 1956 के अधिनियम से 14 राज्य और 6 संघ राज्यक्षेत्र बने, अतः कथन 2 गलत है।
प्रश्न 3. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (अनुच्छेद 72) के प्रकारों को उनके अर्थ से सुमेलित कीजिए: सूची-I: 1. क्षमा (Pardon) 2. लघुकरण (Commutation) 3. परिहार (Remission) 4. प्रविलंबन (Reprieve) सूची-II: क. दंड के एक रूप के स्थान पर हल्का रूप देना ख. दंड और दोषसिद्धि दोनों से मुक्ति ग. मृत्युदंड के निष्पादन पर अस्थायी रोक घ. दंड की प्रकृति बदले बिना उसकी अवधि घटाना
सही उत्तर: (B) 1-ख, 2-क, 3-घ, 4-ग
व्याख्या: क्षमा—दंड व दोषसिद्धि दोनों से मुक्ति; लघुकरण—जैसे मृत्युदंड को कठोर कारावास में बदलना; परिहार—प्रकृति बदले बिना अवधि घटाना; प्रविलंबन—मृत्युदंड के निष्पादन पर अस्थायी रोक। ‘विराम’ (Respite) में विशेष परिस्थिति (जैसे गर्भावस्था) के कारण कम दंड दिया जाता है।
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन संसद साधारण बहुमत से (अनुच्छेद 368 के बाहर) कर सकती है?
सही उत्तर: (C) पाँचवीं अनुसूची (अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन) में संशोधन
व्याख्या: पाँचवीं अनुसूची के पैरा 7 और छठी अनुसूची के पैरा 21 के अनुसार संसद इनमें साधारण विधि से संशोधन कर सकती है, जिसे अनुच्छेद 368 का संशोधन नहीं माना जाता। मौलिक अधिकार व निदेशक तत्त्व हेतु विशेष बहुमत, और राष्ट्रपति के निर्वाचन हेतु विशेष बहुमत के साथ आधे राज्यों का अनुसमर्थन आवश्यक है।
प्रश्न 5. निम्नलिखित में से किस निर्वाचन में आनुपातिक प्रतिनिधित्व की एकल संक्रमणीय मत पद्धति का प्रयोग नहीं होता?
सही उत्तर: (D) लोकसभा के सदस्यों का निर्वाचन
व्याख्या: लोकसभा और विधानसभाओं के निर्वाचन क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की ‘सर्वाधिक मत से जीत’ (First Past the Post) पद्धति से होते हैं। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यसभा और विधान परिषद के निर्वाचन एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से होते हैं।
प्रश्न 6. कथन (A): राष्ट्रमंडल (Commonwealth) की सदस्यता से भारत की संप्रभुता प्रभावित नहीं होती। कारण (R): भारत राष्ट्रमंडल के प्रमुख के रूप में ब्रिटिश सम्राट के प्रति निष्ठा रखता है। नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:
सही उत्तर: (B) (A) सही है, परंतु (R) गलत है
व्याख्या: भारत राष्ट्रमंडल का स्वैच्छिक सदस्य है और ब्रिटिश सम्राट को केवल स्वतंत्र सदस्य राष्ट्रों के स्वैच्छिक संगठन के प्रतीक के रूप में राष्ट्रमंडल का प्रमुख मानता है; भारत उसके प्रति कोई निष्ठा नहीं रखता। अतः A सही, R गलत है।
प्रश्न 7. कथन (A): जून-जुलाई 1945 का शिमला सम्मेलन विफल रहा। कारण (R): जिन्ना ने माँग की कि वायसराय की कार्यकारी परिषद् के सभी मुस्लिम सदस्यों को नामित करने का अधिकार केवल मुस्लिम लीग को हो। सही विकल्प चुनिए:
सही उत्तर: (B) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या: वेवेल योजना के अंतर्गत शिमला सम्मेलन में कार्यकारी परिषद् के पुनर्गठन का प्रस्ताव था। जिन्ना ने ज़ोर दिया कि मुस्लिम सदस्य केवल लीग ही नामित करे, जबकि कांग्रेस (जिसके अध्यक्ष मौलाना आज़ाद थे) राष्ट्रीय संगठन के रूप में मुसलमानों को नामित करने का अधिकार चाहती थी। इसी गतिरोध से सम्मेलन विफल हुआ। R, A की सही व्याख्या है।
प्रश्न 8. ऋग्वैदिक काल में प्रयुक्त शब्द 'गविष्टि' का शाब्दिक अर्थ 'गायों की खोज' है। यह शब्द मुख्यतः किसके लिए प्रयुक्त होता था?
सही उत्तर: (B) युद्ध
व्याख्या: ऋग्वैदिक समाज पशुचारी था और गाय संपत्ति का मुख्य मापदंड थी; अतः युद्ध को 'गविष्टि' (गायों की खोज) कहा जाता था। राजा को दिया जाने वाला स्वैच्छिक भेंट 'बलि' कहलाती थी, कर नहीं।
प्रश्न 9. दिल्ली सल्तनत के विभागों से संबंधित निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. दीवान-ए-अर्ज़ — सैन्य विभाग 2. दीवान-ए-इंशा — शाही पत्राचार विभाग 3. दीवान-ए-विज़ारत — न्याय विभाग उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
सही उत्तर: (B) केवल दो
व्याख्या: दीवान-ए-अर्ज़ (प्रमुख आरिज़-ए-मुमालिक) सैन्य विभाग और दीवान-ए-इंशा शाही पत्राचार विभाग था। दीवान-ए-विज़ारत वज़ीर के अधीन वित्त/राजस्व विभाग था, न्याय विभाग नहीं (न्याय क़ाज़ी-उल-क़ुज़ात के अधीन था)। अतः दो युग्म सही हैं।
प्रश्न 10. सूची-I (सुधार संगठन/आंदोलन) को सूची-II (संस्थापक/प्रवर्तक) से सुमेलित कीजिए: सूची-I: 1. प्रार्थना समाज 2. सत्यशोधक समाज 3. आर्य समाज 4. यंग बंगाल आंदोलन सूची-II: क. ज्योतिबा फुले ख. आत्माराम पांडुरंग ग. हेनरी विवियन डेरोज़ियो घ. दयानंद सरस्वती
सही उत्तर: (B) 1-ख, 2-क, 3-घ, 4-ग
व्याख्या: प्रार्थना समाज (1867, बंबई) — आत्माराम पांडुरंग (बाद में रानडे, भंडारकर); सत्यशोधक समाज (1873) — ज्योतिबा फुले; आर्य समाज (1875, बंबई) — दयानंद सरस्वती; यंग बंगाल आंदोलन — हिंदू कॉलेज के शिक्षक डेरोज़ियो।
शेष 40 प्रश्न लॉगिन के बाद क्विज़ में उपलब्ध हैं।
आगे की तैयारी
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कॉमन विषय Advanced Mega टेस्ट सीरीज़ (टफ लेवल)
महत्वपूर्ण परीक्षा निर्देश (Rules)
- 5वां विकल्प अनिवार्य: RPSC/RSMSSB के नए नियमों के अनुसार यदि आप किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते, तो 5वां विकल्प (अनुत्तरित) अवश्य चुनें।
- नकारात्मक अंकन: गलत उत्तर देने पर प्रश्न के कुल अंकों का 1/3 भाग काट लिया जाएगा।
- रैंक व विश्लेषण: टेस्ट सबमिट करते ही इस टेस्ट को देने वाले अभ्यर्थियों के सापेक्ष आपकी रैंक और पर्सेंटाइल दिखेगी।
पाठ्यक्रम एवं तैयारी सुझाव
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