चौहान वंश की चार शाखाएँ: अजमेर, रणथंभौर, नाडोल और जालौर — अभ्यास क्विज़
अजमेर, रणथंभौर, जालौर और नाडोल चौहान शाखाओं की तुलना पढ़ें। प्रमुख शासक, राजधानी, दुर्ग, युद्ध, वंश संबंध और परीक्षा उपयोगी तथ्यों सहित संपूर्ण नोट्स। 2026। मुफ्त नोट्स। CET/RAS उपयोगी। 20 प्
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चौहान वंश की चार शाखाएँ: अजमेर, रणथंभौर, नाडोल और जालौर — अभ्यास क्विज़: क्विज़ परिचय
इस क्विज़ में राजस्थान इतिहास विषय के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रमुख टॉपिक: रणथंभौर शाखा, शाखा संबंध, सुमेलन, रणथंभौर संघर्ष।
नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।
नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित
प्रश्न 1. रणथंभौर की चौहान शाखा की स्थापना किससे जोड़ी जाती है?
सही उत्तर: (A) गोविंदराज (पृथ्वीराज तृतीय का पुत्र)
व्याख्या: 1192 के बाद पृथ्वीराज के पुत्र गोविंदराज ने रणथंभौर में चौहान शाखा की नींव रखी।
प्रश्न 2. जालौर के सोनगरा चौहान किस चौहान शाखा से विकसित हुए?
सही उत्तर: (B) नाडोल शाखा
व्याख्या: नाडोल के अल्हणदेव के पुत्र कीर्तिपाल ने जालौर में सोनगरा शाखा स्थापित की।
प्रश्न 3. निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?
सही उत्तर: (C) हम्मीर देव – जालौर
व्याख्या: हम्मीर देव रणथंभौर के शासक थे; जालौर का प्रसिद्ध शासक कान्हड़देव था।
प्रश्न 4. अलाउद्दीन खिलजी ने रणथंभौर पर अधिकार किस वर्ष किया?
सही उत्तर: (D) 1301 ई.
व्याख्या: लंबे घेरे के बाद 1301 ई. में रणथंभौर पर अलाउद्दीन खिलजी का अधिकार हुआ और हम्मीर देव वीरगति को प्राप्त हुए।
प्रश्न 5. रणथंभौर पर अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण का एक प्रमुख कारण क्या था?
सही उत्तर: (A) हम्मीर द्वारा विद्रोही मंगोल नेता मुहम्मद शाह को शरण देना
व्याख्या: हम्मीर देव ने खिलजी के विद्रोही मंगोल सरदार मुहम्मद शाह को शरण दी, जो आक्रमण का प्रमुख कारण बना।
प्रश्न 6. रणथंभौर के घेरे के दौरान मारा गया अलाउद्दीन खिलजी का सेनापति कौन था?
सही उत्तर: (B) नुसरत खान
व्याख्या: रणथंभौर के घेरे में नुसरत खान मारा गया, जिसके बाद स्वयं अलाउद्दीन ने अभियान का नेतृत्व किया।
प्रश्न 7. रणथंभौर संघर्ष में हम्मीर देव से विश्वासघात करने वाले सेनानायक कौन थे?
सही उत्तर: (C) रणमल और रतिपाल
व्याख्या: हम्मीर के सेनानायक रणमल और रतिपाल खिलजी से मिल गए, जिससे दुर्ग का पतन हुआ।
प्रश्न 8. 1308 ई. में अलाउद्दीन खिलजी के सिवाना अभियान के समय सिवाना दुर्ग का रक्षक कौन था?
सही उत्तर: (D) सातलदेव (शीतलदेव)
व्याख्या: 1308 ई. में सिवाना की रक्षा सातलदेव ने की; दुर्ग जीतने के बाद खिलजी ने इसका नाम खैराबाद रखा।
प्रश्न 9. सिवाना दुर्ग जीतने के बाद अलाउद्दीन खिलजी ने उसका क्या नाम रखा?
सही उत्तर: (A) खैराबाद
व्याख्या: सिवाना का नाम खैराबाद और जालौर का नाम जलालाबाद रखा गया।
प्रश्न 10. जालौर पर अलाउद्दीन खिलजी का निर्णायक अधिकार किस वर्ष हुआ, जिसमें कान्हड़देव वीरगति को प्राप्त हुए?
सही उत्तर: (B) 1311 ई.
व्याख्या: 1311 ई. में जालौर पर खिलजी का अधिकार हुआ और कान्हड़देव लड़ते हुए मारे गए।
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