बंधेज कला — अभ्यास क्विज़
राजस्थान की बंधेज (बांधनी) कला के नोट्स — टाई-एंड-डाई प्रक्रिया, पोमचा-चूँदड़ी-लहरिया-मोठड़ा प्रकार, जोधपुर-जयपुर-सीकर केंद्र, जोधपुर बंधेज GI 2023, छपाई कलाओं से तुलना, PYQ। 20 प्रश्न, व्याख
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बंधेज कला — अभ्यास क्विज़: क्विज़ परिचय
इस क्विज़ में कला एवं संस्कृति विषय के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रमुख टॉपिक: तकनीक, परिचय, GI टैग, पोमचा।
नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।
नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित
प्रश्न 1. बंधेज कला मूलतः किस तकनीक पर आधारित है?
सही उत्तर: (A) बाँधकर रंगना (टाई-एंड-डाई)
व्याख्या: बंधेज टाई-एंड-डाई अर्थात प्रतिरोध रंगाई की कला है, जिसमें कपड़े के भाग धागे से बाँधकर रंग में डुबोए जाते हैं।
प्रश्न 2. बंधेज को गुजरात-राजस्थान में अन्य किस नाम से भी जाना जाता है?
सही उत्तर: (B) बांधनी
व्याख्या: बंधेज को बांधनी भी कहा जाता है; यह नाम 'बंध' (बाँधना) से बना है।
प्रश्न 3. राजस्थान के किस बंधेज को वर्ष 2023 में भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिला?
सही उत्तर: (C) जोधपुर बंधेज
व्याख्या: 'जोधपुर बंधेज' को 2023 में GI टैग प्राप्त हुआ; जोधपुर बंधेज का सबसे प्रसिद्ध केंद्र है।
प्रश्न 4. बंधेज की ओढ़नी 'पोमचा' के नाम का संबंध किससे माना जाता है?
सही उत्तर: (D) पद्म (कमल)
व्याख्या: पोमचा शब्द पद्म (कमल) से बना है, क्योंकि इसमें कमल-आकृति वाले बड़े बिंदु-डिज़ाइन होते हैं।
प्रश्न 5. लोक-परंपरा में पोमचा ओढ़नी मुख्यतः किस अवसर से जुड़ी है?
सही उत्तर: (A) संतान-जन्म
व्याख्या: पोमचा संतान-जन्म के अवसर पर पीहर से आने वाली ओढ़नी है; परंपरानुसार पुत्र-जन्म पर पीला पोमचा दिया जाता है।
प्रश्न 6. जब लहरिया की धारियाँ एक-दूसरे को काटकर चौकोर/जालीदार डिज़ाइन बनाती हैं, तो उसे क्या कहते हैं?
सही उत्तर: (B) मोठड़ा
व्याख्या: मोठड़ा में लहरिया की तिरछी धारियाँ एक-दूसरे को काटती हैं, जिससे चौकोर या जालीदार आकृति बनती है।
प्रश्न 7. छोटे-छोटे बिंदुओं वाली कौन-सी बंधेज ओढ़नी विवाहित स्त्री के सुहाग का प्रतीक मानी जाती है?
सही उत्तर: (C) चूँदड़ी
व्याख्या: लाल चूँदड़ी विवाह और सुहाग का प्रतीक है; लोकगीतों में भी चूँदड़ी का बार-बार उल्लेख आता है।
प्रश्न 8. तिरछी धारियों वाला लहरिया विशेष रूप से किस पर्व/ऋतु पर पहना जाता है?
सही उत्तर: (D) सावन व तीज
व्याख्या: लहरिया सावन मास और तीज पर्व पर पहना जाता है; हरा रंग हरियाली का प्रतीक है।
प्रश्न 9. निम्नलिखित में से कौन-सी छपाई कला नहीं है?
सही उत्तर: (A) बंधेज
व्याख्या: बंधेज बाँधकर रंगने की कला है, जबकि सांगानेरी, दाबू और अजरख छपाई कलाएँ हैं।
प्रश्न 10. दोनों तरफ़ छपाई वाली नीली-लाल 'अजरख' छपाई राजस्थान के किस ज़िले से संबंधित है?
सही उत्तर: (B) बाड़मेर
व्याख्या: अजरख छपाई बाड़मेर की प्रसिद्ध छपाई है, जिसमें कपड़े के दोनों ओर छपाई होती है।
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