अर्थव्यवस्था Advanced 01 — मूल अवधारणाएँ व राष्ट्रीय आय
मूल अवधारणाएँ व राष्ट्रीय आय — 25 टफ लेवल प्रश्न / 25 मिनट / +1/−1/3। आयोग का पेपर नहीं।
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अर्थव्यवस्था Advanced 01 — मूल अवधारणाएँ व राष्ट्रीय आय: क्विज़ परिचय
इस क्विज़ में कॉमन विषय Advanced Mega विषय के 25 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रमुख टॉपिक: बाज़ार संरचना — पूर्ण प्रतियोगिता, नॉमिनल बनाम वास्तविक GDP, आय का वर्तुल प्रवाह, उदासीनता वक्र।
नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।
नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित
प्रश्न 1. पूर्ण प्रतियोगिता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फर्म के लिए औसत आगम (AR) = सीमांत आगम (MR) = कीमत। 2. दीर्घकाल में फर्में केवल सामान्य लाभ अर्जित करती हैं। 3. फर्में भारी विज्ञापन व्यय (विक्रय लागत) करती हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (C) केवल 1 और 2
व्याख्या: पूर्ण प्रतियोगिता में फर्म कीमत स्वीकारक (price taker) है, अतः उसका माँग वक्र क्षैतिज है और AR = MR = P। मुक्त प्रवेश/निकास के कारण दीर्घकाल में असामान्य लाभ समाप्त हो जाता है। समरूप वस्तु और पूर्ण जानकारी के कारण विज्ञापन निरर्थक है—विक्रय लागत एकाधिकारात्मक प्रतियोगिता की विशेषता है।
प्रश्न 2. किसी वर्ष किसी देश का नॉमिनल GDP ₹1200 करोड़ है और उस वर्ष का GDP डिफ्लेटर 120 है (आधार वर्ष = 100)। उस वर्ष का वास्तविक GDP कितना है?
सही उत्तर: (D) ₹1000 करोड़
व्याख्या: वास्तविक GDP = (नॉमिनल GDP ÷ डिफ्लेटर) × 100 = 1200 ÷ 120 × 100 = 1000। ₹1440 डिफ्लेटर से गुणा करने की भूल है; ₹1080 प्रतिशत घटाने (1200 का 10%) की भूल है।
प्रश्न 3. चार-क्षेत्रीय (परिवार, फर्म, सरकार, विदेशी क्षेत्र) वर्तुल प्रवाह मॉडल में निम्नलिखित में से कौन-सा आय-प्रवाह से 'रिसाव' (leakage) नहीं है?
सही उत्तर: (C) निर्यात
व्याख्या: रिसाव वे हैं जो आय को घरेलू व्यय-प्रवाह से बाहर ले जाते हैं: बचत (S), कर (T), आयात (M)। अंतःक्षेपण (injections) प्रवाह में नई माँग जोड़ते हैं: निवेश (I), सरकारी व्यय (G), निर्यात (X)। संतुलन पर S + T + M = I + G + X।
प्रश्न 4. उदासीनता वक्रों (Indifference Curves) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. घटती सीमांत प्रतिस्थापन दर (MRS) के कारण उदासीनता वक्र मूल बिंदु की ओर उन्नतोदर (convex) होता है। 2. यदि दोनों वस्तुएँ स्थानापन्न हों, तो दो उदासीनता वक्र एक-दूसरे को काट सकते हैं। 3. ऊँचा उदासीनता वक्र संतुष्टि के ऊँचे स्तर को दर्शाता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (C) केवल 1 और 3
व्याख्या: जैसे-जैसे उपभोक्ता X अधिक लेता है, वह X की प्रत्येक अतिरिक्त इकाई के लिए Y की कम मात्रा त्यागने को तैयार होता है—MRS घटती है, इसलिए वक्र उन्नतोदर है। एकदिष्टता (more is better) के कारण ऊँचा वक्र अधिक संतुष्टि दर्शाता है। दो वक्रों का कटना संक्रामकता (transitivity) का उल्लंघन होगा—वस्तुओं की प्रकृति कुछ भी हो, ऐसा संभव नहीं।
प्रश्न 5. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कुज़नेट्स वक्र प्रति व्यक्ति आय और आय-असमानता के बीच उल्टे U-आकार के संबंध की परिकल्पना करता है। 2. 'पर्यावरणीय कुज़नेट्स वक्र' प्रति व्यक्ति आय और पर्यावरणीय क्षरण के बीच इसी प्रकार के संबंध की परिकल्पना है। 3. साइमन कुज़नेट्स राष्ट्रीय आय लेखांकन के विकास से जुड़े अर्थशास्त्री हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (B) 1, 2 और 3
व्याख्या: कुज़नेट्स के अनुसार विकास के आरंभ में असमानता बढ़ती है और एक सीमा के बाद घटती है (उल्टा U)। इसी ढाँचे को प्रदूषण पर लागू करके पर्यावरणीय कुज़नेट्स वक्र बना। कुज़नेट्स ने अमेरिका में राष्ट्रीय आय के आधुनिक आकलन की नींव रखी और उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला। ध्यान दें—ये परिकल्पनाएँ हैं, सार्वभौमिक नियम नहीं।
प्रश्न 6. असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक (IHDI) का मान HDI के ठीक बराबर कब होगा?
सही उत्तर: (B) जब जनसंख्या में स्वास्थ्य, शिक्षा और आय—तीनों आयामों में कोई असमानता न हो
व्याख्या: IHDI प्रत्येक आयाम में लोगों के बीच वितरण की असमानता के अनुसार HDI को घटाता है; HDI और IHDI का अंतर असमानता के कारण 'मानव विकास की हानि' है। असमानता शून्य होने पर ही दोनों बराबर होंगे। लैंगिक असमानता का माप अलग सूचकांक (GII) है, और उच्च आय से वितरण की समानता सुनिश्चित नहीं होती।
प्रश्न 7. निम्नलिखित में से कौन माँग के नियम का अपवाद नहीं है?
सही उत्तर: (A) आय स्थिर रहते हुए किसी सामान्य वस्तु की कीमत गिरने पर उसकी माँग बढ़ना
व्याख्या: सामान्य वस्तु की कीमत गिरने पर माँग बढ़ना स्वयं माँग का नियम है, अपवाद नहीं। गिफ़िन वस्तुएँ (प्रबल ऋणात्मक आय प्रभाव), वेब्लेन वस्तुएँ (प्रदर्शन प्रभाव) और कीमत-वृद्धि की प्रत्याशा (कीमत बढ़ते हुए भी अधिक खरीद) अपवाद माने जाते हैं।
प्रश्न 8. स्वचालित स्थिरकारकों (Automatic Stabilisers) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ये सरकार के किसी नए विवेकाधीन निर्णय के बिना कार्य करते हैं। 2. प्रगतिशील आयकर एक स्वचालित स्थिरकारक है। 3. मंदी में बेरोज़गारी भत्ते पर व्यय स्वतः बढ़कर समग्र माँग को सहारा देता है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
सही उत्तर: (D) 1, 2 और 3
व्याख्या: स्वचालित स्थिरकारक बजट की संरचना में निहित होते हैं: तेज़ी में आय बढ़ने पर प्रगतिशील कर से कर-संग्रह आनुपातिक से अधिक बढ़ता है (माँग पर अंकुश), मंदी में कर घटते और कल्याण भुगतान बढ़ते हैं (माँग को सहारा)। इसके लिए नई नीति-घोषणा की आवश्यकता नहीं होती।
प्रश्न 9. समष्टि अर्थशास्त्र में 'तकनीकी मंदी' (Technical Recession) की प्रचलित परिभाषा क्या है?
सही उत्तर: (C) लगातार दो तिमाहियों में वास्तविक GDP में ऋणात्मक वृद्धि
व्याख्या: लगातार दो तिमाहियों तक वास्तविक GDP का संकुचन तकनीकी मंदी की प्रचलित कसौटी है। वृद्धि दर घटकर भी धनात्मक रहना 'आर्थिक सुस्ती' (slowdown) है; ऋणात्मक मुद्रास्फीति अपस्फीति (deflation) है। नॉमिनल GDP का वास्तविक से कम होना केवल यह दर्शाता है कि कीमत-स्तर आधार वर्ष से नीचे है।
प्रश्न 10. यदि किसी वस्तु की माँग की आय लोच शून्य से अधिक किंतु 1 से कम हो, तो वह वस्तु किस श्रेणी में आएगी?
सही उत्तर: (D) आवश्यक (सामान्य) वस्तु
व्याख्या: आय लोच 0 और 1 के बीच होने का अर्थ है कि आय बढ़ने पर माँग बढ़ती तो है, पर आय से कम अनुपात में—यह आवश्यक वस्तुओं (जैसे अनाज, नमक) की विशेषता है। विलासिता वस्तुओं की आय लोच 1 से अधिक, और निम्नस्तरीय (गिफ़िन सहित) वस्तुओं की ऋणात्मक होती है।
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आगे की तैयारी
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महत्वपूर्ण परीक्षा निर्देश (Rules)
- 5वां विकल्प अनिवार्य: RPSC/RSMSSB के नए नियमों के अनुसार यदि आप किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहते, तो 5वां विकल्प (अनुत्तरित) अवश्य चुनें।
- नकारात्मक अंकन: गलत उत्तर देने पर प्रश्न के कुल अंकों का 1/3 भाग काट लिया जाएगा।
- रैंक व विश्लेषण: टेस्ट सबमिट करते ही इस टेस्ट को देने वाले अभ्यर्थियों के सापेक्ष आपकी रैंक और पर्सेंटाइल दिखेगी।
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