आहड़ सभ्यता — बनास संस्कृति — अभ्यास क्विज़
आहड़ सभ्यता का इतिहास जानें – उदयपुर क्षेत्र की आहड़-बनास संस्कृति, ताम्रपाषाण युग, बर्तन, धातुकर्म और राजस्थान के प्राचीन इतिहास में इसका महत्व। 2026। मुफ्त नोट्स। CET/RAS उपयोगी। 20 प्रश्न,
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आहड़ सभ्यता — बनास संस्कृति — अभ्यास क्विज़: क्विज़ परिचय
इस क्विज़ में राजस्थान इतिहास विषय के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं। प्रमुख टॉपिक: भौगोलिक स्थिति, बनास संस्कृति, उपनाम, धूलकोट।
नीचे 10 नमूना प्रश्न सही उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं, ताकि आप प्रश्नों का स्तर देख सकें। पूरी क्विज़ टाइमर, नेगेटिव मार्किंग और स्कोरकार्ड के साथ निःशुल्क लॉगिन के बाद हल करें।
नमूना प्रश्न: उत्तर व व्याख्या सहित
प्रश्न 1. आहड़ सभ्यता किस नदी के किनारे विकसित हुई?
सही उत्तर: (A) आयड़ (बेड़च)
व्याख्या: आहड़ सभ्यता उदयपुर के निकट आयड़ नदी के किनारे विकसित हुई, जो आगे बेड़च कहलाती है और बनास में मिलती है।
प्रश्न 2. आहड़ सभ्यता को 'बनास संस्कृति' क्यों कहा जाता है?
सही उत्तर: (B) इसका विस्तार बनास और उसकी सहायक नदियों की घाटियों में था
व्याख्या: आहड़ संस्कृति के स्थल (जैसे गिलूंड, बालाथल) बनास और उसकी सहायक नदियों की घाटी में फैले थे, इसलिए इसे बनास संस्कृति कहा गया।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन-सा आहड़ का नाम नहीं है?
सही उत्तर: (C) अहिच्छत्रपुर
व्याख्या: अहिच्छत्रपुर नागौर का प्राचीन नाम है। ताम्रवती नगरी, आघाटपुर (आघाटदुर्ग) और धूलकोट (टीला) आहड़ से संबंधित नाम हैं।
प्रश्न 4. आहड़ के मुख्य पुरातात्त्विक टीले को स्थानीय रूप से क्या कहा जाता है?
सही उत्तर: (D) धूलकोट
व्याख्या: आहड़ के मुख्य टीले को धूलकोट कहा जाता है। बीजक की पहाड़ी बैराठ में है।
प्रश्न 5. आहड़ स्थल की खोज (प्रारंभिक उत्खनन) 1953 ई. में किसने की?
सही उत्तर: (A) अक्षय कीर्ति व्यास
व्याख्या: 1953 में अक्षय कीर्ति व्यास ने आहड़ में प्रारंभिक उत्खनन किया; 1956 में आर.सी. अग्रवाल और 1961–62 में एच.डी. सांकलिया ने उत्खनन किया।
प्रश्न 6. 1961–62 में आहड़ का विस्तृत वैज्ञानिक उत्खनन किसके नेतृत्व में हुआ?
सही उत्तर: (B) एच.डी. सांकलिया
व्याख्या: डेक्कन कॉलेज, पुणे के एच.डी. सांकलिया ने मेलबर्न विश्वविद्यालय के सहयोग से 1961–62 में आहड़ का उत्खनन किया।
प्रश्न 7. आहड़ उत्खनन के क्रम को सही रूप में व्यवस्थित कीजिए: 1. आर.सी. अग्रवाल 2. एच.डी. सांकलिया 3. अक्षय कीर्ति व्यास
सही उत्तर: (C) 3, 1, 2
व्याख्या: क्रम: अक्षय कीर्ति व्यास (1953), आर.सी. अग्रवाल (1956), एच.डी. सांकलिया (1961–62)।
प्रश्न 8. आहड़ को 'ताम्रवती नगरी' कहे जाने का मुख्य कारण क्या है?
सही उत्तर: (D) यहाँ ताँबा गलाने और ताम्र उपकरण बनाने का कार्य बड़े पैमाने पर होता था
व्याख्या: आहड़ में ताँबा गलाने की भट्टियाँ और ताम्र उपकरण प्रचुर मात्रा में मिले हैं, इसलिए इसे ताम्रवती नगरी कहा गया।
प्रश्न 9. आहड़ से प्राप्त यूनानी (इंडो-ग्रीक) ताँबे की मुद्रा पर किस देवता का चित्र अंकित है?
सही उत्तर: (A) अपोलो
व्याख्या: आहड़ से मिली मुद्रा पर तीर और तरकश लिए यूनानी देवता अपोलो का चित्र है।
प्रश्न 10. आहड़ से कुल कितनी ताँबे की मुद्राएँ और कितनी मुहरें मिली हैं?
सही उत्तर: (B) 6 मुद्राएँ और 3 मुहरें
व्याख्या: आहड़ से 6 ताँबे की मुद्राएँ और 3 मुहरें मिली हैं। 36 चाँदी की मुद्राएँ बैराठ से मिली थीं।
शेष 10 प्रश्न लॉगिन के बाद क्विज़ में उपलब्ध हैं।
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