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साइबर सुरक्षा — मैलवेयर, फ़िशिंग-विशिंग, एन्क्रिप्शन, IT Act 2000 की धाराएँ, CERT-In व DPDP Act

योगेश जांगिड़ (संस्थापक; राजव्यवस्था, रीजनिंग, English Grammar व कंप्यूटर परीक्षा नोट्स लेखक)
प्रकाशित:
25 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: RSSB CET, पटवारी, LDC, सूचना सहायक व RKCL RS-CIT पाठ्यक्रम की कंप्यूटर इकाई; NCERT/NIELIT कंप्यूटर पाठ्य सामग्री तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।

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सुयोग AI गुरु

नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें

संक्षिप्त उत्तर: Malware (Malicious Software) वह हानिकारक प्रोग्राम है जो कंप्यूटर, डेटा या उपयोगकर्ता को नुकसान पहुँचाए। Virus किसी host फ़ाइल से चिपककर और उपयोगकर्ता के चलाने पर फैलता है, Worm बिना host के नेटवर्क पर स्वयं फैलता है, Trojan उपयोगी सॉफ़्टवेयर का भेष धरकर आता है और Ransomware डेटा एन्क्रिप्ट करके फिरौती माँगता है (WannaCry, 2017)। सबसे आम हमले सोशल इंजीनियरिंग पर टिके हैं — Phishing (नकली ई-मेल/वेबसाइट), Vishing (फ़ोन कॉल), Smishing (SMS) और OTP fraud; DDoS हमले में अनेक संक्रमित कंप्यूटरों (botnet) से सर्वर पर इतना ट्रैफ़िक भेजा जाता है कि वह ठप हो जाए। बचाव के उपाय — antivirus, firewall, encryption (symmetric में एक ही key; asymmetric में public key और private key का जोड़ा), digital signature, 2FA/MFA, मज़बूत पासवर्ड, सॉफ़्टवेयर अपडेट और बैकअप। भारत का पहला साइबर क़ानून सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 है, जो 17 अक्टूबर 2000 से लागू हुआ और UNCITRAL Model Law पर आधारित है; प्रमुख धाराएँ — 43 (कंप्यूटर को क्षति), 65 (source code से छेड़छाड़), 66 (हैकिंग/कंप्यूटर अपराध), 66C (पहचान की चोरी), 66D (प्रतिरूपण से धोखा), 66E (निजता का उल्लंघन), 66F (साइबर आतंकवाद), 67 (अश्लील सामग्री) और 69A (सामग्री ब्लॉक करने का अधिकार)। धारा 66A को सर्वोच्च न्यायालय ने श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ (2015) में असंवैधानिक घोषित कर रद्द किया। साइबर घटनाओं की राष्ट्रीय एजेंसी CERT-In (2004, धारा 70B) है; साइबर अपराध की शिकायत cybercrime.gov.in पर और वित्तीय धोखाधड़ी की सूचना हेल्पलाइन 1930 पर दी जाती है।


संक्षिप्त उत्तर

तथ्यउत्तर
होस्ट फ़ाइल से फैलने वालाVirus
बिना host, नेटवर्क पर स्वयं फैलने वालाWorm
उपयोगी प्रोग्राम का भेषTrojan Horse
फ़ाइलें एन्क्रिप्ट कर फिरौतीRansomware (WannaCry, मई 2017)
कीबोर्ड पर दबाई कुंजियाँ रिकॉर्डKeylogger
संक्रमित कंप्यूटरों का नेटवर्कBotnet (zombies)
शर्त/तारीख़ पर सक्रियLogic Bomb
फ़ोन कॉल से धोखा / SMS से धोखाVishing / Smishing
सही URL पर भी नकली साइटPharming
नेटवर्क ट्रैफ़िक फ़िल्टरFirewall
Asymmetric encryptionPublic key + Private key (जैसे RSA)
IT Act लागू17 अक्टूबर 2000
IT Act का आधारUNCITRAL Model Law on Electronic Commerce (1996)
66A रद्दश्रेया सिंघल बनाम भारत संघ, 2015
साइबर आतंकवादधारा 66F
CERT-In2004; धारा 70B; MeitY के अधीन
साइबर अपराध पोर्टल / हेल्पलाइनcybercrime.gov.in / 1930
डेटा संरक्षण क़ानूनDPDP Act, 2023

2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?

साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं, नागरिक-जागरूकता का विषय है — UPI, OTP और सोशल मीडिया के दौर में हर परीक्षा इसे पूछती है। कंप्यूटर खंड में मैलवेयर के प्रकार, हमलों के नाम और सुरक्षा उपाय आते हैं; सामान्य ज्ञान/करेंट अफ़ेयर्स खंड में IT Act की धाराएँ, CERT-In, I4C, हेल्पलाइन 1930 और DPDP Act। ये हमले नेटवर्क पर कैसे चलते हैं, यह समझने के लिए कंप्यूटर नेटवर्क, OSI और प्रोटोकॉल नोट उपयोगी है।

परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★

  • राजस्थान CET (12वीं व स्नातक), पटवारी, LDC/कनिष्ठ सहायक
  • सूचना सहायक, IA, प्रोग्रामर — एन्क्रिप्शन, डिजिटल सिग्नेचर, IT Act
  • RS-CIT — सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, पासवर्ड, फ़िशिंग
  • SSC, बैंकिंग — साइबर फ़्रॉड, 2FA, RBI/बैंक सुरक्षा संदर्भ
  • राजस्थान पुलिस/SI — IT Act की धाराएँ

प्रश्न कैसे आते हैं?

  1. परिभाषा से पहचान — "SMS के माध्यम से की गई धोखाधड़ी?"
  2. Virus बनाम Worm बनाम Trojan
  3. धारा–अपराध मिलान — "पहचान की चोरी किस धारा में?"
  4. 66A और श्रेया सिंघल मामला
  5. एन्क्रिप्शन — कौन-सी key से एन्क्रिप्ट, कौन-सी से डिक्रिप्ट
  6. संस्थाएँ — CERT-In, I4C, हेल्पलाइन, पोर्टल

3. Malware के प्रकार

Malwareकैसे काम करता हैपहचान-चिह्न
Virusकिसी प्रोग्राम/फ़ाइल (host) से चिपक जाता है; वह फ़ाइल चलाने पर सक्रिय होकर दूसरी फ़ाइलों में अपनी प्रति बनाता हैhost + उपयोगकर्ता की क्रिया ज़रूरी
Wormस्वतंत्र प्रोग्राम; नेटवर्क की कमज़ोरियों से स्वयं एक कंप्यूटर से दूसरे में फैलता है; bandwidth खा जाता हैhost नहीं, उपयोगकर्ता की क्रिया नहीं
Trojan Horseगेम, क्रैक, मुफ़्त ऐप जैसा उपयोगी दिखता है; अंदर से backdoor खोलता या डेटा चुराता है; स्वयं प्रति नहीं बनाताछल/भेष — यूनानी कथा के लकड़ी के घोड़े से नाम
Ransomwareफ़ाइलें एन्क्रिप्ट या सिस्टम लॉक करके खोलने के बदले फिरौती (प्रायः क्रिप्टोकरेंसी में) माँगता हैWannaCry (मई 2017) — Windows की SMB कमज़ोरी का उपयोग कर दुनिया भर में फैला
Spywareचुपचाप उपयोगकर्ता की गतिविधि, पासवर्ड, ब्राउज़िंग की जानकारी इकट्ठा कर बाहर भेजता हैजासूसी
Adwareबिना अनुमति बार-बार विज्ञापन/पॉप-अप दिखाता हैविज्ञापन
Rootkitसिस्टम के गहरे स्तर पर छिपकर हमलावर को admin (root) नियंत्रण देता है और अपनी तथा अन्य malware की उपस्थिति छिपाता हैछिपाव; पकड़ना कठिन
Keyloggerकीबोर्ड पर दबाई हर कुंजी रिकॉर्ड करता है — पासवर्ड, कार्ड नंबरSpyware का एक रूप
Botnetसंक्रमित कंप्यूटरों (bots/zombies) का नेटवर्क, जिसे हमलावर (bot-herder) दूर से नियंत्रित करता है — DDoS, spam के लिए"रोबोट नेटवर्क"
Logic Bombकिसी प्रोग्राम में छिपा कोड, जो किसी शर्त या तारीख़ (time bomb) के पूरा होने पर हानिकारक काम करता हैशर्त पर विस्फोट
Scareware"आपका कंप्यूटर संक्रमित है" जैसे नकली अलर्ट से डराकर नकली सॉफ़्टवेयर ख़रीदवाता हैडर

3.1 Virus के उपप्रकार

प्रकारअर्थ
Boot Sector Virusडिस्क के boot sector को संक्रमित करता है; कंप्यूटर शुरू होते ही सक्रिय
File Infector.exe/.com जैसी प्रोग्राम फ़ाइलों से चिपकता है
Macro VirusWord/Excel जैसे दस्तावेज़ों के macro में छिपा
Polymorphic Virusहर संक्रमण पर अपना कोड-रूप बदलता है, ताकि antivirus न पकड़े
Resident VirusRAM (मेमोरी) में बैठकर काम करता है

3.2 जहाँ स्रोत अलग-अलग कहते हैं

पहला वायरस: 1971 के प्रायोगिक स्व-प्रतिलिपि प्रोग्राम Creeper को प्रायः "पहला कंप्यूटर वायरस" कहा जाता है (तकनीकी रूप से वह worm जैसा था); Elk Cloner (1982) को पहला "वास्तविक दुनिया में फैला" वायरस और Brain (1986, पाकिस्तान) को IBM PC का पहला वायरस माना जाता है। प्रश्न में जिस अर्थ में "पहला" पूछा गया है, उसी के अनुसार उत्तर बदलता है, इसलिए यह बिंदु क्विज़ में नहीं रखा गया।

VIRUS का "पूरा नाम": कई गाइडों में "Vital Information Resources Under Siege" लिखा मिलता है, पर यह बाद में गढ़ा गया शब्द-विस्तार (backronym) है; "virus" वास्तव में जैविक विषाणु से लिया गया शब्द है, कोई संक्षिप्त रूप नहीं।


4. साइबर हमले और धोखाधड़ी

हमलाकैसे होता हैउदाहरण / संकेत
Phishingबैंक/सरकारी संस्था जैसे दिखने वाले नकली ई-मेल या वेबसाइट से पासवर्ड, कार्ड विवरण चुराना"आपका खाता बंद होगा, इस लिंक पर KYC करें"
Spear Phishingकिसी ख़ास व्यक्ति/संस्था को निशाना बनाकर व्यक्तिगत phishingअधिकारी के नाम से विभागीय मेल
Vishing (Voice)फ़ोन कॉल पर बैंक अधिकारी/पुलिस बनकर जानकारी निकलवाना"मैं बैंक से बोल रहा हूँ, OTP बताइए"
Smishing (SMS)SMS में नकली लिंक भेजना"बिजली कनेक्शन आज रात कटेगा, इस नंबर पर कॉल करें"
PharmingDNS या कंप्यूटर की सेटिंग बिगाड़कर सही पता लिखने पर भी नकली साइट पर भेज देनाबिना लिंक पर क्लिक किए धोखा
Spoofingपहचान का जाली रूप — नकली ई-मेल पता, कॉलर ID, IP address या वेबसाइटपरिचित नंबर से आती दिखती कॉल
DoSएक स्रोत से अत्यधिक अनुरोध भेजकर सर्वर/सेवा को ठप करनावेबसाइट न खुलना
DDoSहज़ारों संक्रमित कंप्यूटरों (botnet) से एक साथ DoSबड़ी वेबसाइटों का घंटों बंद होना
Man-in-the-Middleदो पक्षों के बीच चुपचाप बैठकर संचार पढ़ना/बदलनाखुले सार्वजनिक Wi-Fi पर
SQL Injectionवेबसाइट के इनपुट बॉक्स में SQL कोड डालकर डेटाबेस तक अवैध पहुँचलॉगिन फ़ॉर्म की कमज़ोरी
Brute Forceसभी संभव पासवर्ड एक-एक कर आज़मानाछोटे/सरल पासवर्ड जल्दी टूटते हैं
Social Engineeringतकनीक के बजाय मनुष्य के भरोसे, डर या लालच का लाभ उठानाphishing, vishing, लॉटरी संदेश सब इसके रूप
Identity Theftकिसी की पहचान (आधार, PAN, पासवर्ड, फ़ोटो) चुराकर उसके नाम से धोखादूसरे के नाम पर लोन/सिम
Cyberstalkingऑनलाइन लगातार पीछा, धमकी, उत्पीड़नसोशल मीडिया पर बार-बार संदेश
Juice Jackingसार्वजनिक USB चार्जिंग पोर्ट से फ़ोन में malware डालना या डेटा चुरानारेलवे स्टेशन/हवाई अड्डे के USB पोर्ट
OTP Fraudबहाने से OTP पूछकर खाते से पैसे निकालना"रिफ़ंड के लिए OTP बताइए"
SIM Swapपीड़ित के नंबर का डुप्लिकेट सिम लेकर OTP अपने पास मँगानाअचानक फ़ोन का नेटवर्क चला जाना
Cyberbullyingऑनलाइन अपमान, धमकी, अफ़वाहविशेषकर किशोरों के साथ

सुनहरा नियम: कोई भी बैंक, UPI ऐप या सरकारी विभाग फ़ोन/SMS पर OTP, PIN, CVV या पासवर्ड नहीं माँगता। UPI में पैसा प्राप्त करने के लिए PIN कभी नहीं डालना पड़ता — PIN डालने का अर्थ है पैसा भेजना।


5. सुरक्षा उपाय

उपायकाम
Antivirusmalware को पहचानना (signature व व्यवहार के आधार पर), हटाना या quarantine करना; नियमित अपडेट ज़रूरी। उदाहरण: Quick Heal (भारतीय), Norton, McAfee, Kaspersky, Microsoft Defender
Firewallतय नियमों के आधार पर आने-जाने वाले नेटवर्क ट्रैफ़िक को अनुमति देना या रोकना; हार्डवेयर या सॉफ़्टवेयर दोनों रूप
Encryptionपठनीय डेटा (plaintext) को key की सहायता से अपठनीय रूप (ciphertext) में बदलना; वापस बदलना decryption
2FA / MFAपासवर्ड के साथ दूसरा प्रमाण — OTP, authenticator ऐप, फ़िंगरप्रिंट
Strong Passwordलंबा (कम से कम 8–12 अक्षर), बड़े-छोटे अक्षर, अंक, चिह्न; हर खाते का अलग; password manager
CAPTCHACompletely Automated Public Turing test to tell Computers and Humans Apart — मनुष्य और bot में भेद
VPNVirtual Private Network — सार्वजनिक नेटवर्क पर एन्क्रिप्टेड सुरंग (tunnel) बनाकर सुरक्षित कनेक्शन
Backupडेटा की अलग प्रति — ransomware से सबसे अच्छा बचाव; प्रचलित नियम 3-2-1 (3 प्रतियाँ, 2 अलग माध्यम, 1 अलग स्थान पर)
Patching / UpdateOS और सॉफ़्टवेयर की सुरक्षा-कमज़ोरियाँ भरने वाले अपडेट समय पर लगाना (WannaCry ने बिना अपडेट वाले सिस्टमों को ही निशाना बनाया)
HTTPS जाँचलॉगिन/भुगतान से पहले पता और ताले का चिह्न देखना

5.1 Authentication के तीन कारक

कारकउदाहरण
Something you know (जो आप जानते हैं)पासवर्ड, PIN
Something you have (जो आपके पास है)मोबाइल पर OTP, स्मार्ट कार्ड, security token
Something you are (जो आप हैं)फ़िंगरप्रिंट, चेहरा, आँख की पुतली (iris) — बायोमेट्रिक

दो अलग प्रकार के कारक मिलें तो 2FA; दो पासवर्ड 2FA नहीं हैं, क्योंकि दोनों "know" वर्ग के हैं।

5.2 पासवर्ड की ताक़त — गणना

Brute force में संभव संयोजन = (अक्षरों की संख्या)^(लंबाई)।

पासवर्ड प्रकारगणनासंभव संयोजन
4 अंकों का PIN10^410,000
6 अंकों का OTP10^610,00,000
8 छोटे अंग्रेज़ी अक्षर26^8208,827,064,576
8 अक्षर (a–z, A–Z, 0–9 = 62 चिह्न)62^8218,340,105,584,896 (लगभग 1046 गुना अधिक)

निष्कर्ष: लंबाई और चिह्नों की विविधता बढ़ाने से brute force का समय बहुत तेज़ी से बढ़ता है।


6. Encryption, Digital Signature और Digital Certificate

बिंदुSymmetric EncryptionAsymmetric (Public Key) Encryption
Keyएन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन में एक ही गुप्त keyदो keys का जोड़ा — Public key (सबके लिए) और Private key (केवल स्वामी के पास)
गतितेज़धीमी
चुनौतीkey को सुरक्षित रूप से दूसरे पक्ष तक पहुँचानाkey-वितरण की समस्या हल
उदाहरणAES, DESRSA

नियम: किसी को गुप्त संदेश भेजना हो तो उसे प्राप्तकर्ता की public key से एन्क्रिप्ट करें; उसे केवल प्राप्तकर्ता की private key से ही खोला जा सकता है। HTTPS में दोनों का मेल होता है — पहले asymmetric तरीक़े से एक session key तय होती है, फिर उसी symmetric key से तेज़ एन्क्रिप्शन।

6.1 Digital Signature

Digital signature किसी इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ की प्रामाणिकता का गणितीय प्रमाण है। भेजने वाला दस्तावेज़ के hash को अपनी private key से साइन करता है; प्राप्तकर्ता उसे भेजने वाले की public key से जाँचता है। इससे तीन बातें सुनिश्चित होती हैं — Authentication (किसने भेजा), Integrity (रास्ते में बदला नहीं गया) और Non-repudiation (भेजने वाला बाद में मना नहीं कर सकता)।

6.2 Digital Certificate और CA

Digital certificate एक इलेक्ट्रॉनिक पहचान-पत्र है जो किसी public key को उसके स्वामी (व्यक्ति/वेबसाइट) से जोड़ता है। इसे विश्वसनीय Certifying Authority (CA) जारी करता है। भारत में IT Act के अंतर्गत Controller of Certifying Authorities (CCA) CAs को लाइसेंस देता है। सरकारी निविदा, आयकर रिटर्न और कंपनी फ़ाइलिंग में DSC (Digital Signature Certificate) उपयोग होता है।


7. Hacker के प्रकार और Ethical Hacking

प्रकारअर्थ
White Hatअनुमति लेकर सिस्टम की कमज़ोरियाँ खोजने वाला नैतिक हैकर; सुरक्षा सुधारने के लिए
Black Hatबिना अनुमति, हानि या लाभ के लिए अवैध हैकिंग करने वाला (cracker)
Grey Hatबीच का — बिना अनुमति कमज़ोरी खोजता है, पर प्रायः हानि की नीयत नहीं; फिर भी अनधिकृत पहुँच अवैध है
Script Kiddieदूसरों के बनाए टूल चलाने वाला अनाड़ी हमलावर
Hacktivistराजनीतिक/सामाजिक उद्देश्य से हैकिंग

Ethical hacking / Penetration testing — संस्था की लिखित अनुमति से उसके सिस्टम पर नियंत्रित हमला करके कमज़ोरियाँ खोजना और रिपोर्ट करना। कंपनियाँ bug bounty कार्यक्रमों में कमज़ोरी बताने वालों को इनाम देती हैं। अनुमति ही ethical और अवैध हैकिंग के बीच की रेखा है।


8. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

बिंदुतथ्य
नामInformation Technology Act, 2000 (2000 का अधिनियम संख्या 21)
राष्ट्रपति की स्वीकृति9 जून 2000
लागू17 अक्टूबर 2000
महत्वभारत का पहला साइबर क़ानून
आधारसंयुक्त राष्ट्र आयोग UNCITRAL का Model Law on Electronic Commerce (1996)
उद्देश्यइलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और डिजिटल हस्ताक्षर को क़ानूनी मान्यता, ई-कॉमर्स व ई-गवर्नेंस को बढ़ावा, साइबर अपराधों पर दंड
नोडल मंत्रालयइलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)

8.1 प्रमुख धाराएँ

धाराविषयदंड (सामान्य रूप में)
43बिना अनुमति कंप्यूटर तक पहुँच, डेटा कॉपी, वायरस डालना, क्षति पहुँचाना — दीवानी दायित्वपीड़ित को क्षतिपूर्ति
65कंप्यूटर source code/दस्तावेज़ से छेड़छाड़, उसे नष्ट या छिपाना3 वर्ष तक कारावास या 2 लाख रुपये तक जुर्माना या दोनों
66कंप्यूटर संबंधी अपराध — धारा 43 के कार्य बेईमानी/धोखे की नीयत से (हैकिंग)3 वर्ष तक या 5 लाख रुपये तक या दोनों
66A (रद्द)संचार सेवा से "आपत्तिजनक" संदेश भेजना2015 में सर्वोच्च न्यायालय ने असंवैधानिक घोषित किया
66Bचोरी का कंप्यूटर संसाधन/डिवाइस बेईमानी से रखना—
66Cपहचान की चोरी — किसी के इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर, पासवर्ड या विशिष्ट पहचान का धोखे से उपयोग3 वर्ष तक और 1 लाख रुपये तक जुर्माना
66Dकंप्यूटर संसाधन से प्रतिरूपण (किसी और बनकर) द्वारा धोखा — नकली प्रोफ़ाइल, फ़र्ज़ी कॉल-सेंटर ठगी3 वर्ष तक और 1 लाख रुपये तक जुर्माना
66Eनिजता का उल्लंघन — किसी के निजी अंगों की तस्वीर बिना सहमति लेना/प्रकाशित करना3 वर्ष तक या 2 लाख रुपये तक या दोनों
66Fसाइबर आतंकवाद — देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा या संप्रभुता को ख़तराआजीवन कारावास तक
67अश्लील सामग्री का इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रकाशन/प्रसारणपहली बार 3 वर्ष तक और 5 लाख रुपये तक जुर्माना
67A / 67Bयौन रूप से स्पष्ट सामग्री / बच्चों से संबंधित ऐसी सामग्री67 से कठोर
69सरकार का किसी सूचना को intercept, monitor या decrypt कराने का अधिकार—
69Aसरकार का किसी ऑनलाइन सामग्री/वेबसाइट/ऐप तक सार्वजनिक पहुँच ब्लॉक करने का अधिकारश्रेया सिंघल मामले में वैध ठहराई गई
70 / 70A / 70Bसंरक्षित प्रणाली / NCIIPC (महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना) / CERT-In—
72गोपनीयता और निजता का उल्लंघन (अधिकार-प्राप्त व्यक्ति द्वारा)—

टिप्पणी: दंड की मात्रा अधिनियम में दी गई अधिकतम सीमा है और संशोधनों से बदल सकती है; परीक्षा में मुख्य रूप से धारा–अपराध का मिलान पूछा जाता है, इसलिए क्विज़ भी उसी पर केंद्रित है। 1 जुलाई 2024 से IPC की जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 लागू है, और साइबर ठगी के मामलों में IT Act के साथ BNS की धोखाधड़ी संबंधी धाराएँ भी लगती हैं।

8.2 IT (संशोधन) अधिनियम, 2008

  • 2009 में लागू हुआ (27 अक्टूबर 2009)।
  • नई धाराएँ जोड़ीं — 66A से 66F, 67A, 67B, 69A, 69B, 70A, 70B आदि; यानी पहचान की चोरी, प्रतिरूपण से धोखा, निजता का उल्लंघन और साइबर आतंकवाद पहली बार स्पष्ट अपराध बने।
  • "Digital signature" की जगह तकनीक-निरपेक्ष शब्द "Electronic signature" अपनाया।
  • CERT-In को धारा 70B में साइबर घटनाओं की राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में वैधानिक दर्जा मिला।

8.3 धारा 66A और श्रेया सिंघल मामला

2008 के संशोधन से जोड़ी गई धारा 66A "अत्यंत आपत्तिजनक", "असुविधा" या "चिढ़" पैदा करने वाले ऑनलाइन संदेशों को अपराध बनाती थी। श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ (मार्च 2015) में सर्वोच्च न्यायालय ने इसे पूरी तरह रद्द कर दिया, क्योंकि यह अस्पष्ट और अति-व्यापक थी और अनुच्छेद 19(1)(a) (वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) का उल्लंघन करती थी, तथा अनुच्छेद 19(2) के उचित प्रतिबंधों में नहीं आती थी। इसी निर्णय में धारा 69A (ब्लॉकिंग) को वैध ठहराया गया। रद्द होने के बाद भी कुछ राज्यों में इस धारा में मामले दर्ज होते रहे, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने 2021 में चिंता जताई और केंद्र ने राज्यों को इसमें मामले दर्ज न करने का निर्देश दिया।


9. संस्थाएँ, पोर्टल और DPDP Act

संस्था / व्यवस्थातथ्य
CERT-In (Indian Computer Emergency Response Team)2004 में गठित; MeitY के अधीन; IT Act की धारा 70B के तहत साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया की राष्ट्रीय एजेंसी — चेतावनी (advisory) जारी करना, घटनाओं का विश्लेषण, आपात प्रतिक्रिया
I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre)गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन; साइबर अपराध से निपटने के लिए केंद्र व राज्यों की एजेंसियों का समन्वय; जनवरी 2020 में राष्ट्र को समर्पित
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टलcybercrime.gov.in — ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना
हेल्पलाइन 1930ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की तुरंत सूचना; जल्दी सूचना देने पर ठगी की राशि रोकने (freeze) की संभावना बढ़ती है
NCIIPCमहत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना (बिजली, बैंकिंग, दूरसंचार) की सुरक्षा; धारा 70A
CCAController of Certifying Authorities — डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र देने वाली संस्थाओं का नियामक
राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति2013

9.1 डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (DPDP Act)

शब्द / बिंदुअर्थ
अधिनियमनअगस्त 2023 में संसद द्वारा पारित व अधिनियमित
उद्देश्यडिजिटल व्यक्तिगत डेटा का वैध, सहमति-आधारित प्रसंस्करण और व्यक्ति के डेटा-अधिकारों की रक्षा
Data Principalवह व्यक्ति जिसका डेटा है
Data Fiduciaryवह संस्था जो तय करती है कि डेटा क्यों और कैसे संसाधित हो (जैसे कोई ऐप या कंपनी)
Data ProcessorFiduciary की ओर से डेटा संसाधित करने वाला
Consent Managerव्यक्ति को अपनी सहमति देने, देखने और वापस लेने में मदद करने वाला पंजीकृत मंच
Data Protection Board of Indiaशिकायतों की जाँच और दंड लगाने वाला निकाय
अधिकतम दंडउचित सुरक्षा उपाय न करने पर 250 करोड़ रुपये तक

वर्तमान स्थिति (बदलने वाला बिंदु): सरकार ने 13 नवंबर 2025 को DPDP Rules, 2025 अधिसूचित किए। इनके कुछ प्रावधान तुरंत लागू हुए और कई दायित्व (जैसे Consent Manager, सूचना-नोटिस से जुड़े नियम) 12–18 महीनों में चरणबद्ध रूप से लागू होने हैं। परीक्षा से पहले नवीनतम स्थिति आधिकारिक स्रोत (MeitY, PIB) से देख लें; इसलिए यह बिंदु क्विज़ में नहीं रखा गया है।


10. साइबर फ़्रॉड होने पर क्या करें

  1. तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें — जितनी जल्दी, उतनी राशि बचने की संभावना।
  2. बैंक को सूचित कर कार्ड/UPI/नेट बैंकिंग ब्लॉक करवाएँ।
  3. सभी प्रमाण सुरक्षित रखें — SMS, कॉल नंबर, ट्रांज़ैक्शन ID, स्क्रीनशॉट।
  4. पासवर्ड बदलें और 2FA चालू करें; संक्रमित डिवाइस को नेटवर्क से हटाएँ।
  5. नज़दीकी पुलिस थाने/साइबर सेल में भी सूचना दें।

11. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)

Trap 1: Virus बनाम Worm

Virus को host फ़ाइल और उपयोगकर्ता की क्रिया चाहिए; Worm स्वतंत्र है और नेटवर्क पर स्वयं फैलता है। "बिना मानवीय हस्तक्षेप के स्वयं फैलने वाला" = Worm।

Trap 2: Trojan स्वयं प्रति नहीं बनाता

Trojan का हथियार छल है, प्रतिलिपि नहीं। "उपयोगी सॉफ़्टवेयर के भेष में" शब्द दिखे तो Trojan।

Trap 3: Phishing, Vishing, Smishing, Pharming

माध्यम से पहचानें — ई-मेल/वेबसाइट = Phishing; Voice कॉल = Vishing; SMS = Smishing; लिंक के बिना, DNS बिगाड़कर नकली साइट पर ले जाना = Pharming।

Trap 4: DoS बनाम DDoS

DoS एक स्रोत से; DDoS (Distributed) अनेक स्रोतों — botnet — से। DDoS का उद्देश्य डेटा चुराना नहीं, सेवा ठप करना है।

Trap 5: Public key से एन्क्रिप्शन, private key से डिक्रिप्शन

गोपनीयता के लिए प्राप्तकर्ता की public key से एन्क्रिप्ट; डिजिटल सिग्नेचर के लिए भेजने वाले की private key से साइन। दोनों प्रक्रियाएँ उलटी दिशा में हैं — यही आम भ्रम है।

Trap 6: Firewall antivirus नहीं है

Firewall नेटवर्क ट्रैफ़िक को नियमों से छानता है; फ़ाइल में बैठे वायरस को हटाना antivirus का काम है। दोनों पूरक हैं।

Trap 7: 66A "संशोधित" नहीं, "रद्द"

श्रेया सिंघल (2015) में 66A को पूरी तरह असंवैधानिक घोषित किया गया। उसी मामले में 69A को वैध रखा गया — दोनों को उलटें नहीं।

Trap 8: 66C बनाम 66D

66C = पहचान की चोरी (दूसरे का पासवर्ड/हस्ताक्षर उपयोग); 66D = किसी और बनकर (प्रतिरूपण) धोखा — फ़र्ज़ी बैंक अधिकारी कॉल। 66E = निजता; 66F = साइबर आतंकवाद।

Trap 9: CERT-In और I4C के मंत्रालय

CERT-In — MeitY (तकनीकी घटना-प्रतिक्रिया); I4C — गृह मंत्रालय (साइबर अपराध व पुलिस समन्वय)।

Trap 10: Incognito, VPN और antivirus

Incognito केवल डिवाइस पर history नहीं रखता; VPN कनेक्शन एन्क्रिप्ट करता है पर malware नहीं हटाता; phishing साइट पर पासवर्ड डालने से इनमें से कोई नहीं बचाता — सावधानी ही बचाव है।


12. Most-Asked रिवीज़न तालिका (55 तथ्य)

क्र.प्रश्नउत्तर
1MalwareMalicious Software
2Host फ़ाइल से फैलने वालाVirus
3नेटवर्क पर स्वयं फैलने वालाWorm
4उपयोगी प्रोग्राम का भेषTrojan
5फिरौती माँगने वालाRansomware
6WannaCry का प्रकार / वर्षRansomware / 2017
7चुपचाप जानकारी चुरानाSpyware
8अनचाहे विज्ञापनAdware
9छिपकर admin नियंत्रणRootkit
10कुंजियाँ रिकॉर्ड करनाKeylogger
11Zombie कंप्यूटरों का नेटवर्कBotnet
12तारीख़/शर्त पर सक्रिय कोडLogic Bomb
13Word/Excel में छिपा वायरसMacro Virus
14हर बार रूप बदलने वाला वायरसPolymorphic
15नकली ई-मेल/वेबसाइटPhishing
16फ़ोन कॉल से धोखाVishing
17SMS से धोखाSmishing
18DNS बिगाड़कर नकली साइटPharming
19जाली पहचान (ई-मेल/IP/कॉलर ID)Spoofing
20अनेक स्रोतों से सेवा ठपDDoS
21बीच में बैठकर संचार पढ़नाMan-in-the-Middle
22इनपुट बॉक्स से डेटाबेस हमलाSQL Injection
23सभी पासवर्ड आज़मानाBrute Force
24मानवीय भरोसे का दुरुपयोगSocial Engineering
25सार्वजनिक USB चार्जर से हमलाJuice Jacking
26ऑनलाइन पीछा/उत्पीड़नCyberstalking
27नेटवर्क ट्रैफ़िक फ़िल्टरFirewall
28Plaintext → CiphertextEncryption
29एक ही keySymmetric (AES, DES)
30Public + Private keyAsymmetric (RSA)
31डिजिटल सिग्नेचर किस key सेभेजने वाले की Private key
32डिजिटल सर्टिफ़िकेट जारी करता हैCertifying Authority (CA)
33भारत में CA का नियामकCCA
34मनुष्य बनाम bot परीक्षणCAPTCHA
35एन्क्रिप्टेड सुरंगVPN
36पासवर्ड + OTP2FA
37फ़िंगरप्रिंट किस कारक मेंSomething you are
38नैतिक हैकरWhite Hat
39अवैध हानिकारक हैकरBlack Hat
40बीच वाला हैकरGrey Hat
41IT Act लागू17 अक्टूबर 2000
42IT Act का आधारUNCITRAL Model Law
43कंप्यूटर को क्षति (क्षतिपूर्ति)धारा 43
44Source code से छेड़छाड़धारा 65
45हैकिंग / कंप्यूटर अपराधधारा 66
46पहचान की चोरीधारा 66C
47प्रतिरूपण से धोखाधारा 66D
48निजता का उल्लंघनधारा 66E
49साइबर आतंकवादधारा 66F
50अश्लील सामग्रीधारा 67
51सामग्री ब्लॉक करने का अधिकारधारा 69A
5266A रद्द करने वाला मामलाश्रेया सिंघल बनाम भारत संघ (2015)
53CERT-In2004, धारा 70B, MeitY
54I4C किस मंत्रालय के अधीनगृह मंत्रालय
55साइबर फ़्रॉड हेल्पलाइन / पोर्टल1930 / cybercrime.gov.in

13. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है

नीचे के नमूना प्रश्न हमारे अपने हैं, जो सामान्य ढाँचे दर्शाते हैं।

  1. स्थिति से पहचान: "किसी व्यक्ति को 'आपका बिजली कनेक्शन कटेगा' का SMS मिला जिसमें लिंक है — यह किस प्रकार का हमला है?" — Smishing।
  2. Malware भेद: "कौन-सा malware स्वयं की प्रतियाँ बनाकर बिना host के नेटवर्क पर फैलता है?" — Worm।
  3. धारा मिलान: "IT Act की कौन-सी धारा साइबर आतंकवाद से संबंधित है?" — 66F।
  4. न्यायिक निर्णय: "श्रेया सिंघल मामले में कौन-सी धारा रद्द हुई?" — 66A।
  5. Encryption: "Asymmetric encryption में संदेश किसकी public key से एन्क्रिप्ट होता है?" — प्राप्तकर्ता की।
  6. संस्था: "भारत में साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया की राष्ट्रीय नोडल एजेंसी?" — CERT-In।
  7. गणना: "6 अंकों के OTP के कितने संभव मान?" — 10^6 = 10,00,000।

14. इसे आसानी से याद कैसे रखें?

1. VWT: "Virus = वाहन (host) चाहिए; Worm = वॉकिंग (ख़ुद चलता); Trojan = ठग (भेष)।"

2. ठगी के माध्यम: "Phishing = Phony mail; Vishing = Voice; Smishing = SMS; Pharming = DNS की फ़सल बिगाड़ना।"

3. 66 की शृंखला: "C = Chori (पहचान), D = Dhokha (प्रतिरूपण), E = Exposure (निजता), F = Fear (आतंकवाद)।"

4. तारीख़: "17-10-2000 — सत्रह अक्टूबर, सन् दो हज़ार; 66A गया 2015 में।"

5. Keys: "ताला सबका (public), चाबी अपनी (private)। गुप्त संदेश = प्राप्तकर्ता का ताला; हस्ताक्षर = अपनी चाबी।"

6. संस्थाएँ: "CERT-In = Computer की Emergency (MeitY); I4C = India की Crime-पुलिस (गृह मंत्रालय)।"

7. हेल्पलाइन: "19-30 — ठगी हुई? 30 मिनट नहीं, तुरंत 1930।"


15. कथन अभ्यास

Worm को फैलने के लिए किसी host फ़ाइल की आवश्यकता होती है। — गलत (यह virus का लक्षण है; worm स्वतंत्र है)।

Trojan Horse उपयोगी सॉफ़्टवेयर के भेष में आता है। — सही।

WannaCry एक ransomware था। — सही।

SMS के माध्यम से की गई phishing को vishing कहते हैं। — गलत (smishing; vishing फ़ोन कॉल से)।

DDoS हमले में अनेक संक्रमित कंप्यूटरों का उपयोग होता है। — सही।

Symmetric encryption में एन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन के लिए अलग-अलग keys होती हैं। — गलत (एक ही key; अलग keys asymmetric में)।

डिजिटल सिग्नेचर भेजने वाले की private key से बनाया जाता है। — सही।

IT Act, 2000 17 अक्टूबर 2000 को लागू हुआ। — सही।

धारा 66F पहचान की चोरी से संबंधित है। — गलत (66F साइबर आतंकवाद; पहचान की चोरी 66C)।

श्रेया सिंघल मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 69A रद्द की। — गलत (66A रद्द की; 69A वैध ठहराई)।

CERT-In गृह मंत्रालय के अधीन है। — गलत (MeitY के अधीन; I4C गृह मंत्रालय के अधीन)।

White hat हैकर अनुमति लेकर सुरक्षा-परीक्षण करते हैं। — सही।


16. एक दिन पहले — 15 रेखाएँ

  1. Virus = host + उपयोगकर्ता की क्रिया; Worm = स्वयं, नेटवर्क पर; Trojan = भेष
  2. Ransomware = एन्क्रिप्ट कर फिरौती (WannaCry 2017); Spyware = जासूसी; Adware = विज्ञापन
  3. Rootkit = छिपा admin नियंत्रण; Keylogger = कुंजियाँ; Botnet = zombies; Logic bomb = शर्त पर
  4. Phishing (मेल/साइट), Vishing (कॉल), Smishing (SMS), Pharming (DNS)
  5. DoS एक स्रोत, DDoS botnet; MITM बीच में; SQL injection डेटाबेस पर; Brute force सब आज़माना
  6. Juice jacking = सार्वजनिक USB; OTP/PIN कभी साझा नहीं; पैसा प्राप्त करने के लिए UPI PIN नहीं
  7. Firewall = ट्रैफ़िक फ़िल्टर; Antivirus = malware हटाना; VPN = एन्क्रिप्टेड सुरंग
  8. Symmetric = एक key (AES); Asymmetric = public + private (RSA)
  9. डिजिटल सिग्नेचर = भेजने वाले की private key; सर्टिफ़िकेट = CA; भारत में नियामक CCA
  10. 2FA = दो अलग कारक (know, have, are); CAPTCHA = मनुष्य बनाम bot
  11. White hat = अनुमति; Black hat = अवैध; Grey hat = बीच का
  12. IT Act 2000 — 17 अक्टूबर 2000; UNCITRAL Model Law; पहला साइबर क़ानून
  13. 43 क्षति, 65 source code, 66 हैकिंग, 66C पहचान चोरी, 66D प्रतिरूपण, 66E निजता, 66F आतंकवाद, 67 अश्लील, 69A ब्लॉकिंग
  14. 66A रद्द — श्रेया सिंघल (2015), अनुच्छेद 19(1)(a); 2008 संशोधन से 66A–66F जुड़ीं
  15. CERT-In 2004 (70B, MeitY); I4C (गृह मंत्रालय); 1930 / cybercrime.gov.in; DPDP Act 2023

17. अभ्यास

नोट पढ़ने के बाद इस पृष्ठ के अंत में दिए 25 प्रश्नों का अभ्यास क्विज़ हल करें — मैलवेयर, हमलों की पहचान, एन्क्रिप्शन और IT Act की धाराओं के प्रश्न इसमें हैं; बदलते बिंदु (जैसे DPDP नियमों की स्थिति) क्विज़ से बाहर रखे गए हैं। मिश्रित अभ्यास के लिए RS-CIT फ्री टेस्ट सीरीज़ 2026 और CET स्नातक फ़ाइनल मेगा टेस्ट 2026 हल करें। ई-मेल और ब्राउज़र की सुरक्षित आदतें इंटरनेट, WWW, ई-मेल और ब्राउज़र नोट में दोहराएँ।


18. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?

साइबर सुरक्षा का अध्याय तीन प्रश्नों में बँटता है — ख़तरा क्या है (malware और हमले), बचाव कैसे (antivirus, firewall, एन्क्रिप्शन, 2FA, अपडेट, बैकअप) और क़ानून क्या कहता है (IT Act 2000, 2008 संशोधन, DPDP Act 2023)। अधिकांश ठगी तकनीक से नहीं, मनुष्य के भरोसे से होती है, इसलिए phishing, vishing और smishing की पहचान परीक्षा और जीवन दोनों में ज़रूरी है। IT Act में धारा–अपराध का मिलान, 66A का रद्द होना और CERT-In/I4C का अंतर सबसे अधिक पूछे जाने वाले बिंदु हैं।

Virus host, Worm स्वयं, Trojan भेष, Ransomware फिरौती | Ph-V-Sm-Pharming | Public key ताला, Private key चाबी | IT Act 17-10-2000 · 66C चोरी · 66D धोखा · 66F आतंक · 66A रद्द 2015 | CERT-In 70B · 1930


अंतिम संशोधन (Last Updated):
RPSC / RSSB सिलेबस के अनुसार
संस्थापक; राजव्यवस्था, रीजनिंग, English Grammar व कंप्यूटर परीक्षा नोट्स लेखकलेखक परिचय

इस टॉपिक का क्विज़ कहाँ दें?

“साइबर सुरक्षा — मैलवेयर, फ़िशिंग-विशिंग, एन्क्रिप्शन, IT Act 2000 की धाराएँ, CERT-In व DPDP Act” पढ़ने के बाद इन क्विज़ से तुरंत दोहराएँ — गलत उत्तर वाले बिंदु नोट में दोबारा देखें।

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महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

Virus किसी host फ़ाइल से चिपककर उसे चलाने पर फैलता है। Worm बिना host के नेटवर्क पर स्वयं फैलता है, जबकि Trojan उपयोगी सॉफ़्टवेयर के भेष में आता है और स्वयं प्रतियाँ नहीं बनाता।

Ransomware वह malware है जो कंप्यूटर की फ़ाइलें एन्क्रिप्ट या सिस्टम लॉक करके उन्हें खोलने के बदले फिरौती माँगता है। मई 2017 का WannaCry इसका प्रसिद्ध उदाहरण है; नियमित बैकअप और अपडेट इससे बचाव के मुख्य उपाय हैं।

तीनों में धोखे से गोपनीय जानकारी निकलवाई जाती है, अंतर माध्यम का है। Phishing नकली ई-मेल या वेबसाइट से, Vishing फ़ोन कॉल से और Smishing SMS से होती है।

Firewall तय नियमों के आधार पर कंप्यूटर या नेटवर्क में आने-जाने वाले ट्रैफ़िक को अनुमति देता है या रोकता है। यह हार्डवेयर या सॉफ़्टवेयर हो सकता है; फ़ाइलों से वायरस हटाना antivirus का काम है।

Symmetric encryption में एन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन के लिए एक ही गुप्त key होती है, जैसे AES। Asymmetric encryption में public key और private key का जोड़ा होता है, जैसे RSA; public key से एन्क्रिप्ट संदेश केवल संबंधित private key से खुलता है।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 भारत का पहला साइबर क़ानून है और 17 अक्टूबर 2000 से लागू हुआ। यह संयुक्त राष्ट्र के UNCITRAL Model Law on Electronic Commerce पर आधारित है।

सर्वोच्च न्यायालय ने श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ (2015) मामले में धारा 66A को अस्पष्ट और अति-व्यापक मानकर रद्द किया। न्यायालय ने कहा कि यह अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन करती है।

धारा 66C पहचान की चोरी से संबंधित है, यानी किसी के पासवर्ड, इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर या विशिष्ट पहचान का धोखे से उपयोग। धारा 66D कंप्यूटर संसाधन के माध्यम से किसी और बनकर (प्रतिरूपण) धोखा देने से संबंधित है।

CERT-In (Indian Computer Emergency Response Team) 2004 में गठित संस्था है जो इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन काम करती है। IT Act की धारा 70B के तहत यह साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया की राष्ट्रीय एजेंसी है।

ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही अपने बैंक को सूचित करके कार्ड और UPI ब्लॉक करवाएँ।

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