कंप्यूटर परिचय, इतिहास, पीढ़ियाँ, प्रकार और संख्या पद्धति — रूपांतरण व मेमोरी इकाइयाँ
कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। प्रकाशन तिथि ऊपर और अंतिम संशोधन तिथि लेख के अंत में दी गई है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय
स्रोत आधार: RSSB CET, पटवारी, LDC, सूचना सहायक व RKCL RS-CIT पाठ्यक्रम की कंप्यूटर इकाई; NCERT/NIELIT कंप्यूटर पाठ्य सामग्री तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000। शब्दशः पुस्तक पाठ नहीं।
सुयोग AI गुरु
नोट्स के मुख्य बिंदु, मॉक MCQ या डाउट पूछें
संक्षिप्त उत्तर: कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो इनपुट लेकर निर्देशों (प्रोग्राम) के अनुसार उसे प्रोसेस करती है, आउटपुट देती है और डेटा को स्टोर करती है — यही IPO (Input–Process–Output) चक्र है। चार्ल्स बैबेज को उनके Analytical Engine के कारण "कंप्यूटर का जनक" और एडा लवलेस को पहला प्रोग्रामर माना जाता है। कंप्यूटर की पाँच पीढ़ियाँ तकनीक से पहचानी जाती हैं — वैक्यूम ट्यूब → ट्रांजिस्टर → IC → माइक्रोप्रोसेसर (VLSI) → AI (ULSI)। आकार के अनुसार सुपर, मेनफ्रेम, मिनी और माइक्रो कंप्यूटर होते हैं; कार्य-पद्धति के अनुसार एनालॉग, डिजिटल और हाइब्रिड। भारत का पहला सुपरकंप्यूटर PARAM 8000 (C-DAC, 1991) है। कंप्यूटर भीतर केवल बाइनरी (0 और 1) समझता है; संख्या पद्धतियों के आधार (base) हैं — बाइनरी 2, ऑक्टल 8, डेसिमल 10, हेक्साडेसिमल 16। 1 बाइट = 8 बिट, 1 निबल = 4 बिट और परीक्षा में 1 KB = 1024 बाइट लिया जाता है; मेमोरी की सबसे बड़ी प्रचलित इकाई YB (योटाबाइट) है।
संक्षिप्त उत्तर
| तथ्य | उत्तर |
|---|---|
| Computer शब्द का मूल | लैटिन "computare" — गणना करना |
| कार्य-चक्र | Input → Process → Output (+ Storage) |
| कंप्यूटर का जनक | चार्ल्स बैबेज (Analytical Engine) |
| पहला प्रोग्रामर | एडा लवलेस (Ada Lovelace) |
| पहला यांत्रिक कैलकुलेटर (जोड़-घटाव) | पास्कलाइन — ब्लेज़ पास्कल (1642) |
| पंच कार्ड से जनगणना (1890, अमेरिका) | हरमन होलेरिथ (Tabulating Machine) |
| पहला सामान्य-उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर (परीक्षा उत्तर) | ENIAC (1946) |
| पहला व्यावसायिक कंप्यूटर (अमेरिका) | UNIVAC I (1951) |
| Stored Program Concept | जॉन वॉन न्यूमैन (EDVAC) |
| पीढ़ियाँ (तकनीक) | 1 वैक्यूम ट्यूब, 2 ट्रांजिस्टर, 3 IC, 4 माइक्रोप्रोसेसर, 5 AI |
| भारत का पहला सुपरकंप्यूटर | PARAM 8000 — C-DAC, पुणे (1991) |
| बाइनरी / ऑक्टल / डेसिमल / हेक्सा का आधार | 2 / 8 / 10 / 16 |
| हेक्साडेसिमल अंक | 0–9 और A(10) से F(15) |
| 1 निबल / 1 बाइट | 4 बिट / 8 बिट |
| 1 KB (परीक्षा मानक) | 1024 बाइट = 2¹⁰ बाइट |
| ASCII | 7-बिट कोड → 128 कैरेक्टर |
| Unicode | विश्व की लगभग सभी लिपियाँ (हिंदी देवनागरी सहित) |
| इकाइयों का क्रम | Bit < Nibble < Byte < KB < MB < GB < TB < PB < EB < ZB < YB |
2. सिलेबस में यह टॉपिक क्यों महत्वपूर्ण है?
कंप्यूटर का परिचय और संख्या पद्धति हर कंप्यूटर सिलेबस का पहला अध्याय है। राजस्थान CET (12वीं व स्नातक), पटवारी, LDC/कनिष्ठ सहायक और सूचना सहायक की परीक्षाओं में कंप्यूटर खंड के तथ्यात्मक प्रश्न — "कंप्यूटर का जनक कौन?", "तीसरी पीढ़ी में कौन-सी तकनीक?", "PARAM किसने बनाया?" — इसी अध्याय से आते हैं। सूचना सहायक, SSC और बैंकिंग परीक्षाओं में बाइनरी–डेसिमल–हेक्सा रूपांतरण, 2's complement और मेमोरी इकाइयों की गणना जैसे संख्यात्मक प्रश्न भी पूछे जाते हैं। RS-CIT में कंप्यूटर की विशेषताएँ, प्रकार और मेमोरी इकाइयाँ मूल अवधारणा के रूप में आती हैं।
परीक्षा उपयोगिता: ★★★★★
- राजस्थान CET (12वीं व स्नातक) — इतिहास, पीढ़ियाँ, प्रकार, इकाइयाँ
- पटवारी, LDC/कनिष्ठ सहायक — तथ्यात्मक प्रश्न, मेमोरी इकाइयाँ
- सूचना सहायक — संख्या पद्धति रूपांतरण, complement, BCD/ASCII
- RS-CIT — कंप्यूटर की परिभाषा, विशेषताएँ, प्रकार
- SSC, बैंकिंग — रूपांतरण, इकाइयाँ, पीढ़ियाँ
प्रश्न कैसे आते हैं?
- व्यक्ति–आविष्कार सुमेलन (पास्कल–पास्कलाइन, होलेरिथ–पंच कार्ड)
- पीढ़ी–तकनीक सुमेलन
- प्रकार पहचानना (हाइब्रिड कंप्यूटर का उदाहरण, सबसे तेज़ कंप्यूटर)
- संख्या रूपांतरण — "(101101)₂ का दशमलव मान?"
- इकाई गणना — "1 GB में कितने KB?"
- कोड संबंधी — ASCII कितने बिट का, BCD में 59 कैसे लिखेंगे
3. कंप्यूटर: परिभाषा और विशेषताएँ
परिभाषा: कंप्यूटर एक प्रोग्राम-नियंत्रित इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो उपयोगकर्ता से डेटा (कच्चे तथ्य) लेती है, उसे निर्देशों के अनुसार संसाधित करके सूचना (अर्थपूर्ण परिणाम) बनाती है, और परिणाम को दिखाती या भविष्य के लिए सुरक्षित रखती है। कंप्यूटर स्वयं सोचता नहीं; वह वही करता है जो प्रोग्राम कहता है।
| विशेषता | अर्थ |
|---|---|
| Speed (गति) | लाखों-करोड़ों निर्देश प्रति सेकंड; समय की इकाइयाँ — मिलीसेकंड (10⁻³), माइक्रोसेकंड (10⁻⁶), नैनोसेकंड (10⁻⁹), पिकोसेकंड (10⁻¹²) |
| Accuracy (शुद्धता) | गलती प्रायः मानवीय इनपुट या प्रोग्राम की होती है — GIGO (Garbage In, Garbage Out) |
| Diligence (कर्मठता) | थकान या ऊब नहीं; हर बार एक जैसी शुद्धता |
| Versatility (बहुमुखी) | एक ही मशीन पर लेखन, गणना, चित्र, संगीत, इंटरनेट |
| Storage (भंडारण) | विशाल डेटा को सुरक्षित रखना और तुरंत वापस लाना |
| Automation (स्वचालन) | प्रोग्राम मिलने के बाद बिना हस्तक्षेप के कार्य |
| सीमाएँ | स्वयं की बुद्धि (IQ) नहीं, भावनाएँ नहीं, निर्णय क्षमता केवल प्रोग्राम जितनी |
3.1 कंप्यूटर के मूल भाग
| भाग | कार्य | उदाहरण |
|---|---|---|
| Input Unit | डेटा व निर्देश अंदर भेजना | कीबोर्ड, माउस, स्कैनर |
| CPU (Central Processing Unit) | प्रोसेसिंग — ALU (गणना व तुलना) + CU (नियंत्रण) + Registers | Intel, AMD प्रोसेसर |
| Memory/Storage | डेटा व प्रोग्राम रखना | RAM, ROM, हार्ड डिस्क |
| Output Unit | परिणाम दिखाना/छापना | मॉनिटर, प्रिंटर, स्पीकर |
हर भाग का विस्तृत अध्ययन कंप्यूटर हार्डवेयर, इनपुट-आउटपुट डिवाइस और मेमोरी वाले नोट में है।
4. कंप्यूटर का इतिहास
| यंत्र / घटना | व्यक्ति / वर्ष | महत्व |
|---|---|---|
| Abacus (अबेकस) | प्राचीन काल | मोतियों से गणना; सबसे पुराना गणना-यंत्र माना जाता है |
| Napier's Bones | जॉन नेपियर (1617) | गुणा के लिए अंकित छड़ें |
| Pascaline | ब्लेज़ पास्कल (1642) | पहला यांत्रिक कैलकुलेटर — केवल जोड़ व घटाव; "Adding Machine" |
| Stepped Reckoner | गॉटफ्रीड लाइबनिट्ज़ (17वीं सदी का उत्तरार्ध) | जोड़, घटाव के साथ गुणा व भाग भी; लाइबनिट्ज़ ने बाइनरी पद्धति पर भी लिखा |
| Jacquard Loom | जोसेफ़ जैकार्ड (1801) | पंच कार्ड से करघे का नियंत्रण — पंच कार्ड का विचार |
| Difference Engine | चार्ल्स बैबेज (1822 में प्रस्तावित) | गणितीय तालिकाएँ बनाने हेतु |
| Analytical Engine | चार्ल्स बैबेज (1830 का दशक) | आधुनिक कंप्यूटर की रूपरेखा — Mill (प्रोसेसर), Store (मेमोरी), पंच कार्ड इनपुट; इसलिए बैबेज "कंप्यूटर के जनक" |
| पहला एल्गोरिद्म / प्रोग्राम | एडा लवलेस | Analytical Engine के लिए बर्नूली संख्याओं की गणना-विधि; "पहली प्रोग्रामर" |
| Tabulating Machine | हरमन होलेरिथ (1890 अमेरिकी जनगणना) | पंच कार्ड से डेटा प्रोसेसिंग; उनकी कंपनी आगे चलकर IBM बनी |
| Mark I | हॉवर्ड आइकेन (1944, IBM के सहयोग से) | विद्युत-यांत्रिक (electromechanical) कंप्यूटर |
| ENIAC | जे. प्रेस्पर एकर्ट व जॉन मॉकली (1946) | Electronic Numerical Integrator And Computer; हज़ारों वैक्यूम ट्यूब; पहली पीढ़ी |
| EDVAC | वॉन न्यूमैन की रिपोर्ट (1945) पर आधारित | Electronic Discrete Variable Automatic Computer; प्रोग्राम को मेमोरी में रखने का विचार |
| UNIVAC I | एकर्ट व मॉकली (1951) | UNIVersal Automatic Computer; पहला व्यावसायिक कंप्यूटर (अमेरिका) |
4.1 वॉन न्यूमैन आर्किटेक्चर (Stored Program Concept)
जॉन वॉन न्यूमैन ने सुझाया कि प्रोग्राम (निर्देश) और डेटा दोनों एक ही मेमोरी में रखे जाएँ। इससे पहले ENIAC जैसे कंप्यूटरों को नया काम देने के लिए तार और स्विच बदलने पड़ते थे। आज के लगभग सभी कंप्यूटर इसी सिद्धांत पर चलते हैं।
| घटक | भूमिका |
|---|---|
| CPU (ALU + CU + Registers) | निर्देश लाना (Fetch), समझना (Decode), चलाना (Execute) |
| Memory | प्रोग्राम और डेटा — एक साथ |
| Input/Output | बाहरी दुनिया से संपर्क |
| Bus | घटकों को जोड़ने वाले मार्ग |
ध्यान दें: "पहला इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल कंप्यूटर" के लिए कुछ पुस्तकें ABC (Atanasoff–Berry Computer) का नाम भी देती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रचलित उत्तर ENIAC है, पर विकल्पों में दोनों हों तो प्रश्न की भाषा ("सामान्य-उद्देश्य", "पूर्ण रूप से कार्यशील") ध्यान से पढ़ें।
5. कंप्यूटर की पीढ़ियाँ
पीढ़ियों की पहचान मुख्य इलेक्ट्रॉनिक घटक से होती है। वर्षों की सीमाएँ अलग-अलग पुस्तकों में कुछ आगे-पीछे मिलती हैं, इसलिए वर्ष से अधिक तकनीक याद रखें।
| पीढ़ी | लगभग काल | मुख्य तकनीक | भाषा / विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|---|---|
| पहली | 1940 का दशक – 1950 का दशक | वैक्यूम ट्यूब (Vacuum Tube) | मशीन भाषा; बहुत बड़े, अधिक गर्मी व बिजली, बार-बार खराबी; पंच कार्ड | ENIAC, EDVAC, UNIVAC I, IBM 701 |
| दूसरी | 1950 का दशक – 1960 का दशक | ट्रांजिस्टर (Transistor) | असेंबली भाषा, प्रारंभिक उच्च-स्तरीय भाषाएँ (FORTRAN, COBOL); मैग्नेटिक कोर मेमोरी | IBM 1401, IBM 7094, CDC 1604 |
| तीसरी | 1960 का दशक – 1970 का दशक | इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) | ऑपरेटिंग सिस्टम, कीबोर्ड-मॉनिटर से संपर्क, छोटे व सस्ते | IBM System/360, PDP-8 |
| चौथी | 1971 से | माइक्रोप्रोसेसर (VLSI) | पर्सनल कंप्यूटर, GUI, नेटवर्क; पहला माइक्रोप्रोसेसर Intel 4004 (1971) | IBM PC, Apple Macintosh |
| पाँचवीं | वर्तमान व भविष्य | कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ULSI, समानांतर प्रोसेसिंग | प्राकृतिक भाषा, रोबोटिक्स, एक्सपर्ट सिस्टम, वॉयस रिकग्निशन | AI आधारित सिस्टम, आधुनिक सुपरकंप्यूटर |
5.1 तकनीक का संक्षिप्त परिचय
| घटक | तथ्य |
|---|---|
| Vacuum Tube | काँच की नली; स्विच/एम्प्लिफायर; बहुत गर्मी |
| Transistor | 1947 में बेल लैब्स में विकसित (बार्डीन, ब्रैटेन, शॉकले); अर्धचालक, छोटा, कम ऊर्जा |
| IC (चिप) | जैक किल्बी (1958) व रॉबर्ट नॉयस; एक सिलिकॉन चिप पर अनेक ट्रांजिस्टर |
| SSI → MSI → LSI → VLSI → ULSI | Small, Medium, Large, Very Large, Ultra Large Scale Integration — चिप पर ट्रांजिस्टरों की बढ़ती संख्या |
| Microprocessor | पूरा CPU एक चिप पर; Intel 4004 (4-बिट, 1971) |
पुस्तकों में अंतर: कुछ पुस्तकें VLSI को चौथी और ULSI को पाँचवीं पीढ़ी से जोड़ती हैं, कुछ दोनों को चौथी पीढ़ी के विकास में गिनती हैं। परीक्षा का सुरक्षित उत्तर — चौथी पीढ़ी = माइक्रोप्रोसेसर, पाँचवीं = AI।
6. कंप्यूटर के प्रकार
6.1 आकार / क्षमता के अनुसार
| प्रकार | विशेषता | उपयोग / उदाहरण |
|---|---|---|
| Supercomputer | सबसे तेज़ व सबसे महँगे; हज़ारों प्रोसेसर समानांतर; गति FLOPS (Floating Point Operations Per Second) में | मौसम पूर्वानुमान, परमाणु अनुसंधान, अंतरिक्ष; PARAM, प्रत्यूष, मिहिर |
| Mainframe | बहुत बड़े संगठन; एक साथ सैकड़ों-हज़ारों उपयोगकर्ता; भारी डेटा-लेनदेन | बैंक, रेलवे आरक्षण, बीमा, जनगणना; IBM z-Series |
| Minicomputer | मध्यम आकार; कुछ दर्जन उपयोगकर्ता; मिड-रेंज | छोटी कंपनियाँ, विभाग; PDP-8, VAX |
| Microcomputer | माइक्रोप्रोसेसर आधारित; एक उपयोगकर्ता; सस्ता | डेस्कटॉप, लैपटॉप, टैबलेट, स्मार्टफोन, PDA |
| Workstation | उच्च क्षमता वाला एकल-उपयोगकर्ता कंप्यूटर | ग्राफ़िक्स, CAD, इंजीनियरिंग डिज़ाइन |
क्षमता का क्रम: Super > Mainframe > Mini > Micro। सर्वर किसी आकार का भी हो सकता है — "सर्वर" भूमिका है, आकार-श्रेणी नहीं।
6.2 कार्य-पद्धति (Working) के अनुसार
| प्रकार | डेटा का रूप | उदाहरण |
|---|---|---|
| Analog | निरंतर (continuous) भौतिक मात्रा — ताप, दाब, वोल्टेज, गति | थर्मामीटर, स्पीडोमीटर, सिस्मोग्राफ, वोल्टमीटर |
| Digital | असतत (discrete) अंक — 0 और 1 | PC, लैपटॉप, कैलकुलेटर, डिजिटल घड़ी |
| Hybrid | एनालॉग + डिजिटल दोनों | अस्पताल का ICU (रोगी के मापदंड एनालॉग में मापकर डिजिटल में दिखाना), ECG मशीन |
6.3 उद्देश्य (Purpose) के अनुसार
| प्रकार | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| General Purpose | अनेक प्रकार के काम; सॉफ़्टवेयर बदलकर नया काम | घर/दफ़्तर का PC |
| Special Purpose | एक विशेष काम के लिए बने | ATM, ट्रैफ़िक सिग्नल नियंत्रक, वॉशिंग मशीन का नियंत्रक, मिसाइल नियंत्रण |
6.4 भारत और कंप्यूटर
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| PARAM 8000 | भारत का पहला सुपरकंप्यूटर; C-DAC (Centre for Development of Advanced Computing), पुणे; 1991; परियोजना प्रमुख डॉ. विजय भटकर |
| C-DAC | 1988 में स्थापित; PARAM श्रृंखला का निर्माता |
| प्रत्यूष (Pratyush) | IITM, पुणे — मौसम व जलवायु अनुसंधान (2018) |
| मिहिर (Mihir) | NCMRWF, नोएडा — मौसम पूर्वानुमान (2018) |
| TIFRAC | TIFR, मुंबई द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित प्रारंभिक कंप्यूटर |
| सिद्धार्थ (SIDDHARTH) | ECIL से जुड़ा प्रारंभिक भारतीय कंप्यूटर; कई परीक्षा पुस्तकें इसे "भारत में बना पहला कंप्यूटर" लिखती हैं |
| राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन | देश में सुपरकंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने की राष्ट्रीय योजना (C-DAC व IISc) |
स्रोतों में अंतर: "भारत का पहला कंप्यूटर" के लिए पुस्तकें अलग-अलग उत्तर (सिद्धार्थ, TIFRAC, या ISI कोलकाता में स्थापित आयातित कंप्यूटर) देती हैं, इसलिए इस नोट के क्विज़ में यह प्रश्न नहीं रखा गया है। PARAM 8000 = पहला भारतीय सुपरकंप्यूटर — यह निर्विवाद है।
7. संख्या पद्धति (Number System)
कंप्यूटर के सर्किट केवल दो अवस्थाएँ पहचानते हैं — ON (1) और OFF (0)। इसलिए भीतर हर डेटा बाइनरी में होता है। लंबी बाइनरी को छोटा लिखने के लिए ऑक्टल और हेक्साडेसिमल का उपयोग होता है।
| पद्धति | आधार (Base/Radix) | अंक | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| Binary | 2 | 0, 1 | (1011)₂ |
| Octal | 8 | 0–7 | (345)₈ |
| Decimal | 10 | 0–9 | (229)₁₀ |
| Hexadecimal | 16 | 0–9, A, B, C, D, E, F | (2AF)₁₆ |
7.1 तुल्य मान तालिका (0 से 15)
| Decimal | Binary (4-बिट) | Octal | Hex |
|---|---|---|---|
| 0 | 0000 | 0 | 0 |
| 1 | 0001 | 1 | 1 |
| 2 | 0010 | 2 | 2 |
| 3 | 0011 | 3 | 3 |
| 4 | 0100 | 4 | 4 |
| 5 | 0101 | 5 | 5 |
| 6 | 0110 | 6 | 6 |
| 7 | 0111 | 7 | 7 |
| 8 | 1000 | 10 | 8 |
| 9 | 1001 | 11 | 9 |
| 10 | 1010 | 12 | A |
| 11 | 1011 | 13 | B |
| 12 | 1100 | 14 | C |
| 13 | 1101 | 15 | D |
| 14 | 1110 | 16 | E |
| 15 | 1111 | 17 | F |
बाइनरी के स्थानीय मान (दाएँ से): 1, 2, 4, 8, 16, 32, 64, 128, 256, 512, 1024 — यानी 2⁰ से 2¹⁰।
7.2 डेसिमल → बाइनरी (2 से बार-बार भाग)
विधि: संख्या को 2 से भाग देते जाएँ, शेषफल लिखते जाएँ; शेषफल नीचे से ऊपर पढ़ें।
| भाग | भागफल | शेषफल |
|---|---|---|
| 25 ÷ 2 | 12 | 1 |
| 12 ÷ 2 | 6 | 0 |
| 6 ÷ 2 | 3 | 0 |
| 3 ÷ 2 | 1 | 1 |
| 1 ÷ 2 | 0 | 1 |
नीचे से ऊपर: (25)₁₀ = (11001)₂। जाँच: 16 + 8 + 1 = 25।
| डेसिमल | बाइनरी | जाँच (स्थानीय मानों का योग) |
|---|---|---|
| 13 | 1101 | 8 + 4 + 1 |
| 47 | 101111 | 32 + 8 + 4 + 2 + 1 |
| 65 | 1000001 | 64 + 1 |
| 100 | 1100100 | 64 + 32 + 4 |
| 156 | 10011100 | 128 + 16 + 8 + 4 |
| 255 | 11111111 | 128 + 64 + 32 + 16 + 8 + 4 + 2 + 1 |
7.3 बाइनरी → डेसिमल (स्थानीय मान से गुणा)
(101101)₂ = 1×32 + 0×16 + 1×8 + 1×4 + 0×2 + 1×1 = 32 + 8 + 4 + 1 = 45।
(10101)₂ = 16 + 4 + 1 = 21। (11011100)₂ = 128 + 64 + 16 + 8 + 4 = 220।
7.4 भिन्नात्मक (Fraction) रूपांतरण
बाइनरी भिन्न → डेसिमल: दशमलव के बाद स्थानीय मान 1/2, 1/4, 1/8 … होते हैं। (110.101)₂ = 4 + 2 + 0 + 1/2 + 0 + 1/8 = 6 + 0.5 + 0.125 = 6.625।
डेसिमल भिन्न → बाइनरी: भिन्न को 2 से गुणा करते जाएँ, पूर्णांक भाग ऊपर से नीचे लिखें। 0.625 × 2 = 1.25 → 1; 0.25 × 2 = 0.5 → 0; 0.5 × 2 = 1.0 → 1। अतः (0.625)₁₀ = (0.101)₂। इसी प्रकार (10.25)₁₀ = (1010.01)₂ और (101.11)₂ = 4 + 1 + 0.5 + 0.25 = 5.75।
7.5 ऑक्टल ↔ डेसिमल
(345)₈ = 3×64 + 4×8 + 5×1 = 192 + 32 + 5 = 229। (777)₈ = 7×64 + 7×8 + 7 = 448 + 56 + 7 = 511।
डेसिमल → ऑक्टल (8 से भाग): 100 ÷ 8 = 12 शेष 4; 12 ÷ 8 = 1 शेष 4; 1 ÷ 8 = 0 शेष 1 → (100)₁₀ = (144)₈। जाँच: 64 + 32 + 4 = 100।
7.6 हेक्साडेसिमल ↔ डेसिमल
(2AF)₁₆ = 2×256 + 10×16 + 15×1 = 512 + 160 + 15 = 687। (1F4)₁₆ = 256 + 15×16 + 4 = 256 + 240 + 4 = 500।
डेसिमल → हेक्सा (16 से भाग): 229 ÷ 16 = 14 शेष 5; 14 ÷ 16 = 0 शेष 14 (E) → (229)₁₀ = (E5)₁₆। इसी प्रकार (255)₁₀ = (FF)₁₆, (100)₁₀ = (64)₁₆, (1000)₁₀ = (3E8)₁₆।
7.7 बाइनरी ↔ ऑक्टल ↔ हेक्सा (समूह विधि — सबसे तेज़)
8 = 2³, इसलिए ऑक्टल का 1 अंक = 3 बाइनरी बिट; 16 = 2⁴, इसलिए हेक्सा का 1 अंक = 4 बिट। समूह दाएँ से बनाएँ, बाईं ओर कमी हो तो शून्य जोड़ें।
| प्रश्न | समूह | उत्तर |
|---|---|---|
| (1011010110)₂ → ऑक्टल | 001 | 011 | 010 | 110 → 1 | 3 | 2 | 6 | (1326)₈ |
| (1011010110)₂ → हेक्सा | 0010 | 1101 | 0110 → 2 | D | 6 | (2D6)₁₆ |
| (11011100)₂ → हेक्सा | 1101 | 1100 → D | C | (DC)₁₆ |
| (11011100)₂ → ऑक्टल | 011 | 011 | 100 → 3 | 3 | 4 | (334)₈ |
| (757)₈ → बाइनरी | 7 → 111, 5 → 101, 7 → 111 | (111101111)₂ |
| (3C)₁₆ → बाइनरी | 3 → 0011, C → 1100 | (00111100)₂ = 60 |
| ऑक्टल → हेक्सा | पहले बाइनरी, फिर 4-4 बिट के समूह | (345)₈ = 011100101 = 1110 0101 = (E5)₁₆ |
जाँच: (1011010110)₂ = 726 = (1326)₈ = (2D6)₁₆ — तीनों से एक ही डेसिमल मान आता है।
8. बाइनरी अंकगणित
8.1 बाइनरी जोड़
| जोड़ | परिणाम | कैरी |
|---|---|---|
| 0 + 0 | 0 | 0 |
| 0 + 1 | 1 | 0 |
| 1 + 1 | 0 | 1 (यानी 10) |
| 1 + 1 + 1 | 1 | 1 (यानी 11) |
उदाहरण 1: 1011 + 1101 = 11000 (जाँच: 11 + 13 = 24 = 16 + 8)।
उदाहरण 2: 110110 + 101011 = 1100001 (जाँच: 54 + 43 = 97 = 64 + 32 + 1)।
उदाहरण 3: 1010 + 0111 = 10001 (जाँच: 10 + 7 = 17)।
8.2 बाइनरी घटाव
| घटाव | परिणाम | उधार (Borrow) |
|---|---|---|
| 0 − 0 | 0 | 0 |
| 1 − 0 | 1 | 0 |
| 1 − 1 | 0 | 0 |
| 0 − 1 | 1 | 1 (अगले स्थान से उधार; 10 − 1 = 1) |
उदाहरण: 11001 − 01110 = 01011 (जाँच: 25 − 14 = 11)।
8.3 1's और 2's Complement
| अवधारणा | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1's complement | हर बिट उलट दें (0 → 1, 1 → 0) | 1011001 → 0100110 |
| 2's complement | 1's complement + 1 | 01011000 → 10100111 + 1 = 10101000 |
| 2's complement का शॉर्टकट | दाएँ से पहले '1' तक बिट वैसे ही रखें, उसके बाद के सब बिट उलट दें | 01011000 → 10101000 |
| उपयोग | कंप्यूटर घटाव को जोड़ में बदलता है; ऋणात्मक संख्याओं का निरूपण | 8-बिट में −128 से +127 |
2's complement से घटाव (9 − 5, 4-बिट): 5 = 0101 → 1's = 1010 → 2's = 1011। अब 1001 + 1011 = 10100; अतिरिक्त कैरी (बाईं ओर का 1) हटाएँ → 0100 = 4। सही।
9. कोडिंग पद्धतियाँ: BCD, ASCII, Unicode
| कोड | पूरा नाम | बिट | मुख्य तथ्य |
|---|---|---|---|
| BCD | Binary Coded Decimal | हर डेसिमल अंक के लिए 4 बिट | 59 = 0101 1001; 805 = 1000 0000 0101; (1010–1111 मान्य BCD नहीं) |
| ASCII | American Standard Code for Information Interchange | 7 बिट → 2⁷ = 128 कैरेक्टर | 'A' = 65, 'a' = 97, '0' = 48, Space = 32; Extended ASCII 8 बिट → 256 |
| EBCDIC | Extended Binary Coded Decimal Interchange Code | 8 बिट | IBM मेनफ्रेम में प्रयुक्त |
| Unicode | Universal Character Encoding | UTF-8 में 1 से 4 बाइट, UTF-16, UTF-32 | विश्व की लगभग सभी लिपियाँ; हिंदी (देवनागरी) टाइपिंग व वेबसाइटों का आधार |
ध्यान दें: BCD और शुद्ध बाइनरी अलग हैं। 59 का बाइनरी 111011 है, पर BCD 0101 1001 — हर अंक (5 और 9) को अलग-अलग 4 बिट में लिखा जाता है।
'A' = 65 = (1000001)₂ और 'a' = 97 = (1100001)₂ — बड़े और छोटे अक्षर में ठीक 32 का अंतर है।
10. मेमोरी की इकाइयाँ
| इकाई | मान | 2 की घात (बाइट में) |
|---|---|---|
| Bit (Binary Digit) | 0 या 1 — सबसे छोटी इकाई | — |
| Nibble | 4 बिट | — |
| Byte | 8 बिट (एक कैरेक्टर) | 2⁰ |
| Kilobyte (KB) | 1024 बाइट | 2¹⁰ |
| Megabyte (MB) | 1024 KB = 1,048,576 बाइट | 2²⁰ |
| Gigabyte (GB) | 1024 MB = 1,073,741,824 बाइट | 2³⁰ |
| Terabyte (TB) | 1024 GB = 1,099,511,627,776 बाइट | 2⁴⁰ |
| Petabyte (PB) | 1024 TB | 2⁵⁰ |
| Exabyte (EB) | 1024 PB | 2⁶⁰ |
| Zettabyte (ZB) | 1024 EB | 2⁷⁰ |
| Yottabyte (YB) | 1024 ZB | 2⁸⁰ |
याद रखें: "Word" वह बिट-समूह है जिसे CPU एक बार में प्रोसेस करता है (जैसे 32-बिट या 64-बिट) — इसका आकार निश्चित नहीं, प्रोसेसर पर निर्भर है।
10.1 हल किए गए उदाहरण
| प्रश्न | हल | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 KB में कितने बिट? | 1024 × 8 | 8192 बिट |
| 1 MB में कितने KB? | 2²⁰ ÷ 2¹⁰ | 1024 KB |
| 1 GB में कितने KB? | 1024 × 1024 | 1,048,576 KB |
| 1 MB में कितने बिट? | 1,048,576 × 8 | 8,388,608 बिट |
| 4 GB = कितने बाइट? | 4 × 1,073,741,824 | 4,294,967,296 बाइट (= 2³²) |
| 1 बाइट में कितने निबल? | 8 ÷ 4 | 2 |
| 8 बिट से कितने अलग मान? | 2⁸ | 256 (0 से 255) |
| n बिट का अधिकतम अचिह्नित मान | 2ⁿ − 1 | 8 बिट → 255; 4 बिट → 15 |
10.2 1000 या 1024?
अंतरराष्ट्रीय SI पद्धति में "kilo" = 1000, इसलिए हार्ड डिस्क निर्माता प्रायः 1 KB = 1000 बाइट और 1 GB = 10⁹ बाइट लिखते हैं। IEC ने 1024 वाले मानों के लिए अलग नाम दिए — KiB (kibibyte), MiB, GiB। प्रतियोगी परीक्षाओं का मानक उत्तर 1 KB = 1024 बाइट है। इसी अंतर के कारण "1 TB" की डिस्क कंप्यूटर में थोड़ी कम दिखती है। यह विवादित बिंदु क्विज़ में नहीं रखा गया; क्विज़ के सभी प्रश्न 1024 मानक पर हैं।
11. परीक्षा में कौन-सी गलतियाँ होती हैं? (Exam Trap)
Trap 1: पास्कलाइन गुणा-भाग नहीं करती थी
पास्कलाइन केवल जोड़ और घटाव करती थी। गुणा-भाग वाली मशीन लाइबनिट्ज़ की Stepped Reckoner थी।
Trap 2: बैबेज ने Analytical Engine पूरा नहीं बनाया
Analytical Engine एक डिज़ाइन था, जो उनके जीवनकाल में पूरा नहीं बना। फिर भी उसकी रूपरेखा (प्रोसेसर, मेमोरी, इनपुट, आउटपुट) आधुनिक कंप्यूटर जैसी थी — इसीलिए "जनक" की उपाधि।
Trap 3: ENIAC में stored program नहीं था
ENIAC पहली पीढ़ी का इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था, पर उसे प्रोग्राम करने के लिए तार व स्विच बदलने पड़ते थे। Stored program का विचार EDVAC / वॉन न्यूमैन से जुड़ा है।
Trap 4: IC = तीसरी, माइक्रोप्रोसेसर = चौथी
माइक्रोप्रोसेसर भी एक IC ही है, इसलिए छात्र भ्रमित होते हैं। नियम: सामान्य IC → तीसरी, पूरा CPU एक चिप पर (माइक्रोप्रोसेसर) → चौथी।
Trap 5: हाइब्रिड का उदाहरण
थर्मामीटर व स्पीडोमीटर — एनालॉग; कैलकुलेटर — डिजिटल; अस्पताल का ICU सिस्टम — हाइब्रिड। "डिजिटल थर्मामीटर" डिजिटल है — शब्द "डिजिटल" पर ध्यान दें।
Trap 6: बाइनरी शेषफल नीचे से ऊपर, भिन्न ऊपर से नीचे
पूर्णांक भाग में भाग देकर शेषफल नीचे से ऊपर पढ़ते हैं; भिन्न भाग में गुणा करके पूर्णांक ऊपर से नीचे। उलटा पढ़ने पर (25)₁₀ = 10011 जैसा गलत उत्तर बनता है।
Trap 7: समूह दाएँ से बनाएँ
(1011010110)₂ को बाएँ से तीन-तीन में तोड़ने पर 101 101 011 0 — गलत। हमेशा दशमलव बिंदु से (पूर्णांक में दाएँ से) समूह बनाएँ और बाईं ओर शून्य जोड़ें।
Trap 8: BCD ≠ बाइनरी
(25)₁₀ बाइनरी में 11001, पर BCD में 0010 0101। प्रश्न में "BCD" लिखा हो तो अंक-दर-अंक 4 बिट लिखें।
Trap 9: ASCII 7-बिट है, 8-बिट नहीं
मानक ASCII = 7 बिट (128 कैरेक्टर); Extended ASCII = 8 बिट (256)। "ASCII में कितने कैरेक्टर?" का मानक उत्तर 128।
Trap 10: इकाइयों का क्रम — PB, EB, ZB, YB
TB के बाद क्रम है Peta → Exa → Zetta → Yotta। स्मरण: "Pलीज़ Eक Zेबरा Yहाँ"।
12. Most-Asked रिवीज़न तालिका (50 तथ्य)
| क्र. | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | कंप्यूटर का जनक | चार्ल्स बैबेज |
| 2 | पहली प्रोग्रामर | एडा लवलेस |
| 3 | पास्कलाइन के आविष्कारक | ब्लेज़ पास्कल |
| 4 | पास्कलाइन क्या कर सकती थी | जोड़ व घटाव |
| 5 | गुणा-भाग करने वाली प्रारंभिक मशीन | लाइबनिट्ज़ की Stepped Reckoner |
| 6 | Napier's Bones | जॉन नेपियर |
| 7 | पंच कार्ड का पहला उपयोग (करघा) | जैकार्ड लूम |
| 8 | 1890 अमेरिकी जनगणना की मशीन | होलेरिथ की Tabulating Machine |
| 9 | होलेरिथ की कंपनी आगे चलकर | IBM |
| 10 | Mark I | हॉवर्ड आइकेन; विद्युत-यांत्रिक |
| 11 | ENIAC के निर्माता | एकर्ट व मॉकली |
| 12 | ENIAC का वर्ष | 1946 |
| 13 | पहला व्यावसायिक कंप्यूटर | UNIVAC I |
| 14 | Stored Program Concept | वॉन न्यूमैन |
| 15 | पहली पीढ़ी की तकनीक | वैक्यूम ट्यूब |
| 16 | दूसरी पीढ़ी की तकनीक | ट्रांजिस्टर |
| 17 | तीसरी पीढ़ी की तकनीक | IC |
| 18 | चौथी पीढ़ी की तकनीक | माइक्रोप्रोसेसर |
| 19 | पाँचवीं पीढ़ी | कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) |
| 20 | पहला माइक्रोप्रोसेसर | Intel 4004 (1971) |
| 21 | IC के आविष्कारक | जैक किल्बी (व रॉबर्ट नॉयस) |
| 22 | पहली पीढ़ी की भाषा | मशीन भाषा |
| 23 | सबसे तेज़ कंप्यूटर श्रेणी | सुपरकंप्यूटर |
| 24 | सुपरकंप्यूटर की गति की इकाई | FLOPS |
| 25 | बैंकों के बड़े केंद्रीय कंप्यूटर | मेनफ्रेम |
| 26 | पर्सनल कंप्यूटर किस श्रेणी में | माइक्रो कंप्यूटर |
| 27 | निरंतर डेटा पर कार्य | एनालॉग |
| 28 | हाइब्रिड का उदाहरण | अस्पताल का ICU |
| 29 | ATM किस प्रकार का | Special Purpose |
| 30 | भारत का पहला सुपरकंप्यूटर | PARAM 8000 (1991) |
| 31 | PARAM का निर्माता | C-DAC, पुणे |
| 32 | प्रत्यूष सुपरकंप्यूटर | IITM, पुणे |
| 33 | बाइनरी का आधार | 2 |
| 34 | हेक्साडेसिमल का आधार | 16 |
| 35 | हेक्सा में F का मान | 15 |
| 36 | (25)₁₀ बाइनरी में | 11001 |
| 37 | (101101)₂ डेसिमल में | 45 |
| 38 | (345)₈ डेसिमल में | 229 |
| 39 | (2AF)₁₆ डेसिमल में | 687 |
| 40 | (255)₁₀ हेक्सा में | FF |
| 41 | (100)₁₀ ऑक्टल में | 144 |
| 42 | 1011 + 1101 | 11000 |
| 43 | 1011001 का 1's complement | 0100110 |
| 44 | 2's complement | 1's complement + 1 |
| 45 | BCD में 59 | 0101 1001 |
| 46 | ASCII कितने बिट | 7 (128 कैरेक्टर) |
| 47 | 'A' का ASCII मान | 65 |
| 48 | 1 निबल | 4 बिट |
| 49 | 1 GB में MB | 1024 |
| 50 | सबसे बड़ी प्रचलित इकाई (इस सूची में) | योटाबाइट (YB) |
13. परीक्षा में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
नीचे के नमूना प्रश्न इस नोट के लिए बनाए गए हैं; ये प्रश्नों के प्रचलित ढाँचे दिखाते हैं।
- सुमेलन: "सुमेलित कीजिए — (a) पास्कल (b) होलेरिथ (c) बैबेज (d) वॉन न्यूमैन; (1) पंच कार्ड जनगणना (2) Stored program (3) Analytical Engine (4) Adding machine।" उत्तर: a-4, b-1, c-3, d-2।
- पीढ़ी पहचान: "ट्रांजिस्टर किस पीढ़ी के कंप्यूटरों का मुख्य घटक था?" — दूसरी।
- प्रकार: "निम्न में से कौन-सा एनालॉग उपकरण है — कैलकुलेटर, स्पीडोमीटर, लैपटॉप, डिजिटल घड़ी?" — स्पीडोमीटर।
- रूपांतरण: "(11011100)₂ का हेक्साडेसिमल तुल्य?" — 1101 | 1100 = DC।
- विपरीत रूपांतरण: "(E5)₁₆ का डेसिमल?" — 14×16 + 5 = 229।
- अंकगणित: "110110 + 101011 = ?" — 1100001।
- इकाई: "1 GB = कितने KB?" — 1024 × 1024 = 1,048,576।
- कथन आधारित: "कथन I: ASCII 7-बिट कोड है। कथन II: Unicode में हिंदी लिपि शामिल है।" — दोनों सही।
रणनीति: रूपांतरण में विकल्पों को उल्टा जाँचें — विकल्प को डेसिमल में बदलें और प्रश्न से मिलाएँ। यह अक्सर सीधे हल करने से तेज़ होता है।
14. इसे आसानी से याद कैसे रखें?
1. पीढ़ियाँ: "Very Tall Indian Men Arrive" — Vacuum tube, Transistor, IC, Microprocessor, AI।
2. इतिहास क्रम: "अबेकस → नेपियर → पास्कल → लाइबनिट्ज़ → जैकार्ड → बैबेज → होलेरिथ → ENIAC" — "अब ने पास लाकर जैसे बैठे हो, Eनी"।
3. समूह विधि: "ऑक्टल = 3 का तीर, हेक्सा = 4 का चौका" — 3 बिट और 4 बिट।
4. इकाइयाँ: "Kya Main Ghar Tak Paidal Ek Zebra Yaad करूँ" — K, M, G, T, P, E, Z, Y; हर कदम × 1024।
5. 2 की घातें: 2¹⁰ = 1024 (KB), 2²⁰ ≈ 10 लाख (MB), 2³⁰ ≈ 100 करोड़ (GB)।
6. ASCII: "A = 65, a = 97, 0 = 48" — "65 बड़ा, 97 छोटा, 48 शून्य"; बड़े और छोटे अक्षर में 32 का अंतर।
7. 2's complement शॉर्टकट: "पहला 1 आने तक दाएँ से जैसा है वैसा, फिर सब उलटा।"
15. कथन अभ्यास
चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है। — सही।
पास्कलाइन गुणा और भाग भी कर सकती थी। — गलत (केवल जोड़ व घटाव)।
तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों में ट्रांजिस्टर मुख्य घटक था। — गलत (ट्रांजिस्टर दूसरी पीढ़ी; तीसरी में IC)।
Intel 4004 पहला माइक्रोप्रोसेसर था। — सही।
स्पीडोमीटर डिजिटल कंप्यूटिंग उपकरण का उदाहरण है। — गलत (पारंपरिक स्पीडोमीटर एनालॉग है)।
PARAM 8000 का विकास C-DAC ने किया। — सही।
हेक्साडेसिमल पद्धति का आधार 16 है। — सही।
(101101)₂ का डेसिमल मान 54 है। — गलत (45; 54 = 110110)।
ऑक्टल का एक अंक 4 बाइनरी बिट के बराबर होता है। — गलत (3 बिट; 4 बिट हेक्सा के लिए)।
2's complement = 1's complement + 1। — सही।
मानक ASCII 7-बिट कोड है। — सही।
1 निबल = 8 बिट। — गलत (1 निबल = 4 बिट; 8 बिट = 1 बाइट)।
16. एक दिन पहले — 15 रेखाएँ
- कंप्यूटर = Input → Process → Output + Storage; GIGO
- पास्कलाइन (पास्कल) = जोड़-घटाव; लाइबनिट्ज़ = गुणा-भाग भी
- बैबेज = Analytical Engine = कंप्यूटर का जनक; एडा लवलेस = पहली प्रोग्रामर
- होलेरिथ = पंच कार्ड, 1890 जनगणना; कंपनी आगे IBM
- ENIAC (1946, एकर्ट-मॉकली); UNIVAC I = पहला व्यावसायिक
- वॉन न्यूमैन = Stored Program (EDVAC)
- पीढ़ियाँ: वैक्यूम ट्यूब, ट्रांजिस्टर, IC, माइक्रोप्रोसेसर, AI
- Intel 4004 (1971) = पहला माइक्रोप्रोसेसर
- Super > Mainframe > Mini > Micro; सुपर की गति FLOPS में
- एनालॉग = निरंतर; डिजिटल = 0/1; हाइब्रिड = ICU
- PARAM 8000 = C-DAC पुणे, 1991 = भारत का पहला सुपरकंप्यूटर
- आधार: 2, 8, 10, 16; हेक्सा A–F = 10–15
- ऑक्टल = 3 बिट, हेक्सा = 4 बिट के समूह (दाएँ से)
- 2's complement = 1's + 1; BCD = हर अंक 4 बिट; ASCII = 7 बिट
- 4 बिट = निबल, 8 बिट = बाइट, 1 KB = 1024 B … YB सबसे बड़ी
17. अभ्यास
इस पृष्ठ के अंत में 25 प्रश्नों का अभ्यास क्विज़ है — इतिहास, पीढ़ियाँ, प्रकार, संख्या रूपांतरण और मेमोरी इकाइयाँ। हर रूपांतरण कागज़ पर हल करें और उत्तर को डेसिमल में बदलकर जाँचें। पूरे कंप्यूटर सिलेबस के मिश्रित अभ्यास के लिए RS-CIT फ्री टेस्ट सीरीज़ 2026, पटवारी टेस्ट सीरीज़ 2026 और CET स्नातक मेगा टेस्ट सीरीज़ हल करें। अगला अध्याय सॉफ़्टवेयर का है — ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ़्टवेयर के प्रकार।
18. निष्कर्ष: परीक्षा के लिए क्या याद रखें?
कंप्यूटर परिचय का अध्याय दो भागों में बँटा है — तथ्य और गणना। तथ्य वाले भाग में व्यक्ति–आविष्कार की जोड़ियाँ (पास्कल, लाइबनिट्ज़, बैबेज, होलेरिथ, वॉन न्यूमैन), पीढ़ी–तकनीक का क्रम और कंप्यूटर के प्रकार सबसे अधिक पूछे जाते हैं। गणना वाले भाग में आधार (2, 8, 10, 16), भाग और गुणा की विधियाँ, 3-बिट/4-बिट समूह विधि, 2's complement तथा 1024 पर आधारित इकाई-गणना आती है। हर रूपांतरण को उलटकर जाँचने की आदत डालें — इससे विकल्पों के बीच गलत उत्तर तुरंत पकड़ में आता है।
बैबेज = जनक · पीढ़ियाँ: ट्यूब-ट्रांजिस्टर-IC-माइक्रोप्रोसेसर-AI · PARAM 8000 (C-DAC, 1991) · आधार 2/8/10/16 · ऑक्टल 3 बिट, हेक्सा 4 बिट · 2's = 1's + 1 · ASCII 7 बिट · 1 KB = 1024 B
इस टॉपिक का क्विज़ कहाँ दें?
“कंप्यूटर परिचय, इतिहास, पीढ़ियाँ, प्रकार और संख्या पद्धति — रूपांतरण व मेमोरी इकाइयाँ” पढ़ने के बाद इन क्विज़ से तुरंत दोहराएँ — गलत उत्तर वाले बिंदु नोट में दोबारा देखें।
- कंप्यूटर परिचय, पीढ़ियाँ और संख्या पद्धति — अभ्यास क्विज़25 प्रश्नों से खुद को परखें
- कंप्यूटर हार्डवेयर, इनपुट-आउटपुट और मेमोरी — अभ्यास क्विज़अभ्यास शुरू करें
- ऑपरेटिंग सिस्टम और सॉफ़्टवेयर के प्रकार — अभ्यास क्विज़25 प्रश्नों का क्विज़ दें
- कंप्यूटर नेटवर्क, टोपोलॉजी और OSI मॉडल — अभ्यास क्विज़अपनी तैयारी जाँचें
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महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)
चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है। उनके Analytical Engine की रूपरेखा में प्रोसेसर (Mill), मेमोरी (Store), इनपुट और आउटपुट — आधुनिक कंप्यूटर के सभी भाग थे।
पहली पीढ़ी में वैक्यूम ट्यूब, दूसरी में ट्रांजिस्टर, तीसरी में इंटीग्रेटेड सर्किट (IC), चौथी में माइक्रोप्रोसेसर (VLSI) और पाँचवीं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मुख्य तकनीक है।
भारत का पहला सुपरकंप्यूटर PARAM 8000 है, जिसे C-DAC पुणे ने 1991 में विकसित किया। इस परियोजना का नेतृत्व डॉ. विजय भटकर ने किया।
एनालॉग कंप्यूटर ताप, दाब जैसी निरंतर मात्राओं पर काम करता है, डिजिटल कंप्यूटर 0 और 1 जैसे असतत अंकों पर, और हाइब्रिड दोनों को मिलाता है। अस्पताल का ICU सिस्टम हाइब्रिड का प्रचलित उदाहरण है।
संख्या को बार-बार 2 से भाग दें और हर बार का शेषफल लिखें, फिर शेषफल नीचे से ऊपर पढ़ें। जैसे 25 → 11001।
बाइनरी को दाएँ से 4-4 बिट के समूहों में बाँटें और हर समूह का हेक्सा अंक लिखें। जैसे 11011100 = 1101 | 1100 = DC। ऑक्टल के लिए 3-3 बिट के समूह बनाते हैं।
पहले हर बिट उलटकर 1's complement बनाएँ, फिर उसमें 1 जोड़ें। जैसे 01011000 का 1's complement 10100111 और 2's complement 10101000 है।
ASCII 7-बिट कोड है जिसमें 128 कैरेक्टर (अंग्रेज़ी अक्षर, अंक, चिह्न) हैं। Unicode विश्व की लगभग सभी लिपियों को, हिंदी देवनागरी सहित, एक मानक में कोड करता है।
प्रतियोगी परीक्षाओं का मानक उत्तर 1 KB = 1024 बाइट है। SI पद्धति में kilo = 1000 होता है, इसलिए डिस्क निर्माता 1000 लिखते हैं; 1024 वाले मान के लिए IEC का नाम KiB है।
Bit, Nibble (4 बिट), Byte (8 बिट), KB, MB, GB, TB, PB, EB, ZB और YB। KB से आगे हर इकाई पिछली की 1024 गुना है।
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