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डांडिया नृत्य: राजस्थान में परंपरा एवं सांस्कृतिक महत्व

Sudhir SirSudhir Sir (इतिहास विशेषज्ञ)
2 अक्टूबर 2026
अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026
8 मिनट पठन

कैसे बना: यह नोट सुयोग अकादमी के लेखक ने परीक्षा सिलेबस के अनुसार लिखा/संपादित किया है। अंतिम समीक्षा तिथि ऊपर है। त्रुटि दिखे तो संपर्क करें। टीम परिचय

स्रोत आधार: RPSC / RSMSSB कला-संस्कृति इकाई (लोक कला, मेले, किले)। सिलेबस विषय; कॉपीराइट सामग्री का पेस्ट नहीं।

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डांडिया नृत्य: राजस्थान में परंपरा एवं सांस्कृतिक महत्व

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⚡ Quick Answer: डांडिया नृत्य राजस्थान में मुख्यतः मारवाड़ (जोधपुर क्षेत्र) का पुरुष प्रधान लोकनृत्य है, जो होली के बाद किया जाता है। इसमें 20-25 पुरुष हाथों में लकड़ी की छड़ें (डांडिया) लेकर गोल घेरे में घूमते हुए छड़ें टकराते हैं; संगत में शहनाई व नगाड़ा बजते हैं और गायक बीच में बैठकर गीत गाते हैं। नर्तक राजा, साधु, सेठ, ग्वाले आदि का स्वांग भी धरते हैं। यह गुजरात के डांडिया-रास (नवरात्रि, स्त्री-पुरुष युगल) से अलग है। लकड़ी की छड़ों वाले राजस्थान के अन्य नृत्य हैं — गैर (मेवाड़-बाड़मेर), गींदड़ (शेखावाटी) और बिंदोरी (झालावाड़)।

1. डांडिया नृत्य — परिचय

‘डांडिया’ शब्द ‘डंडा’ (लकड़ी की छड़) से बना है। भारत में डांडिया का नाम सुनते ही सामान्यतः गुजरात के नवरात्रि ‘डांडिया-रास’ का चित्र उभरता है, परंतु राजस्थान की अपनी डांडिया परंपरा है, जो मारवाड़ में होली के उल्लास से जुड़ी है। राजस्थान में ‘छड़ों के साथ सामूहिक वृत्ताकार नृत्य’ की एक पूरी परंपरा है — गैर, गींदड़, बिंदोरी और डांडिया — जिन्हें परीक्षा में अक्सर आपस में भ्रमित करके पूछा जाता है।

तथ्यविवरण
क्षेत्रमारवाड़ (जोधपुर व आसपास)
नर्तकपुरुष (20-25 का समूह)
अवसरहोली के बाद (फाल्गुन)
संरचनागोल घेरा; बीच में गायक व वादक
उपकरणलकड़ी की छड़ें (डांडिया)
वाद्यशहनाई, नगाड़ा
विशेषराजा, साधु, सेठ, ग्वाला आदि का स्वांग; लोकदेवताओं (बड़ली के भैरूजी) के गुणगान वाले गीत

होली के अन्य लोकनृत्यों के लिए गैर व चंग नृत्य देखें।

2. डांडिया नृत्य की प्रस्तुति

  1. घेरा: पुरुष नर्तक एक बड़े वृत्त में खड़े होते हैं; बीच में शहनाई-नगाड़ा वादक और गायक।
  2. छड़ों की लय: नर्तक दोनों हाथों में छड़ें लेकर आगे-पीछे वाले साथी की छड़ों से लय में टकराते हुए घूमते हैं।
  3. गति परिवर्तन: धीमी लय से प्रारंभ होकर तेज़ गति में चरम पर पहुँचता है।
  4. स्वांग: कुछ नर्तक विभिन्न पात्रों का वेश धारण कर हास्य व व्यंग्य उत्पन्न करते हैं।
  5. गीत: होली, लोकदेवताओं व ग्रामीण जीवन से जुड़े गीत।

3. राजस्थानी डांडिया बनाम गुजराती डांडिया-रास

आधारमारवाड़ का डांडियागुजरात का डांडिया-रास
अवसरहोली के बादनवरात्रि
नर्तकपुरुषस्त्री-पुरुष (युगल व समूह)
धार्मिक संदर्भहोली व लोकदेवतादेवी अम्बा/दुर्गा की आराधना
वाद्यशहनाई, नगाड़ाढोल, आधुनिक संगीत
विशेषस्वांग परंपरारंगीन चनिया-चोली, सजी छड़ें

ध्यान दें: गुजरात से सटे राजस्थान के जिलों (बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, उदयपुर) में नवरात्रि पर गरबा-डांडिया का प्रचलन भी बढ़ा है, परंतु परीक्षा में ‘राजस्थान का डांडिया नृत्य’ प्रश्न मारवाड़ की होली-परंपरा से संबंधित होता है।

4. छड़ों वाले राजस्थानी नृत्य — तुलनात्मक तालिका

नृत्यक्षेत्रसमुदाय/नर्तकअवसरविशेष पहचान
डांडियामारवाड़ (जोधपुर)पुरुषहोली के बादशहनाई-नगाड़ा; स्वांग
गैरमेवाड़; बाड़मेर (कनाना की गैर प्रसिद्ध)पुरुष (भील व अन्य)होलीनर्तक ‘गैरिये’; ढोल, थाली, बांकिया; वृत्ताकार
गींदड़शेखावाटी (सीकर, झुंझुनूं, चूरू)पुरुषहोली (प्रह्लाद स्थापना से)नगाड़ा; स्वांग — साधु, सेठ, दूल्हा-दुल्हन
बिंदोरीझालावाड़पुरुषहोली/विवाहगैर जैसा वृत्ताकार नृत्य
डांगनाथद्वारा (राजसमंद)स्त्री-पुरुषहोलीश्रीनाथजी की होली से संबद्ध

शेखावाटी के होली नृत्यों के लिए चंग नृत्य और गैर के विस्तृत अध्ययन हेतु गैर लोकनृत्य देखें। चारों लोकप्रिय नृत्यों के अंतर के लिए घूमर, गैर, चंग एवं कच्छी घोड़ी में अंतर पढ़ें।

5. डांडिया नृत्य का सांस्कृतिक महत्व

  • सामुदायिक एकता: गाँव के पुरुष जाति-भेद से ऊपर उठकर एक घेरे में नाचते हैं।
  • हास्य-व्यंग्य: स्वांग के माध्यम से समाज पर हल्का व्यंग्य — लोकनाट्य का तत्व।
  • ऋतु-परिवर्तन: होली के बाद वसंत व नई फसल के उल्लास की अभिव्यक्ति।
  • लोक संगीत का संरक्षण: शहनाई-नगाड़ा वादकों (ढोली/दमामी) को मंच।

6. राजस्थान में होली के लोकनृत्य — एक नज़र में

क्षेत्रहोली नृत्य
शेखावाटीगींदड़, चंग, कच्छी घोड़ी
मेवाड़गैर (भील)
बाड़मेरगैर (कनाना)
मारवाड़ (जोधपुर)डांडिया
ब्रज (भरतपुर-अलवर)बम नृत्य, रसिया, चरकुला
नाथद्वाराडांग
झालावाड़बिंदोरी
मांडल (भीलवाड़ा)नाहर नृत्य (होली के बाद तेरस को)

7. डांडिया नृत्य का बदलता स्वरूप

  • पारंपरिक रूप: गाँव की चौपाल पर होली के बाद पुरुषों का सामूहिक नृत्य, जिसमें शहनाई-नगाड़ा और स्वांग प्रमुख थे।
  • मंचीय रूप: सांस्कृतिक उत्सवों (मारवाड़ महोत्सव, जोधपुर) में छोटे समूहों द्वारा समयबद्ध प्रस्तुति।
  • नवरात्रि प्रभाव: शहरी क्षेत्रों में गुजराती गरबा-डांडिया का प्रचलन बढ़ने से राजस्थानी होली-डांडिया की पहचान धुंधली हुई — परीक्षा में यही भ्रम सबसे बड़ा जाल है।
  • संरक्षण: राजस्थान संगीत नाटक अकादमी व पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के लोक उत्सवों में पारंपरिक दलों को मंच।

8. चित्र/विवरण देखकर छड़-नृत्य कैसे पहचानें?

  1. शहनाई-नगाड़ा + स्वांग + जोधपुर → डांडिया।
  2. ढोल-थाली-बांकिया + गैरिये + मेवाड़/बाड़मेर → गैर।
  3. नगाड़ा + साधु-सेठ-दूल्हा स्वांग + शेखावाटी + प्रह्लाद स्थापना → गींदड़।
  4. झालावाड़ + होली/विवाह → बिंदोरी।
  5. नाथद्वारा + स्त्री-पुरुष + श्रीनाथजी → डांग।

परीक्षा में प्रश्न का स्वरूप: सामान्यतः चार छड़-नृत्य (डांडिया, गैर, गींदड़, बिंदोरी) और चार क्षेत्र (मारवाड़, मेवाड़, शेखावाटी, झालावाड़) देकर ‘सुमेलित कीजिए’ पूछा जाता है। ऊपर की तालिका से यह प्रश्न 30 सेकंड में हल हो जाता है। कभी-कभी ‘होली पर किया जाने वाला कौन-सा नृत्य स्त्रियों का है’ भी पूछा जाता है — छड़-नृत्य प्रायः पुरुषों के होते हैं, जबकि डांग में स्त्री-पुरुष दोनों भाग लेते हैं।

स्मरण सूत्र: हर छड़-नृत्य को उसके क्षेत्र + वाद्य + विशिष्ट शब्द (स्वांग, गैरिये, प्रह्लाद स्थापना) से जोड़ें — तीनों में से कोई एक भी पहचान लिया तो उत्तर निश्चित हो जाता है।

📝 One-Liner Revision — डांडिया व छड़-नृत्य (20 प्रश्न)

  1. प्रश्न: राजस्थान का डांडिया नृत्य किस क्षेत्र का?
    उत्तर: मारवाड़ (जोधपुर)
  2. प्रश्न: डांडिया नृत्य कब?
    उत्तर: होली के बाद
  3. प्रश्न: डांडिया नृत्य के नर्तक?
    उत्तर: पुरुष
  4. प्रश्न: डांडिया नृत्य के वाद्य?
    उत्तर: शहनाई, नगाड़ा
  5. प्रश्न: डांडिया में पात्रों का वेश धारण कहलाता है?
    उत्तर: स्वांग
  6. प्रश्न: गुजरात का डांडिया-रास किस पर्व पर?
    उत्तर: नवरात्रि
  7. प्रश्न: गैर के नर्तक कहलाते हैं?
    उत्तर: गैरिये
  8. प्रश्न: बाड़मेर की प्रसिद्ध गैर?
    उत्तर: कनाना की गैर
  9. प्रश्न: शेखावाटी का सबसे प्रसिद्ध होली छड़-नृत्य?
    उत्तर: गींदड़
  10. प्रश्न: बिंदोरी नृत्य किस जिले का?
    उत्तर: झालावाड़
  11. प्रश्न: डांग नृत्य कहाँ?
    उत्तर: नाथद्वारा
  12. प्रश्न: ब्रज क्षेत्र का होली नृत्य जिसमें बड़ा नगाड़ा?
    उत्तर: बम नृत्य
  13. प्रश्न: नाहर नृत्य कहाँ?
    उत्तर: मांडल (भीलवाड़ा)
  14. प्रश्न: चरकुला नृत्य कहाँ?
    उत्तर: भरतपुर (ब्रज)
  15. प्रश्न: गैर में प्रयुक्त वाद्य?
    उत्तर: ढोल, थाली, बांकिया
  16. प्रश्न: गींदड़ किस पर्व से प्रारंभ?
    उत्तर: होली — प्रह्लाद स्थापना से
  17. प्रश्न: डांडिया शब्द का अर्थ?
    उत्तर: लकड़ी की छड़ (डंडा)
  18. प्रश्न: डांडिया नृत्य की संरचना?
    उत्तर: गोल घेरा
  19. प्रश्न: होली पर शेखावाटी का डफ-आधारित नृत्य?
    उत्तर: चंग
  20. प्रश्न: कृत्रिम घोड़ी वाला शेखावाटी नृत्य?
    उत्तर: कच्छी घोड़ी
  21. प्रश्न: गैर किस समुदाय से प्रमुख रूप से जुड़ा?
    उत्तर: भील (मेवाड़)
  22. प्रश्न: गैर में नर्तकों के हाथ में क्या होता है?
    उत्तर: लकड़ी की छड़ें
  23. प्रश्न: राजस्थान का राज्य लोकनृत्य?
    उत्तर: घूमर
  24. प्रश्न: बम नृत्य किस वाद्य के नाम पर?
    उत्तर: बड़ा नगाड़ा (बम)
  25. प्रश्न: नाहर नृत्य में क्या स्वांग?
    उत्तर: रुई चिपकाकर शेर (नाहर) का
  26. प्रश्न: चरकुला नृत्य में सिर पर क्या?
    उत्तर: दीपकों से सजा चरकुला (रथनुमा)
  27. प्रश्न: जोधपुर का शरद पूर्णिमा पर होने वाला उत्सव?
    उत्तर: मारवाड़ महोत्सव
  28. प्रश्न: कनाना किस जिले में?
    उत्तर: बाड़मेर
  29. प्रश्न: डांडिया में गायक-वादक कहाँ बैठते हैं?
    उत्तर: घेरे के बीच
  30. प्रश्न: होली के बाद तेरस को किया जाने वाला नृत्य?
    उत्तर: नाहर नृत्य (मांडल)

✅ मुख्य बिंदु (Key Points) — एक नज़र में

  • डांडिया — मारवाड़ (जोधपुर), पुरुष, होली के बाद।
  • वाद्य — शहनाई, नगाड़ा; स्वांग परंपरा।
  • गुजराती डांडिया-रास — नवरात्रि, स्त्री-पुरुष।
  • अन्य छड़-नृत्य — गैर (मेवाड़-बाड़मेर), गींदड़ (शेखावाटी), बिंदोरी (झालावाड़)।

🎯 Exam Trap — इन गलतियों से बचें

  1. राजस्थान के डांडिया को नवरात्रि से जोड़ना — परीक्षा में मारवाड़ का डांडिया होली से जुड़ा है।
  2. गैर व डांडिया को एक मानना — गैर = मेवाड़/बाड़मेर; डांडिया = मारवाड़ (जोधपुर)।
  3. गींदड़ को मेवाड़ में रखना — गींदड़ शेखावाटी का नृत्य है।
  4. बिंदोरी को बूँदी से जोड़ना — बिंदोरी झालावाड़ का नृत्य।

🧠 मेमोरी ट्रिक

“मारवाड़ का डांडिया, मेवाड़ की गैर, शेखावाटी का गींदड़, झालावाड़ की बिंदोरी — सब होली के डंडे”।

👨‍🏫 शिक्षक की परीक्षा टिप्पणी

डांडिया पर स्वतंत्र प्रश्न कम, पर ‘छड़ वाले नृत्यों’ के सुमेलन में यह लगभग हमेशा विकल्प के रूप में आता है। सबसे बड़ा जाल — ‘डांडिया = नवरात्रि’ वाली सामान्य धारणा। राजस्थान GK के संदर्भ में डांडिया = मारवाड़ + होली + पुरुष — यह त्रिकोण याद रखें। Mains में ‘राजस्थान के होली नृत्य’ प्रश्न में ऊपर की क्षेत्र-वार तालिका पूरी संरचना दे देती है।

✍️ अभ्यास करें — क्विज़ व टेस्ट सीरीज़

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📖 प्रामाणिक संदर्भ एवं स्रोत

  • राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर — लोकनृत्य प्रकाशन।
  • पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर — लोकनृत्य दस्तावेज़।
  • RBSE — ‘राजस्थान का इतिहास एवं संस्कृति’।

Author Byline

लेखक: सुयोग अकादमी कला एवं संस्कृति संपादकीय टीम

तथ्य जाँच एवं संपादन: सुधीर ढाका (BSc-BEd), सुयोग अकादमी

विषय: डांडिया नृत्य: राजस्थान में परंपरा एवं सांस्कृतिक महत्व

परीक्षा उपयोगिता: RAS/RTS, RPSC स्कूल व्याख्याता/वरिष्ठ अध्यापक (कला/इतिहास), Rajasthan CET, पटवारी, VDO, REET Mains, राजस्थान पुलिस एवं अन्य RSMSSB परीक्षाएँ

संपादकीय नोट: लोकनृत्यों के गीत-विषय व स्वांग-पात्र गाँव-गाँव में भिन्न होते हैं; यहाँ परीक्षाओं में प्रचलित सामान्य स्वरूप दिया गया है।

अंतिम समीक्षा: 2 अक्टूबर 2026

अंतिम संशोधन (Last Updated): 2 अक्टूबर 2026
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Sudhir Sirइतिहास विशेषज्ञलेखक परिचय
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🎯 विगत वर्षों के प्रश्न (Interactive PYQs)

Q1. राजस्थान का डांडिया नृत्य मुख्यतः किस क्षेत्र का है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q2. गींदड़ नृत्य किस क्षेत्र का है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q3. बिंदोरी नृत्य किस जिले से संबंधित है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q4. डांडिया नृत्य किस पर्व के बाद किया जाता है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

Q5. डांग नृत्य किस स्थान से जुड़ा है?

सुयोग अभ्यास प्रश्न (RPSC/RSMSSB पैटर्न) 2026

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (FAQs)

राजस्थान में डांडिया नृत्य मुख्यतः मारवाड़ (जोधपुर क्षेत्र) का पुरुष प्रधान लोकनृत्य है, जो होली के बाद किया जाता है।

मारवाड़ का डांडिया होली के बाद पुरुषों द्वारा शहनाई-नगाड़े के साथ किया जाता है, जबकि गुजरात का डांडिया-रास नवरात्रि में स्त्री-पुरुषों द्वारा देवी-आराधना में किया जाता है।

डांडिया (मारवाड़), गैर (मेवाड़-बाड़मेर), गींदड़ (शेखावाटी) और बिंदोरी (झालावाड़) राजस्थान के छड़ वाले प्रमुख लोकनृत्य हैं।

डांडिया नृत्य में मुख्य रूप से शहनाई और नगाड़ा बजाए जाते हैं।

गींदड़ शेखावाटी (सीकर, झुंझुनूं, चूरू) का होली पर किया जाने वाला पुरुषों का छड़-नृत्य है।

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