राजस्थान भूगोल के महत्वपूर्ण विषय Krishi and Krishi Jalvayu

राजस्थान की कृषि एवं कृषि जलवायु प्रदेश – 15+ महत्वपूर्ण तथ्य जो हर विद्यार्थी को जानने चाहिए

 परिचय

राजस्थान भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है, लेकिन यहाँ की जलवायु विविध एवं अधिकांशतः शुष्क है। इसके बावजूद राज्य में कृषि एक महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि है। यहाँ की कृषि मुख्यतः मानसूनी वर्षा पर निर्भर करती है, इसलिए कृषि उत्पादन में वर्षा का विशेष प्रभाव पड़ता है। राजस्थान की कृषि मुख्यतः मानसून पर आधारित है, इस कारण से कृषि को मानसून का जुआ कहते है | पूर्वी  मैदान को  कृषि का हृदयस्थल कहा जाता है, क्योंकि  यहाँ कृषि उत्पादकता अधिक होती है | राजस्थान के कुल क्षेत्रफल का लगभग 60 प्रतिशत  भाग कृषि क्षेत्र है | 

  •  भारत की कुल कृषि भूमि में  राज्य का योगदान 13.88%
  • कृषि का बोया जाने वाला सर्वाधिक क्षेत्रः बीकानेर, न्यूनतम क्षेत्रः राजसमंद
  •  सर्वा धिक सिंचित  क्षेत्रफलः श्रीगंगानगर , न्यूनतम क्षेत्रः राजससंमद
  •  सर्वा धिक सिंचित प्रतिशत  श्रीगंगानगर, न्यूनतमः चूरू
  • राज्य में  भूमि जोतों का औसत  आकार: 2.73 हेक्टेयर (भारत 1.41 हेक्टेयर )
  • राज्य में  कुल प्रचलित भूमि  जोत – 76.55 लाख
  • कुल जोतों का क्षेत्रफल: 211.36 लाख हेक्टेयर

 

राजस्थान को विभिन्न कृषि जलवायु प्रदेशों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जिससे फसलों का वैज्ञानिक उत्पादन संभव हो सके।

राजस्थान के कृषि जलवायु प्रदेश

राजस्थान को मुख्यतः 10 कृषि जलवायु क्षेत्रों में बाँटा गया है, जैसे—

  • पश्चिमी शुष्क प्रदेश
  • अर्द्ध शुष्क पूर्वी मैदान
  • दक्षिणी आर्द्र प्रदेश
  • उत्तर पश्चिम सिंचित मैदान 
  • अति शुष्क आंशिक सिंचित मैदान – यह भोगोलिक दृष्टि  से सबसे बडा क्षेत्र है।
  • शेखावटी अन्तः प्रवाह मैदान
  • लूनी अन्तः प्रवाह मैदान
  • बाढ़ सम्भाव्य पूर्वी  मैदान
  • उप.आर्द्ध दक्षिणी  मैदान
  • आर्द्ध दषक्षणी मैदान . यह सबसे छोटा  कृषि.जलवायु क्षेत्र है।

इन क्षेत्रों में जलवायु, मिट्टी, वर्षा और तापमान के अनुसार अलग-अलग फसलें उगाई जाती हैं।

 

 

वैज्ञानिक प्रकार की कृषि (Scientific Types of Agriculture)

विस्तृत तालिका

क्र.वैज्ञानिक नाम (Scientific Term)हिन्दी नाम / प्रकारक्या उत्पादन होता हैप्रमुख उपयोग / उत्पादउदाहरण / क्षेत्रमहत्वपूर्ण तथ्य
1सेरीकल्चर (Sericulture)रेशम कीट पालनरेशम (Silk)वस्त्र उद्योगकर्नाटक, असमशहतूत के पत्तों पर कीट पाले जाते हैं
2पिसीकल्चर (Pisciculture)मत्स्य पालनमछलीभोजन, निर्यातपश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेशBlue Revolution से संबंधित
3एपीकल्चर (Apiculture)मधुमक्खी पालनशहद, मोमऔषधि, खाद्यपंजाब, यूपीपरागण में मदद करता है
4विटीकल्चर (Viticulture)अंगूर की खेतीअंगूरवाइन, जूसमहाराष्ट्रWine Industry से जुड़ा
5हॉर्टीकल्चर (Horticulture)बागवानीफल, फूल, सब्जियाँखाद्य, सजावटपूरे भारत मेंHigh-value crops
6पोमीकल्चर (Pomology)फल उत्पादनफलपोषण, व्यापारहिमाचल, कश्मीरसेब, आम प्रमुख
7फ्लोरीकल्चर (Floriculture)फूलों की खेतीफूलसजावट, इत्रबेंगलुरु, पुणेExport oriented
8ओलेरीकल्चर (Olericulture)सब्जी उत्पादनसब्जियाँदैनिक आहारउत्तर प्रदेशIntensive farming
9ओलिवीकल्चर (Oliviculture)जैतून की खेतीजैतूनतेल (Olive oil)राजस्थाननई खेती तकनीक
10सिल्वीकल्चर (Silviculture)वानिकीलकड़ी, वन उत्पादउद्योग, पर्यावरणमध्य प्रदेशForest management
11वर्मीकल्चर (Vermiculture)केंचुआ पालनवर्मीकम्पोस्टजैविक खादपूरे भारत मेंOrganic farming में उपयोग

 

सामान्य कृषि के प्रकार (General Types of Agriculture)

विस्तृत तालिका

क्र.कृषि का प्रकारपरिभाषाआधार / विशेषताप्रमुख फसलें / उदाहरणराजस्थान तथ्य
1मिश्रित कृषिकृषि + पशुपालन एक साथ करनाआय के विविध स्रोतगेहूँ + दुग्ध उत्पादनसर्वाधिक: बाड़मेर
2बारानी कृषिमानसून वर्षा पर निर्भर कृषिवर्षा आधारितबाजरा, ज्वारसर्वाधिक: बाड़मेर
3शुष्क कृषि75 सेमी. से कम वर्षा वाले क्षेत्रकम पानी, सूखा क्षेत्रबाजरा, ग्वार, मोठ, चनापश्चिमी राजस्थान
4आर्द्र कृषि75 सेमी. से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रअधिक जल उपलब्धताचावल, गन्ना, गेहूँ, कपासदक्षिण-पूर्वी राजस्थान
5मोनोकल्चरएक खेत में एक वर्ष में एक फसलSingle croppingकेवल गेहूँ या केवल चावलCommercial farming में उपयोग
6ड्यूअल कल्चरएक खेत में एक वर्ष में दो फसलेंDouble croppingगेहूँ + चनासिंचित क्षेत्रों में
7ओलिगोकल्चरएक खेत में एक वर्ष में तीन फसलेंMultiple croppingधान + गेहूँ + सब्जीIntensive farming
8रिले कल्चरएक फसल काटने से पहले दूसरी बोनाOverlapping cropsगेहूँ के साथ सरसोंसमय का अधिक उपयोग
9खड़ीन कृषिवर्षा जल संचयन आधारित कृषिजल संरक्षण तकनीकज्वार, बाजराजैसलमेर, पालीवाल ब्राह्मण
10स्थानांतरण कृषिपेड़ काटकर/जलाकर खेती करनाShifting cultivationझूम खेतीडूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर

अतिरिक्त महत्वपूर्ण तथ्य

  • कृषि वर्ष: 1 जुलाई से 30 जून
  • 75 सेमी वर्षा: शुष्क और आर्द्र कृषि की सीमा
  • स्थानांतरण कृषि के अन्य नाम:
    • झूम खेती
    • कर्तन/दहन कृषि
    • राजस्थान में: वालरा
  • राजस्थान में स्थानांतरण कृषि क्षेत्र:
    • चिमाता → अरावली क्षेत्र
    • दजिया → मैदानी क्षेत्र
  • इसे कहा जाता है:
    • “आदिवासियों की कृषि”
    • “पर्यावरण की दुश्मन”

Quick Revision (Exam Booster)

  • Mixed → Farming + Livestock
  • Barani → Rain-based
  • Dry → < 75 cm rainfall
  • Wet → > 75 cm rainfall
  • Mono → 1 crop
  • Dual → 2 crops
  • Oligo → 3 crops
  • Relay → Overlapping crops
  • Khadin → Water harvesting
  • Shifting → Cut & burn

कृषि का वर्गीकरण (Season Wise & Use Wise Crops in Hindi)


(A) मौसम एवं ऋतु के आधार पर वर्गीकरण

फसल प्रकारबुआई समयकटाई समयप्रमुख विशेषताउदाहरण फसलें
खरीफ / स्यालूजून – जुलाईसितम्बर – अक्टूबरमानसून आधारितबाजरा, ज्वार, मक्का, चावल
रबी / उनालूअक्टूबर – नवम्बरमार्च – अप्रैलसर्दी की फसलगेहूँ, जौ, चना, मटर
जायदमार्च – अप्रैलमई – जूनअल्प अवधि, गर्मी मेंखरबूजा, तरबूज, ककड़ी

खरीफ, रबी और जायद फसलों का विस्तृत विवरण

खरीफ फसलें

श्रेणीफसलें
अनाजबाजरा, ज्वार, चावल, मक्का, रागी
दलहनमूंग, मोठ, उड़द, अरहर
तिलहनतिल, सोयाबीन, मूंगफली, सूरजमुखी
नकदी फसलेंकपास, गन्ना, ग्वार, जूट

रबी फसलें

श्रेणीफसलें
अनाजगेहूँ, जौ
दलहनचना, मसूर, मटर
मसाला/सब्जीसरसों, जीरा, सौंफ, लहसुन, प्याज, मेथी
नकदी फसलेंतारामीरा, अलसी, अफीम, तंबाकू, ईसबगोल

जायद फसलें

श्रेणीफसलें
फल/सब्जीखरबूजा, तरबूज, ककड़ी
अन्यपशु चारा

(B) उपयोग के आधार पर वर्गीकरण

विस्तृत तालिका

श्रेणीपरिभाषाप्रमुख फसलेंविशेष तथ्य
खाद्यान्न फसलेंखाने योग्य फसलेंबाजरा, गेहूँ, चावलराजस्थान: बाजरा प्रमुख
दलहन फसलेंमिट्टी की उर्वरता बढ़ाने वालीमूंग, चना, मसूरनाइट्रोजन स्थिरीकरण
तिलहन फसलेंतेल देने वालीसरसों, मूंगफली, तिलराजस्थान: सरसों प्रमुख
रेशेदार फसलेंरेशा देने वालीकपास, जूटकपास = सफेद सोना
नकदी/व्यापारिक फसलेंउद्योग हेतुगन्ना, कपास, तंबाकूउच्च बाजार मूल्य
पेय फसलेंपीने के उपयोग कीचाय, कॉफी, गन्नाBeverage crops

तिलहन के अन्य महत्वपूर्ण पौधे

फसलउपयोग
जैतून (Olive)खाद्य तेल, औषधि
जोजोबास्नेहक (Lubricant)
जेट्रोफा (करंज)बायोडीजल

रेशेदार फसलें (Fiber Crops)

फसलविशेषता
कपासभारत/राजस्थान की प्रमुख (सफेद सोना)
जूटसुनहरा रेशा
बाँसहरा सोना
अलसीरेशा + तेल

महत्वपूर्ण नोट्स (Exam Booster)

  • कृषि वर्ष: 1 जुलाई – 30 जून
  • भारत/विश्व की प्रमुख खाद्यान्न फसल: चावल
  • राजस्थान की प्रमुख खाद्यान्न फसल: बाजरा
  • राजस्थान की प्रमुख दलहन: चना
  • राजस्थान की प्रमुख तिलहन: सरसों
  • प्रमुख व्यापारिक फसल: कपास

बाजरा की भौगोलिक दशाएँ एवं वितरण

प्रमुख स्थितियाँ

कारकविवरण
वर्षा25–50 सेमी
तापमान25°C – 35°C
मिट्टीजलोढ़ एवं रेतीली

वितरण

  • उत्तर-पश्चिमी मरुस्थल क्षेत्र
  • पूर्वी मैदान

प्रमुख जिले:

  • अलवर
  • बाड़मेर
  • नागौर
  • जयपुर

Quick Revision (One Line)

  • Kharif → Rainy
  • Rabi → Winter
  • Zaid → Summer
  • Food → Eating
  • Pulse → Soil fertility
  • Oilseed → Oil
  • Fiber → Cloth
  • Cash → Market


राजस्थान की प्रमुख फसलें

राजस्थान में फसलों को मुख्यतः 4 भागों में बाँटा जाता है:

  1. खाद्यान्न फसलें
  2. तिलहन फसलें
  3. दलहनी फसलें
  4. व्यावसायिक फसलें

1. प्रमुख खाद्यान्न फसलें

(1) बाजरा की खेती: भौगोलिक दशाएँ, उत्पादन, रोग एवं महत्वपूर्ण तथ्य

 

मुख्य जानकारी

बिंदुविवरण
फसल का नामबाजरा
उपनामगरीब का भोजन
मूल स्थानअफ्रीका
फसल प्रकारखरीफ फसल
प्रकृतिशुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्र की फसल

भौगोलिक परिस्थितियाँ

कारकविवरण
मिट्टीरेतीली एवं बलुई मिट्टी
तापमान15°C – 35°C
वर्षा40 – 50 सेमी (न्यूनतम 35 सेमी तक)

उत्पादन एवं वितरण

आधारप्रमुख क्षेत्र / जिला
सर्वाधिक क्षेत्रफलबाड़मेर
सर्वाधिक उत्पादनबाड़मेर
प्रमुख जिलेबाड़मेर, अलवर, जयपुर, जोधपुर
क्षेत्रीय विस्तारपश्चिमी एवं उत्तर-पश्चिमी राजस्थान

भारत में स्थिति

बिंदुविवरण
भारत में स्थानप्रथम
उत्पादन भागीदारीलगभग 39%

रोग (Diseases)

रोगविवरण
हरित बाली (Green Ear)बालियों का विकृत होना
कंडुआ (Smut)फफूंद जनित रोग

अनुसंधान एवं विकास

केंद्रस्थान
बाजरा अनुसंधान केंद्रमंडोर (जोधपुर)
अनुसंधान केंद्रगुड़ामालानी (बाड़मेर)
प्रोसेसिंग एवं इनक्यूबेशन सेंटरबाड़मेर (देश का पहला)

Quick Revision (Exam Booster)

 

  • बाजरा = गरीब का भोजन
  • मूल = अफ्रीका
  • वर्षा = 40–50 सेमी
  • प्रमुख जिला = बाड़मेर
  • भारत में स्थान = प्रथम
  • रोग = हरित बाली, कंडुआ

(2) मक्का

  • उपनाम: अनाजों की रानी
  • मूल: अमेरिका

परिस्थितियाँ:

  • तापमान: 25–30°C
  • वर्षा: 50–80 सेमी
  • मिट्टी: लाल-लोमी

उत्पादन:

  • प्रमुख: भीलवाड़ा
  • अन्य: उदयपुर, बांसवाड़ा

उपयोग:

  • खाद्य
  • पशु चारा
  • साइलेज

(3) गेहूँ

  • उपनाम: कनक
  • रबी फसल

 परिस्थितियाँ:

  • तापमान: 10–18°C
  • वर्षा: 50–70 सेमी
  • मिट्टी: दोमट

उत्पादन:

  • प्रमुख: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़
  • भारत में स्थान: पाँचवाँ

 रोग:

  • रतुआ
  • करपा

(4) जौ

  • उपनाम: गरीब का अनाज
  • जलवायु: शुष्क

 उत्पादन:

  • प्रमुख: श्रीगंगानगर, जयपुर

(5) चावल

  • उपनाम: धान
  • फसल: खरीफ

 परिस्थितियाँ:

  • तापमान: 20–30°C
  • वर्षा: 100–150 सेमी

 उत्पादन:

  • प्रमुख: बूंदी
  • अन्य: कोटा, बारां

(6) ज्वार

  • उपनाम: गरीब की रोटी
  • विशेषता: सूखा सहनशील

 उत्पादन:

  • प्रमुख: अजमेर

 2. तिलहन फसलें

(1) सरसों

  • राजस्थान: सरसों का प्रदेश
  • भारत में स्थान: प्रथम

परिस्थितियाँ:

  • जलवायु: शीत व शुष्क
  • मिट्टी: दोमट

उत्पादन:

  • प्रमुख: टोंक, अलवर

तथ्य:

  • पीली क्रांति = सरसों

(2) मूंगफली

  • उपनाम: गरीब का बादाम

 विशेषताएँ:

  • नाइट्रोजन बढ़ाती है
  • मूल: ब्राजील

उत्पादन:

  • प्रमुख: बीकानेर

(3) सोयाबीन

  • तिलहन + दलहन

उत्पादन:

  • क्षेत्र: हाड़ौती
  • जिले: कोटा, बारां

3. दलहनी फसलें

(1) मूंग

  • मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है

उत्पादन:

  • नागौर

(2) चना

  • उपनाम: दालों का राजा

उत्पादन:

  • अजमेर, जयपुर

4. व्यावसायिक फसलें

 (1) गन्ना

  • उपयोग: चीनी उद्योग

उत्पादन:

  • श्रीगंगानगर

(2) कपास

  • उपनाम: सफेद सोना

 परिस्थितियाँ:

  • तापमान: 20–30°C

 उत्पादन:

  • श्रीगंगानगर

(3) ईसबगोल

  • उपयोग: औषधि

उत्पादन:

  • नागौर

(4) जोजोबा

  • उपनाम: मरुस्थलीय सोना

(5) जैतून (Olive)

  • राजस्थान में नई बागवानी फसल
  • उत्पादन में प्रथम

राजस्थान के प्रमुख कृषि विश्वविद्यालय

  • स्वामी केशवानंद कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर
  • महाराणा प्रताप कृषि विश्वविद्यालय, उदयपुर
  • जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय
  • श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जयपुर
  • कृषि विश्वविद्यालय, कोटा

प्रमुख कृषि अनुसंधान संस्थान

  • CAZRI (जोधपुर) – शुष्क क्षेत्र अनुसंधान
  • सरसों अनुसंधान केंद्र – भरतपुर
  • मसाला अनुसंधान केंद्र – अजमेर

राजस्थान में फसलों का उत्पादन (Exam Focus)

फसलप्रथम जिला
बाजराबाड़मेर
गेहूँहनुमानगढ़
चावलबूंदी
मक्काभीलवाड़ा
सरसोंटोंक

प्रमुख कृषि मंडियाँ

  • गंगानगर – किन्नू
  • बीकानेर – मूंगफली
  • पुष्कर – फूल
  • बस्सी – टमाटर

कृषि प्रसंस्करण उद्योग

  • फूड पार्क – भरतपुर
  • मसाला पार्क – जोधपुर
  • ईसबगोल प्रोसेसिंग – सिरोही

महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य (One Liner)

  • राजस्थान = बाजरा उत्पादन में प्रथम
  • सरसों उत्पादन में प्रथम
  • गेहूँ उत्पादन में पाँचवाँ
  • चावल उत्पादन: बूंदी प्रमुख
  • मक्का: भीलवाड़ा प्रमुख

राजस्थान में फसलों का सर्वाधिक उत्पादन (2022-23)

🟢 प्रमुख फसलें एवं उत्पादन जिले – Quick Revision Table

फसल (Crop)सर्वाधिक उत्पादन जिला
लालमिर्चसवाई माधोपुर
धनियाझालावाड़
मेथीबीकानेर
हल्दीबीकानेर
अदरकउदयपुर
सौंफनागौर
लहसुनबारां
अजवायनचित्तौड़गढ़
मटरजयपुर
आलूधौलपुर
शकरकंदसीकर
प्याजजोधपुर
टमाटरजयपुर
टिंडाटोंक
बेरजयपुर
गाजरअलवर
खरबूजाचित्तौड़गढ़
एलोवेराचूरू

🍊 फल फसलें एवं उत्पादन जिले

फसल (Crop)सर्वाधिक उत्पादन जिला
सोनामुखीजोधपुर
आमबांसवाड़ा
अमरूदसवाई माधोपुर
नींबूपाली
अनारबाड़मेर
जामुनजयपुर
पपीतासिरोही
संतरा (Orange)झालावाड़
मौसंबीगंगानगर
लीचीनागौर
किन्नूगंगानगर

निष्कर्ष

राजस्थान की कृषि जलवायु विविध होने के बावजूद राज्य ने कृषि क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। सिंचाई, तकनीकी विकास और फसल विविधीकरण के कारण उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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