SUYOG ACADEMY दैनिक करंट अफेयर्स 2026

23 अक्टूबर 2026 का संपूर्ण करंट अफेयर्स

राजस्थान व राष्ट्रीय परीक्षा विशेष समसामयिकी के मुख्य बिंदु

  • RPSC, RSMSSB, CET, पटवारी व पुलिस परीक्षा हेतु
  • महत्वपूर्ण योजनाएं, पुरस्कार व समसामयिक घटनाएं
  • विस्तृत व्याख्या व दैनिक अभ्यास क्विज़ उपलब्ध
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SUYOG ACADEMY ["ENVIRONMENT"

पर्यावरण एवं वैश्विक वन्यजीव संरक्षण: "अंतर्राष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस" (23 अक्टूबर) — 13वीं वर्षगांठ, बिश्केक घोषणापत्र (2013), SPAI रिपोर्ट (भारत में 718 तेंदुए) व प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड

प्रतिवर्ष 23 अक्टूबर को वैश्विक स्तर पर "अंतर्राष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस" (International Snow Leopard Day - ISLD) मनाया ज

  • अंतर्राष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं बिश्केक घोषणा: • उद्गम: 23 अक्टूबर 2013 को किर्गिस्तान की राजधानी **बिश्केक (Bishkek)** में हिम तेंदुए के निवास वाले सभी 12 देशों के प्रथम वैश्विक फोरम में ऐतिहासिक **'बिश्केक घोषणापत्र' (Bishkek Declaration)** को अंगीकार किया गया था। • 12 हिम तेंदुआ रेंज देश: भारत, नेपाल, भूटान, चीन, मंगोलिया, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान। • GSLEP कार्यक्रम: 2013 में ही 'ग्लोबल स्नो लेपर्ड एंड इकोसिस्टम प्रोटेक्शन प्रोग्राम' (GSLEP) प्रारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य इन पर्वतीय शिकारियों के प्राकृतिक पर्यावास को सुरक्षित रखना है।
  • हिम तेंदुआ (Snow Leopard) की जैविक एवं संरक्षण स्थिति (High-Yield Science/Ecology): • वैज्ञानिक नाम: **पैंथेरा अनसिया (Panthera uncia)**। • उपनाम: अपनी एकांतप्रिय प्रकृति और अत्यधिक दुर्गम बर्फीली चट्टानों में अदृश्य रहने की क्षमता के कारण इसे **"पहाड़ों का भूत" (Ghost of the Mountains)** कहा जाता है। • पारिस्थितिक भूमिका: यह उच्च हिमालयी पारितंत्र का शीर्ष शिकारी (Apex Predator) और एक प्रमुख **'इंडिकेटर/फ्लैगशिप प्रजाति'** है, जो जलवायु परिवर्तन और ग्लेशियरों के स्वास्थ्य का प्रत्यक्ष संकेतक है। • संरक्षण स्थिति (Legal & Global Status): - IUCN रेड लिस्ट: **सुभेद्य (Vulnerable)** — पहले यह 'Endangered' था, 2017 में स्थिति संशोधित की गई। - CITES: परिशिष्ट-I (Appendix-I — अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर पूर्ण प्रतिबंध)। - भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: **अनुसूची-I (Schedule-I)** के तहत सर्वोच्च कानूनी संरक्षण। - CMS (प्रवासी प्रजातियों का संरक्षण सम्मेलन): परिशिष्ट-I।
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SUYOG ACADEMY ["POLITY"

राजस्थान प्रशासनिक सुधार एवं भर्ती परीक्षा प्रणाली: राजस्थान CET (12वीं स्तर) परीक्षा 2026 का 23 अक्टूबर से राज्यव्यापी आयोजन — ओएमआर 5वां विकल्प (Option E), बायोमेट्रिक सुरक्षा व अनुचित साधन रोकथाम अधिनियम

23 अक्टूबर 2026 से राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSMSSB) द्वारा समान पात्रता परीक्षा (CET - 12th Level) 2026 का तीन दिवसी

  • OMR 5वां विकल्प (Option E) नियम एवं आरपीएससी/आरएसएमएसएसबी दिशा-निर्देश: • अनिवार्य नियम: अभ्यर्थी को प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देना अनिवार्य है। यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है, तो उसे **5वां गोला 'E' (अनुत्तरित प्रश्न / Question Not Attempted)** गहरा नीला/काला करना अनिवार्य है। • नेगेटिव मार्किंग प्रावधान: यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न के 5 विकल्पों (A, B, C, D, E) में से कोई भी गोला नहीं भरता है, तो उस प्रश्न के अंकों का **1/3 भाग (One-Third Negative Marking)** काट लिया जाएगा। • अयोग्यता (Disqualification) की शर्त: यदि किसी अभ्यर्थी ने प्रश्न पत्र के कुल प्रश्नों में से **10% से अधिक प्रश्नों (जैसे 150 में से 16 से अधिक प्रश्न)** में कोई भी गोला नहीं भरा, तो उसे उस परीक्षा के लिए पूर्णतः अयोग्य (Disqualified) घोषित कर दिया जाएगा। • अतिरिक्त समय: 5वें गोले को भरने और पुनः जांचने के लिए परीक्षा के निर्धारित समय के अतिरिक्त **10 मिनट का अतिरिक्त समय** दिया जाता है।
  • राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम (Anti-Cheating Law): • मूल अधिनियम: राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2022 (Rajasthan Public Examination Act, 2022)। • 2023 संशोधन के कठोर दंड प्रावधान (Exam High-Yield): - पेपर लीक या संगठित नकल गिरोह में संलिप्त पाए जाने पर **आजीवन कारावास (Life Imprisonment)** तक की सजा। - न्यूनतम 10 लाख रुपये से लेकर **10 करोड़ रुपये तक का आर्थिक जुर्माना**। - दोषियों की अचल संपत्ति की जब्ती और कुर्की का कानूनी प्रावधान। - अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले परीक्षार्थी को आगामी परीक्षाओं से 3 से 5 वर्ष हेतु डिबार (प्रतिबंधित) करना।
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SUYOG ACADEMY ["GEOGRAPHY"

राजस्थान जल संसाधन एवं मरुस्थल की जीवन रेखा: "इंदिरा गांधी नहर परियोजना" (IGNP) — कँवर सेन का विजन, हरिके बैराज, मुख्य नहर, 7 प्रमुख लिफ्ट नहरें, सेम की समस्या व आधुनिक कमांड क्षेत्र

23 अक्टूबर 2026 को राजस्थान जल संसाधन विभाग और इंदिरा गांधी नहर बोर्ड (IGNB) द्वारा पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों

  • इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: • उपनाम: **'मरुगंगा'** एवं **'पश्चिमी राजस्थान की जीवन रेखा' (Lifeline of Western Rajasthan)**। • मूल नाम: प्रारंभ में इसका नाम 'राजस्थान नहर' (Rajasthan Canal) था। 2 नवंबर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की स्मृति में इसका नाम बदलकर **'इंदिरा गांधी नहर परियोजना' (IGNP)** किया गया। • योजनाकार / स्वप्नदृष्टा: बीकानेर रियासत के मुख्य सिंचाई अभियंता **रायबहादुर कँवर सेन (Kanwar Sain)**। इन्होंने 1948 में ऐतिहासिक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी: *"बीकानेर राज्य में पानी की आवश्यकता" (Water Requirements of Bikaner State)*। • शिलान्यास: **31 मार्च 1958** को भारत के तत्कालीन गृहमंत्री **गोविंद वल्लभ पंत** द्वारा। • प्रथम बार जल प्रवाह: 11 अक्टूबर 1961 को उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा नौरंगदेसर वितरिका (हनुमानगढ़) में जल प्रवाहित कर प्रारंभ हुआ।
  • उद्गम एवं नहर प्रणाली की संरचना (Engineering Framework): • उद्गम स्थल: पंजाब के फिरोजपुर में **सतलुज और व्यास नदियों के संगम पर स्थित 'हरिके बैराज' (Harike Barrage, निर्मित 1952)** से। • नहर के दो प्रमुख भाग: 1. **राजस्थान फीडर (Rajasthan Feeder)**: - कुल लंबाई: **204 किलोमीटर** (170 किमी पंजाब व हरियाणा में + 34 किमी राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के मसीतांवाली हेड तक)। - विशेषता: इस भाग से किसी भी प्रकार की सिंचाई या जल निकासी नहीं होती; यह केवल जल परिवहन का कार्य करता है। 2. **मुख्य नहर (Main Canal)**: - कुल लंबाई: **445 किलोमीटर** (मसीतांवाली हेड, हनुमानगढ़ से मोहनगढ़, जैसलमेर तक)। - उप-शाखा विस्तार: मोहनगढ़ से आगे **बाबा रामदेव शाखा (बरकतुल्लाह खान शाखा)** के रूप में गडरा रोड, बाड़मेर (जीरो पॉइंट) तक विस्तार।
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SUYOG ACADEMY ["SCIENCE"

मौलिक विज्ञान, रसायन शास्त्र एवं परमाणु भौतिकी: "राष्ट्रीय मोल दिवस" (23 अक्टूबर) — आवोगाद्रो स्थिरांक (6.022 × 10²³ mol⁻¹), मोल संकल्पना की 2019 नई एसआई परिभाषा व आदर्श गैस नियम

प्रतिवर्ष 23 अक्टूबर को विज्ञान जगत में "राष्ट्रीय मोल दिवस" (National Mole Day) के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस रसायन

  • मोल दिवस एवं आवोगाद्रो स्थिरांक की पृष्ठभूमि: • आवोगाद्रो संख्या का मान: **$N_A = 6.02214076 \times 10^{23} \text{ कण/मोल}$** (परमाणु, अणु, आयन या इलेक्ट्रॉन)। • नामकरण: इतालवी वैज्ञानिक **अमेदेओ आवोगाद्रो (Amedeo Avogadro, 1776–1856)** के सम्मान में फ्रांसीसी भौतिक विज्ञानी जीन बैपटिस्ट पेरिन (Jean Baptiste Perrin) ने 1909 में इस नियतांक का नाम 'आवोगाद्रो संख्या' प्रस्तावित किया। • आवोगाद्रो का नियम (Avogadro's Law - 1811): "समान तापमान और दबाव की परिस्थितियों में, सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की संख्या समान होती है" ($V \propto n$)।
  • मोल (Mole) की आधुनिक परिभाषा (2019 SI Redefinition): • पुरानी परिभाषा (2019 से पूर्व): किसी पदार्थ का एक मोल वह मात्रा थी जिसमें कार्बन-12 ($^{12}C$) के ठीक 0.012 किलोग्राम (12 ग्राम) में उपस्थित परमाणुओं जितनी संख्या में प्राथमिक कण उपस्थित हों। • **नई एसआई परिभाषा (20 मई 2019 से प्रभावी)**: - अंतरराष्ट्रीय बाट एवं माप ब्यूरो (BIPM) द्वारा मोल को सीधे आवोगाद्रो स्थिरांक के निश्चित संख्यात्मक मान **$6.02214076 \times 10^{23}$** द्वारा पुनर्परिभाषित किया गया। अब यह किसी भौतिक प्रोटोटाइप पर निर्भर नहीं है। • मोल पदार्थ की मात्रा (Amount of Substance) की एसआई आधारभूत इकाई (SI Base Unit) है।
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SUYOG ACADEMY दैनिक क्विज़ चुनौती

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