SUYOG ACADEMY दैनिक करंट अफेयर्स 2026

21 अक्टूबर 2026 का संपूर्ण करंट अफेयर्स

राजस्थान व राष्ट्रीय परीक्षा विशेष समसामयिकी के मुख्य बिंदु

  • RPSC, RSMSSB, CET, पटवारी व पुलिस परीक्षा हेतु
  • महत्वपूर्ण योजनाएं, पुरस्कार व समसामयिक घटनाएं
  • विस्तृत व्याख्या व दैनिक अभ्यास क्विज़ उपलब्ध
⚡ 2 मिनट में पढ़ें आज की टॉप सुर्खियां!
पूरा करंट अफेयर्स पढ़ें →
SUYOG ACADEMY ["POLICE"

राष्ट्रीय सुरक्षा, पुलिस प्रशासन एवं शौर्य दिवस (21 अक्टूबर विशेष): "राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस" (National Police Commemoration Day) — 1959 हॉट स्प्रिंग्स (लद्दाख) शौर्य गाथा, राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (नई दिल्ली) व राजस्थान पुलिस (ध्येय: आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर)

21 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में 67वां "राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस" (National Police Commemoration Day) श्रद्धापूर्वक मन

  • हॉट स्प्रिंग्स (लद्दाख) ऐतिहासिक घटनाक्रम एवं पृष्ठभूमि (Origin of Commemoration Day): • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के अक्साई चिन सीमांत पर समुद्र तल से 16,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित 'हॉट स्प्रिंग्स' (Hot Springs) पोस्ट पर गश्त कर रही सीआरपीएफ (CRPF) की टुकड़ी पर चीनी सैनिकों द्वारा घात लगाकर भारी हमला किया गया। • सर्वोच्च बलिदान: सीआरपीएफ के 10 वीर जवानों ने अंतिम सांस तक लड़ते हुए मातृभूमि की रक्षा में शहादत दी। • राष्ट्रीय संकल्प: जनवरी 1960 में आयोजित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिरीक्षकों (IGP) के वार्षिक सम्मेलन में इन वीर अमर शहीदों की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को 'पुलिस स्मृति दिवस' के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। • राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (चाणक्यपुरी, नई दिल्ली): प्रधानमंत्री द्वारा 21 अक्टूबर 2018 को राष्ट्र को समर्पित; इसमें 30 फीट ऊंचा एकल काले ग्रेनाइट का केंद्रीय पाषाण (Central Sculpture - 238 टन) स्थापित है, तथा 'शौर्य दीवार' (Wall of Valour) पर देश की स्वतंत्रता के बाद से अब तक कर्तव्य निर्वहन में शहीद हुए 36,000 से अधिक पुलिसकर्मियों के नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित हैं।
  • राजस्थान पुलिस संगठन, प्रशासनिक ढांचा एवं ऐतिहासिक तथ्य (RPSC/RSSB High-Yield Facts): • राजस्थान पुलिस का गठन: 16 अप्रैल 1949 को 'राजस्थान पुलिस अध्यादेश 1949' (Rajasthan Police Ordinance) जारी होने के साथ हुआ (विभिन्न रियासती पुलिस बलों का एकीकरण)। • ध्येय वाक्य (Motto): "आमजन में विश्वास, अपराधियों में डर" (Trust in the public, fear in the criminals)। • आधिकारिक प्रतीक चिन्ह (Insignia): विजय स्तंभ (चित्तौड़गढ़ दुर्ग का नौ मंजिला कीर्ति स्तंभ)। • प्रथम पुलिस प्रमुख: - प्रथम पुलिस महानिरीक्षक (IGP): आर. बनर्जी (1949)। - प्रथम पुलिस महानिदेशक (DGP): 1983 में पदनाम परिवर्तन के पश्चात प्रथम डीजीपी रघुनाथ सिंह बने। • प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान: - राजस्थान पुलिस अकादमी (RPA): नेहरू नगर, जयपुर (गृह मंत्रालय द्वारा देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस अकादमियों में पुरस्कृत)। - राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (RPTC): मंडोर, जोधपुर। - मेवाड़ भील कोर (MBC): स्थापना 1841 (मुख्यालय: खेरवाड़ा, उदयपुर)।
विस्तार से पढ़ें →
SUYOG ACADEMY ["HISTORY"

आधुनिक भारतीय इतिहास एवं स्वतंत्रता संग्राम (21 अक्टूबर ऐतिहासिक वर्षगांठ): "आज़ाद हिंद सरकार" की 83वीं स्थापना वर्षगांठ (21 अक्टूबर 1943 - सिंगापुर) — नेताजी सुभाष चंद्र बोस, INA, रानी झांसी रेजिमेंट, अंडमान-निकोबार (शहीद व स्वराज द्वीप)

21 अक्टूबर 2026 को भारत की पहली स्वतंत्र अंतरिम सरकार "आरज़ी हुकूमते आज़ाद हिंद" (Provisional Government of Free India)

  • आज़ाद हिंद सरकार की स्थापना एवं स्वरूप (Core Modern History Facts): • उद्घोषणा तिथि एवं स्थल: 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर के कैथे थिएटर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा। • सरकार का स्वरूप: यह एक 'निर्वासित अंतरिम सरकार' (Government in Exile) थी, जिसके पास अपनी सेना (INA), बैंक, मुद्रा, डाक टिकट, राष्ट्रगान ("शुभ सुख चैन की बरखा बरसे") और नागरिक संहिता थी। • नेताजी का पदभार: नेताजी सुभाष चंद्र बोस इस अंतरिम सरकार के राज्य प्रमुख (Head of State), प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और युद्ध मंत्री (सर्वोच्च सेनापति) थे। • 9 देशों द्वारा मान्यता: जापानी साम्राज्य ने इसे तुरंत मान्यता दी; इसके बाद जर्मनी, इटली, क्रोएशिया, बर्मा, थाईलैंड, नानकिंग (चीन), फिलीपींस और मंचूरिया सहित 9 स्वतंत्र राष्ट्रों ने इसे भारत की संप्रभु सरकार स्वीकार किया। • आज़ाद हिंद बैंक: अप्रैल 1944 में बर्मा (रंगून) में स्थापित किया गया, जिसकी अपनी मुद्रा थी।
  • आज़ाद हिंद फौज (INA) का गठन एवं ब्रिगेड संरचना (Exam High-Yield): • प्रारंभिक विचार: कैप्टन मोहन सिंह द्वारा मलाया अभियान में जापानी सेना के मेजर फुजीवारा के सहयोग से भारतीय युद्धबंदियों को लेकर (मार्च 1942 में टोक्यो सम्मेलन)। • रासबिहारी बोस का योगदान: इंडियन इंडिपेंडेंस लीग के अध्यक्ष रासबिहारी बोस ने जून 1942 (बैंकॉक सम्मेलन) में INA के गठन को औपचारिक रूप दिया और जुलाई 1943 में सिंगापुर में इसका सर्वोच्च नेतृत्व नेताजी सुभाष चंद्र बोस को सौंप दिया। • सैन्य ब्रिगेड एवं कमान: - 1. सुभाष ब्रिगेड (कमांडर: शाहनवाज़ खान) - 2. गांधी ब्रिगेड (कमांडर: इनायत कियानी) - 3. नेहरू ब्रिगेड (कमांडर: अजीज अहमद खान) - 4. **रानी झांसी रेजिमेंट** (विश्व की प्रथम पूर्णतः महिला सैन्य लड़ाकू वाहिनी — कमांडर: **कैप्टन लक्ष्मी सहगल / स्वामीनाथन**)।
विस्तार से पढ़ें →
SUYOG ACADEMY ["SCIENCE"

लोक स्वास्थ्य, पोषण एवं अनुप्रयुक्त जीव विज्ञान (21 अक्टूबर विशेष दिवस): "विश्व आयोडीन अल्पता विकार निवारण दिवस" (Global Iodine Deficiency Disorders Prevention Day) — थायरॉइड ग्रंथि, थायरोक्सिन हार्मोन, NIDDCP कार्यक्रम, घेंघा (Goitre) व नमक का आयोडनीकरण (FSSAI मानक)

21 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW), विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) तथा यूनिसेफ (UNICEF) के संय

  • आयोडीन का शारीरिक महत्व एवं अंतःस्रावी जैव-रसायन (Endocrine Biochemistry - Core Science): • थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid Gland): मानव शरीर की सबसे बड़ी अंतःस्रावी (Endocrine) ग्रंथि है, जो श्वासनली (Trachea) के दोनों ओर H-आकार (द्विपालिक/Bilobed) में स्थित होती है। • उत्सर्जित हार्मोन: - थायरोक्सिन / टेट्रा-आयोडोथायरोनिन (T4 - लगभग 80%) - ट्राई-आयोडोथायरोनिन (T3 - लगभग 20%, अधिक सक्रिय रूप)। • जैव-संश्लेषण: इन हार्मोनों के निर्माण हेतु 'टायरोसिन' (Tyrosine) अमीनो अम्ल तथा अकार्बनिक 'आयोडीन' अनिवार्य घटक हैं। थायरोक्सिन अणु में लगभग 65% द्रव्यमान आयोडीन का होता है। • प्रमुख कार्य: आधारीय उपापचय दर (Basal Metabolic Rate - BMR) का नियंत्रण, शारीरिक व मानसिक विकास, तंत्रिका तंत्र का परिपक्वन तथा कार्बोहाइड्रेट-वसा का उपापचय। • दैनिक अनुशंसित मात्रा (RDA): एक सामान्य वयस्क हेतु प्रतिदिन 150 माइक्रोग्राम (μg), तथा गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाओं हेतु 220–250 माइक्रोग्राम।
  • आयोडीन की कमी से होने वाले प्रमुख विकार एवं लक्षण (High-Yield Biology Questions): • 1. घेंघा या गलगंड (Simple Goitre): आयोडीन की कमी होने पर थायरोक्सिन संश्लेषण घट जाता है, जिससे TSH (थायरॉइड प्रेरक हार्मोन) के प्रभाव में थायरॉइड ग्रंथि असामान्य रूप से फूलकर बड़ी हो जाती है। • 2. क्रेटिनिज़्म (Cretinism / जड़वामनता): बाल्यावस्था या भ्रूणावस्था में आयोडीन/थायरोक्सिन की गंभीर कमी से बच्चों में शारीरिक बौनापन, मानसिक मंदता (कम आईक्यू), जीभ का बाहर निकलना और मूक-बधिरता (Deaf-mutism) हो जाती है। • 3. मिक्सोएडिमा (Myxoedema / गुल्मशोफ): वयस्कों में थायरोक्सिन की कमी से उपापचय दर (BMR) में भारी गिरावट, त्वचा का रूखा व पीला होना, सुस्ती, वजन बढ़ना और चेहरे पर सूजन। • 4. हाशिमोटो का रोग (Hashimoto's Thyroiditis): इसे 'थायरॉइड की आत्महत्या' (Suicide of Thyroid) कहा जाता है; यह एक स्व-प्रतिरक्षी (Autoimmune) रोग है जिसमें शरीर के एंटीबॉडीज स्वयं थायरॉइड ग्रंथि को नष्ट कर देते हैं।
विस्तार से पढ़ें →
SUYOG ACADEMY ["CULTURE"

राजस्थान हस्तशिल्प नीति 2022 एवं पारंपरिक वस्त्र उद्योग: "दाबू प्रिंट" (अकोला, चित्तौड़गढ़), सांगानेरी व बगरू छपाई, कोटा डोरिया — जीआई टैग (GI Tag), प्राकृतिक रंग व क्राफ्ट क्लस्टर

21 अक्टूबर 2026 को राजस्थान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा राजस्थान हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा "राजस्थान हस्तशिल्प नीति

  • राजस्थान हस्तशिल्प नीति 2022 (Rajasthan Handicraft Policy 2022 - Exam Core): • अधिसूचना तिथि: 17 सितंबर 2022 को राजस्थान एमएसएमई नीति 2022 के साथ जारी (राजस्थान की पहली स्वतंत्र हस्तशिल्प नीति)। • नोडल विभाग: उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकार। • मुख्य प्रावधान: - प्रतिवर्ष दिसंबर माह में जयपुर में राष्ट्रीय स्तर के 'राजस्थान हस्तशिल्प सप्ताह' (Handicrafts Week) का आयोजन। - हस्तशिल्पियों को डिजिटल क्राफ्ट कार्ड जारी करना और ₹3 लाख तक के ऋण पर 100% ब्याज अनुदान। - विलुप्त हो रही पारंपरिक कलाओं के पुनरुद्धार हेतु ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता।
  • राजस्थान के प्रमुख पारंपरिक वस्त्र प्रिंट एवं दाबू कला (Repeated Questions in RSMSSB/RPSC): • 1. दाबू प्रिंट (अकोला, चित्तौड़गढ़): - बेड़च नदी के किनारे स्थित 'छीपों का अकोला' दाबू छपाई का विश्व प्रसिद्ध केंद्र है। - 'दाबू' का अर्थ: कपड़े के जिस भाग पर रंग नहीं चढ़ाना हो, उसे विशेष लेई/लुगदी से दबाकर सुरक्षित करना। - **विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्ट दाबू (Most Confusing Exam Match)**: - *मिट्टी का दाबू*: बालोतरा (बाड़मेर/बालोतरा)। - *गोंद का दाबू*: चौहटन (बाड़मेर) और सवाई माधोपुर। - *मोम का दाबू*: सवाई माधोपुर और जोधपुर। - *गेंहू के बींधन (आटे) का दाबू*: बगरू व सांगानेर (जयपुर)। • 2. सांगानेरी प्रिंट (सांगानेर, जयपुर - GI Tag 2010): - सफेद या हल्के बादामी पृष्ठभूमि पर बारीक लाल, पीले व काले रंग के प्राकृतिक बेल-बूटे। नामदेवी छीपे इसके सिद्धहस्त कारीगर हैं। • 3. बगरू प्रिंट (बगरू, जयपुर - GI Tag 2011): - मटमैली (Off-White) पृष्ठभूमि पर मुख्य रूप से काले (स्याही) और लाल (बेगर) रंगों की लकड़ी के ठप्पों (Wooden Blocks) से छपाई। इसमें हरड़, फिटकरी, लोहे की जंग जैसे 100% प्राकृतिक वनस्पति रंगों का प्रयोग होता है। • 4. अजरक व मलीर प्रिंट (बाड़मेर/बालोतरा): - *अजरक प्रिंट*: लाल और नीले रंग का प्रधान प्रयोग, दोनों तरफ (Double-sided) ज्यामितीय छपाई, खत्री जाति के कारीगर। - *मलीर प्रिंट*: कत्थई (Brown) और काले रंग की एकतरफा छपाई। • 5. कोटा डोरिया (कैथून, कोटा - GI Tag 2005): - 'मसूरिया साड़ी' के नाम से विख्यात। कोटा के राव किशोर सिंह द्वारा 17वीं सदी में मैसूर से उस्ताद मंसूर खान को कोटा लाकर इसे संरक्षण दिया गया था। चौकोर जालियों (Khats - 300 से अधिक खट) से युक्त महीन बुनाई।
विस्तार से पढ़ें →
SUYOG ACADEMY दैनिक क्विज़ चुनौती

आज का करंट अफेयर्स टेस्ट दें!

क्या आप आज के सभी प्रश्नों का सही उत्तर दे सकते हैं?

  • ⚡ 10 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)
  • 🏆 ऑल-राजस्थान रैंक व लीडरबोर्ड स्कोर
  • 📲 फ्री PDF डाउनलोड व WhatsApp शेयरिंग
🎯 सुयोग अकादमी पर 1-क्लिक में शुरू करें!
फ्री टेस्ट हल करें →