SUYOG ACADEMY दैनिक करंट अफेयर्स 2026

13 अक्टूबर 2026 का संपूर्ण करंट अफेयर्स

राजस्थान व राष्ट्रीय परीक्षा विशेष समसामयिकी के मुख्य बिंदु

  • RPSC, RSMSSB, CET, पटवारी व पुलिस परीक्षा हेतु
  • महत्वपूर्ण योजनाएं, पुरस्कार व समसामयिक घटनाएं
  • विस्तृत व्याख्या व दैनिक अभ्यास क्विज़ उपलब्ध
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SUYOG ACADEMY ["GEOGRAPHY"

पर्यावरण, आपदा प्रबंधन एवं वैश्विक सम्मेलन: "अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस" (13 अक्टूबर 2026) — सेंडाई फ्रेमवर्क (2015-2030), आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, NDMA, राजस्थान SDMA व "आपदा मित्र"

प्रतिवर्ष 13 अक्टूबर को विश्व स्तर पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा "अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस" (International Da

  • अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस एवं सेंडाई फ्रेमवर्क (UPSC/RAS Core): • इतिहास एवं शुरुआत: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) द्वारा 1989 में प्राकृतिक आपदा न्यूनीकरण को बढ़ावा देने हेतु इस दिवस की शुरुआत की गई। • 2026 का वैश्विक विज़न: "आपदा-सहिष्णु भविष्य हेतु प्रारंभिक चेतावनी एवं सशक्त समुदाय" (Early Warning and Resilient Communities for a Safer Tomorrow)। • सेंडाई फ्रेमवर्क 2015–2030 (Sendai Framework): - जापान के सेंडाई (मियागी प्रांत) में आयोजित तीसरे संयुक्त राष्ट्र विश्व सम्मेलन (मार्च 2015) में अंगीकृत; यह ह्योगो फ्रेमवर्क (Hyogo Framework for Action 2005-2015) का स्थान लेता है। - 4 प्राथमिकताएं (4 Priorities): 1. आपदा जोखिम को समझना, 2. आपदा जोखिम प्रबंधन को सुदृढ़ करना, 3. आपदा सहिष्णुता में निवेश, 4. 'बेहतर पुनर्निर्माण' (Build Back Better) हेतु आपदा पूर्व तैयारी। - 7 वैश्विक लक्ष्य (Sendai Seven Targets): आपदा से होने वाली वैश्विक मृत्यु दर, प्रभावित जनसंख्या और प्रत्यक्ष आर्थिक नुकसान में 2030 तक उल्लेखनीय कमी लाना।
  • भारत में आपदा प्रबंधन का विधिक एवं संस्थागत ढांचा (High-Yield Facts): • आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 (Disaster Management Act - DMA, 2005): - 26 दिसंबर 2004 की हिंद महासागर सुनामी के बाद 23 दिसंबर 2005 को पारित। - धारा 3: राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) का गठन; अध्यक्ष: भारत के प्रधानमंत्री (अधिकतम 9 सदस्य)। - धारा 8: राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC); अध्यक्ष: केंद्रीय गृह सचिव। - धारा 14: राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA); अध्यक्ष: संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री। - धारा 25: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA); अध्यक्ष: जिला कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट (सह-अध्यक्ष: जिला परिषद अध्यक्ष)। • राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF): - DMA 2005 की धारा 44 के तहत स्थापित एक विशेष बहु-कुशल बल; मुख्यालय: नई दिल्ली; आदर्श वाक्य: 'आपदा सेवा सदैव सर्वत्र'।
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राष्ट्रीय अवसंरचना एवं आर्थिक नियोजन: "पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान" (13 अक्टूबर 2021 शुभारंभ) के 5 वर्ष — 7 इंजन, यूलिप (ULIP), पश्चिमी समर्पित माल गलियारा (WDFC) व राजस्थान में लॉजिस्टिक्स पार्क

13 अक्टूबर 2026 को भारत सरकार के बुनियादी ढांचा कायाकल्प के ऐतिहासिक मंच "पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान" (PM Gat

  • पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के प्रमुख आधार स्तंभ (UPSC/RAS Core): • शुभारंभ: 13 अक्टूबर 2021 को; कुल बजट परिकल्पना: ₹100 लाख करोड़। • उद्देश्य: विभिन्न मंत्रालयों (सड़क, रेल, बंदरगाह, नागरिक उड्डयन, पेट्रोलियम, बिजली आदि) के बीच 'साइलो' (विभागीय अलगाव) को समाप्त करना और एकीकृत योजना बनाना। • 7 प्रमुख इंजन (Seven Engines): 1. सड़कें (Roads), 2. रेलवे (Railways), 3. हवाई अड्डे (Airports), 4. बंदरगाह (Ports), 5. सार्वजनिक परिवहन (Mass Transport), 6. जलमार्ग (Waterways), 7. लॉजिस्टिक्स अवसंरचना (Logistics Infrastructure)। • तकनीकी विकासकर्ता: भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (BISAG-N, गांधीनगर, गुजरात) द्वारा स्वदेशी उपग्रह इमेजरी आधारित विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म। • नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (NPG): सभी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का तकनीकी व लॉजिस्टिक परीक्षण करने वाली सर्वोच्च समिति।
  • राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (National Logistics Policy - NLP 2022): • शुभारंभ: 17 सितंबर 2022 को; लक्ष्य: भारत में लॉजिस्टिक्स लागत को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 14% से घटाकर वैश्विक मानकों के अनुरूप 8-9% तक लाना। • यूलिप (ULIP - Unified Logistics Interface Platform): 7 मंत्रालयों के 34 डिजिटल सिस्टमों और 100+ एपीआई को एकीकृत कर माल ढुलाई का पारदर्शी डिजिटल ट्रैकिंग समाधान। • ई-लॉग्स (e-Logs): उद्योगों के लिए लॉजिस्टिक्स संबंधी शिकायतों और बाधाओं के त्वरित निवारण हेतु डिजिटल पोर्टल।
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वैश्विक अर्थव्यवस्था एवं बौद्धिक उपलब्धियां: "अर्थशास्त्र का नोबेल मेमोरियल पुरस्कार" (Sveriges Riksbank Prize) — संस्थागत अर्थशास्त्र, आर्थिक संवृद्धि में संस्थानों की भूमिका, प्रो. अमर्त्य सेन व अभिजीत बनर्जी

अक्टूबर 2026 के मध्य में रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज (स्टॉकहोम, स्वीडन) द्वारा अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिए जाने वा

  • अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार की पृष्ठभूमि एवं विधिक स्वरूप (UPSC Core): • औपचारिक नाम: 'अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में आर्थिक विज्ञान में स्वेरिगेस रिक्सबैंक पुरस्कार' (Sveriges Riksbank Prize in Economic Sciences in Memory of Alfred Nobel)। • स्थापना: यह मूल 1895 की अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत का हिस्सा नहीं था; इसे 1968 में स्वीडन के केंद्रीय बैंक 'स्वेरिगेस रिक्सबैंक' (विश्व का सबसे पुराना केंद्रीय बैंक - स्थापना 1668) द्वारा अपनी 300वीं वर्षगांठ पर स्थापित किया गया। • प्रथम पुरस्कार: वर्ष 1969 में राग्नार फ्रिश (Ragnar Frisch, नॉर्वे) और जान टिनबर्गेन (Jan Tinbergen, नीदरलैंड) को आर्थिक प्रक्रियाओं के विश्लेषण हेतु गतिशील मॉडल विकसित करने के लिए दिया गया। • चयन संस्था: रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज, स्टॉकहोम (Royal Swedish Academy of Sciences)।
  • संस्थागत अर्थशास्त्र एवं विकास के प्रमुख सिद्धांत (Exam High-Yield): • समावेशी संस्थान (Inclusive Institutions): कानून का शासन, संपत्ति के अधिकार की सुरक्षा, स्वतंत्र न्यायपालिका और नागरिकों को नवाचार व निवेश के समान अवसर प्रदान करने वाली संस्थाएं जो सतत आर्थिक समृद्धि लाती हैं। • शोषक संस्थान (Extractive Institutions): सत्ता और संसाधनों को मुट्ठी भर अभिजात वर्ग (Elites) के हाथों में केंद्रित करने वाली संस्थाएं जो नवाचार को दबाती हैं और दीर्घकालिक दरिद्रता का कारण बनती हैं। • ऐतिहासिक संदर्भ: दारोन ऐसेमोग्लू, साइमन जॉनसन और जेम्स रॉबिन्सन की विख्यात पुस्तक 'व्हाई नेशंस फेल' (Why Nations Fail) ने उपनिवेशवाद के संस्थागत प्रभावों को उजागर किया।
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SUYOG ACADEMY ["GEOGRAPHY"

राजस्थान ऊर्जा, पर्यावरण एवं हरित क्रांति: राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा परिदृश्य — 24+ GW सौर ऊर्जा के साथ देश में शीर्ष, PM-KUSUM घटक-ए में प्रथम, भड़ला सोलर पार्क (2,245 MW) व ग्रीन कॉरिडोर

13 अक्टूबर 2026 को राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL) द्वारा जारी नवीनतम ऊर्जा उत्पादन आंकड़ों के अनुसार, राजस्था

  • राजस्थान का सौर व नवीकरणीय ऊर्जा परिदृश्य (RPSC Exam Favorite): • कुल स्थापित सौर क्षमता: 24,000+ मेगावाट (भारत में प्रथम स्थान; गुजरात दूसरे स्थान पर)। • कुल नवीकरणीय ऊर्जा (पवन + सौर + बायोमास): 30,000+ मेगावाट पार। • सौर ऊर्जा नीति 2019 एवं आगामी लक्ष्य: वर्ष 2030 तक 90 GW सौर ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य। • अनुकूल भौगोलिक कारक: राजस्थान में प्रतिवर्ष 325 से अधिक धूप वाले दिन (Sunny Days), थार मरुस्थल में उच्च सौर विकिरण (6-7 kWh/वर्ग मीटर/दिन) और विपुल बंजर भूमि की उपलब्धता।
  • PM-KUSUM योजना (Pradhan Mantri Kisan Urja Suraksha evam Utthaan Mahabhiyan): • शुभारंभ: मार्च 2019 (नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय - MNRE द्वारा); उद्देश्य: किसानों को ऊर्जा सुरक्षा और अतिरिक्त आय प्रदान करना। • तीन प्रमुख घटक (Three Components): - घटक-ए (Component-A): बंजर/कृषि भूमि पर 500 किलोवाट (0.5 MW) से 2 मेगावाट क्षमता के ग्रिड-कनेक्टेड सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना। * उपलब्धि: राजस्थान पूरे देश में घटक-ए की स्थापना में प्रथम स्थान पर है। * ऐतिहासिक तथ्य: देश का पहला PM-KUSUM घटक-ए सौर ऊर्जा संयंत्र भालोजी (कोटपूतली-बहरोड़) में स्थापित किया गया था (क्षमता: 1 MW)। - घटक-बी (Component-B): ग्रिड-विहीन क्षेत्रों में किसानों को स्टैंडअलोन सोलर कृषि पंप स्थापित करने हेतु 60% तक सरकारी अनुदान। - घटक-सी (Component-C): मौजूदा ग्रिड-कनेक्टेड कृषि पंपों का सोलराइजेशन करना (फीडर लेवल सोलराइजेशन)।
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